मुजफ्फरपुरः बालिका गृह यौन शोषण कांड में CM नीतीश की भूमिका के जांच के आदेश

मुजफ्फरपुरः बालिका गृह यौन शोषण कांड में CM नीतीश की भूमिका के जांच के आदेश

पटना। बिहार के चर्चित केस बालिका गृह यौन शोषण कांड में कोर्ट ने CM नीतीश की भूमिका की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा कोर्ट ने मामले में प्रधान सचिव की भूमिका को जांचने का आदेश दिया है। विदित हो कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 29 बच्चियों के यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज खुलासे के बाद घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे हैं।

यहां लड़कियों का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता था। सात साल की बच्ची तक को दरिंदों ने नहीं छोड़ा था। वह बच्ची बोल नहीं पा रही है। एक लड़की ने तो अपनी सहेली की हत्‍या कर शव को परिसर में ही दफना दिए जाने की भी बात कही है। 

देश को हिला देने वाले इस सनसनीखेज मामले में स्‍वयंसेवी संस्‍था 'सेवा संकल्प एवं विकास समिति' के संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत 10 आरोपी जेल में हैं, जबकि एक फरार है। आरोपितों में आठ महिलाएं भी शामिल हैं। इस मामले में राजनीतिक रसूख वाले कई सफेदपोश भी शामिल बताए जा रहे हैं। 

मालूम हो, सर्वोच्च न्यायालय ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले का ट्रायल अब दिल्ली के साकेत कोर्ट में कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में सारे रिकॉर्ड ट्रांसफर हो जाएं और ट्रायल छह महीने में पूरा हो जाना चाहिए। अब साकेत की पॉक्सो कोर्ट में मामला चलेगा। कोर्ट ने कहा कि इस मामले का ट्रायल बिहार से बाहर करना निष्पक्ष और स्वतंत्र ट्रायल के लिए जरूरी है।

बतादें, पिछली सुनवाई ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मामले में नीतीश सरकार के बाद सीबीआई को फटकार लगाई थी। सीबीआई को लताड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप हमारे आदेश के साथ खेल रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने उस वक्त के सीबीआई के अंतरिम निदेशक रहे नागेश्वर राव को तलब भी किया ।
 

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