बूंदी Bundi: दो वर्षों में दो बार मृत घोषित कर बंद कर दी पेंशन, जिम्मेदारों के सामने खड़ी होकर दे रही जिंदा होने का प्रमाण

Bundi: दो वर्षों में दो बार मृत घोषित कर बंद कर दी पेंशन, जिम्मेदारों के सामने खड़ी होकर दे रही जिंदा होने का प्रमाण

Bundi: दो वर्षों में दो बार मृत घोषित कर बंद कर दी पेंशन, जिम्मेदारों के सामने खड़ी होकर दे रही जिंदा होने का प्रमाण

बूंदी: सरकार भले की विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं चलाकर गरीब, वृद्ध और असहायों के लिए मददगार साबित हो रही है. परंतु सिस्टम के कई लापरवाह कर्मियों की अनदेखी से बुजुर्गों को कार्यालयों की ठोकरे खानी पड़ रही है. उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. महिला केशवरायपाटन उपखण्ड के बलकासा गांव की रहने वाली है. वृद्ध महिला जानकी बाई मीणा को सिस्टम के लापरवाहों ने दो वर्षों में दो बार मृत घोषित कर पेंशन (Pension Yojana) बंद कर दी. एक बार तो पुनः सुचारू हो गई परन्तु दूसरी बार बंद हुई पेंशन अब नहीं मिल पा रही है. 

करीब 7 माह से बन्द पेंशन के लिए महिला ने ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति तक चक्कर लगाए पर कोई सुनने को तैयार नहीं है. केशवरायपाटन उपखण्ड की बलकासा ग्राम पंचायत की एक ऐसी वृद्ध महिला हैं जो जिंदा हैं लेकिन प्रशासन के पोर्टल पर उसे मृत बताया गया है. पोर्टल पर मृत बताने के कारण पेंशन का लाभ महिला को नहीं मिल पा रहा है. महिला ने क्षेत्रीय विधायक चंद्रकांता मेघवाल से गुहार लगाई है. जानकारी अनुसार बलकासा निवासी जानकी बाई मीणा वृद्धा पेंशन पाने की हकदार है लेकिन ग्राम पंचायत के ही जिम्मेदार अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन में महिला को मृत बता दिया. इससे महिला की करीब 7 माह से पेंशन बंद हो गई. 

पोर्टल पर महिला को मृत दर्शाया गया:

पेंशन नहीं आने से परेशान महिला और उसके पुत्र ने कई दफा ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई. जब पेंशन नहीं मिली तो ऑनलाइन पोर्टल से जानकारी प्राप्त की गई जहां पोर्टल पर महिला को मृत दर्शाया गया. गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली यह वृद्ध महिला सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन की हकदार है लेकिन सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर मृत बता देने से अब दर-दर की ठोकरे खाकर खुद के जीवित होने का प्रमाण दे रही है. गौरतलब है कि इसी वृद्धा को वर्ष 2020 में भी मृत बता पेंशन बंद कर दी थी. हालांकि करीब 4-5 माह बाद वो सुचारू हो गई थी. परन्तु इस बार बंद हुई पेंशन फिर से शुरू नहीं हो पा रही है. महिला ने पेंशन जारी करवाने की मांग की है.

और पढ़ें