रांची By Election: देश में तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा में वोटिंग जारी

By Election: देश में तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा में वोटिंग जारी

By Election: देश में तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा में वोटिंग जारी

रांची: झारखंड की मांडर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया. एक निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अपने मताधिकारों का प्रयोग कर सकेंगे: 
अधिकारी ने बताया कि 433 केंद्रों पर मतदान हो रहा है, जो शाम चार बजे तक चलेगा. उपचुनाव में 3.54 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकारों का प्रयोग कर सकेंगे, इनमें 1.75 लाख महिलाएं शामिल हैं. मतगणना 26 जून को होगी.

मतदान के मद्देनजर झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी), केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआपीएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सहित 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

अयोग्य घोषित कर दिया गया था:
भ्रष्टाचार के मामले में विधायक बंधु टिरके को दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है.

वहीं, पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के वास्ते बृहस्पतिवार सुबह मतदान शुरू हो गया. विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद इसे सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की पहली परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम छह बजे तक चलेगा. 

लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था:
संगरूर लोकसभा क्षेत्र में 15,69,240 मतदाता हैं, जिनमें 8,30,056 पुरुष, 7,39,140 महिलाएं और 44 ट्रांसजेंडर हैं. कुल 16 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 2014 और 2019 में संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. हाल में धूरी सीट से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

सिमरनजीत सिंह मान भी चुनावी मैदान में हैं:
आप ने पार्टी के संगरूर जिला प्रभारी गुरमेल सिंह, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने धूरी के पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी, भाजपा ने बरनाला के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को अपना उम्मीदवार बनाया है. शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान भी चुनावी मैदान में हैं.

शाम छह बजे तक जारी रहेगा:
उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीटों पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रारंभ हुआ. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने यहां बताया कि मतदान सुबह सात बजे प्रारंभ हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा. 

दोनों सीटों पर चुनाव आवश्यक हो गया था:
समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ समझी जाने वाली आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीटों से चुनाव लड़ रहे 19 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला 35 लाख से अधिक मतदाता करेंगे.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा आजमगढ़ सीट से त्यागपत्र देने और रामपुर सीट से वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के त्यागपत्र देने से इन दोनों सीटों पर चुनाव आवश्यक हो गया था. अखिलेश यादव और आजम खान इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में विधायक चुने गए.

सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय बलों को दिया गया:
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन सीटों पर चुनाव पर नजर रखने के लिए कई पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. इसके अलावा 291 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 40 जोनल मजिस्ट्रेट और 433 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है. आयोग के मुताबिक, सुरक्षित और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय और राज्य के बल तैनात किए गए हैं. ईवीएम और स्ट्रांगरूम की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय बलों को दिया गया है.

छह उम्मीदवार रामपुर से चुनाव लड़ रहे हैं:
अधिकारियों के मुताबिक, आजमगढ़ से 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जहां 18.38 लाख मतदाता हैं. वहीं छह उम्मीदवार रामपुर से चुनाव लड़ रहे हैं जहां 17.06 लाख मतदाता हैं. रामपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घनश्याम सिंह लोधी को मैदान में उतारा है जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि सपा ने असीम रजा को मैदान में उतारा है. मायावती की अगुवाई वाली बसपा रामपुर से चुनाव नहीं लड़ रही है.

आजमगढ़ से त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है जहां से भाजपा ने लोकप्रिय भोजपुरी गायक और अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को मैदान में उतारा है. वहीं सपा से धर्मेंद्र यादव और बसपा से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली मैदान में हैं.

हाल के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी चार विधानसभा सीटों- मुबारकपुर, सागदी, गोपालपुर और मेहनगर पर सपा ने जीत हासिल की थी. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सपा ने बसपा के गठबंधन में चुनाव लड़ा था और अखिलेश यादव इस सीट पर चुनाव जीते थे. उस चुनाव में अखिलेश यादव को 6.21 लाख मत मिले थे, जबकि भाजपा के दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को 3.61 लाख मत मिले थे. सोर्स-भाषा 


 

और पढ़ें