आज ही लिया जा सकता है CBSE 12वीं बोर्ड Exam फैसला, PM Modi करेंगे बैठक

आज ही लिया जा सकता है CBSE 12वीं बोर्ड Exam फैसला, PM Modi करेंगे बैठक

आज ही लिया जा सकता है CBSE 12वीं बोर्ड Exam फैसला, PM Modi करेंगे बैठक

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) थोड़ी देर में 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर एक अहम बैठक करने वाले हैं. सू्त्रों के मुताबिक, इस बैठक में प्रधानमंत्री के सामने परीक्षा कराने के सभी विकल्प (Option) रखे जाएंगे. ये विकल्प राज्य सरकारों और CBSE बोर्ड के साथ लंबी चर्चा के बाद तैयार किए गए हैं. माना जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर आज ही बड़ा फैसला लिया जा सकता है.

12वीं की परीक्षाएं रद्द करे केंद्र सरकार: केजरीवाल
इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि पिछली परफॉर्मेंस (Performance) के आधार पर छात्रों का आकलन किया जाए. केजरीवाल ने कहा कि पैरेंट्स (Parents) परेशान हैं. वो नहीं चाहते हैं कि वैक्सीनेशन किए बिना परीक्षा हो.

केंद्र ने फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट से 2 दिन का वक्त मांगा:
CBSE और ICSE बोर्ड की परीक्षा पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई भी हुई थी. इसमें केंद्र ने कहा था कि वह गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना प्लान पेश करेगा. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप जो भी निर्णय लेंगे, उसके पीछे आपको मजबूत दलील देनी होगी. जस्टिस खानविलकर (Justice Khanwilkar) ने कहा कि छात्रों को बहुत उम्मीद थी कि इस साल भी पिछले साल की तरह परीक्षा नहीं होगी और नंबरिंग के लिए मेथड सिस्टम (Method System) अपनाया जाएगा.

शिक्षा मंत्रालय ने ड्राफ्ट किया तैयार, PMO से हरि झंडी मिलने का इंताजर: 
सूत्रों के अनुसार परीक्षाएं कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इंतजार है तो बस प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की हरी झंडी मिलने का. बैठक आज ही होनी है और इसीलिए कहा जा रहा है कि फैसला भी आज ही लिया जा सकता है. शिक्षा मंत्रालय के 3 प्रपोजल हैं. प्रधानमंत्री इन्हें देखेंगे. इसके अलावा भी किसी तरीके पर विचार किया जा सकता है.

ये है प्रपोजल:
01
. 12वीं के मुख्य विषयों यानी मेजर सब्जेक्ट्स (Major Subjects) का एग्जाम लिया जा सकता है. साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स (Science, Commerce and Arts) के केवल 3 मुख्य विषयों की ही परीक्षा लेने के बाद बाकी सब्जेक्ट्स में मुख्य विषयों पर मिले नंबर्स के आधार पर मार्किंग का फॉर्मूला भी बन सकता है.

02. 30 मिनट की परीक्षाएं होंगी और इनमें ऑब्जेक्टिव सवाल (Objective Questions) पूछे जाएंगे. इस परीक्षा में विषयों की संख्या भी सीमित कर दी जाएगी, पर इसके बारे में स्पष्ट अभी कुछ नहीं बताया गया है.

03. अगर देश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की स्थिति ठीक नहीं होती है तो 9वीं, 10वीं और 11वीं तीनों का इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) किया जाएगा. इसके बाद इसके आधार पर ही 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. पर, इस प्रपोजल को लेकर भी फॉर्मूला अभी साफ नहीं किया गया है.

12 राज्यों चाहते हैं कि 3-4 विषयों की परीक्षा हो, समय भी घटे:
देशभर में 12वीं की परीक्षा को लेकर राज्यों ने अपने सुझाव केंद्र सरकार को भेजे थे. महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, मेघालय, अरुणाचल, तमिलनाडु और राजस्थान ने भी परीक्षा से पहले टीके का सुझाव दिया है. महाराष्ट्र ने ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) की बात भी कही. यूपी, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, असम, हिमाचल, चंडीगढ़, सिक्किम, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार और ओडिशा चाहते हैं कि सिर्फ मुख्य विषयों की परीक्षा हो और परीक्षा का समय कम कर दिया जाए. एग्जाम बच्चों के अपने स्कूल में ही हों.

छात्रों ने लिखी थी चीफ जस्टिस को चिट्ठी:
3 हजार छात्रों ने परीक्षाओं को लेकर करीब एक हफ्ता पहले चीफ जस्टिस एनवी रमना (Justice NV Ramana) को चिट्ठी लिखी थी. कहा था, 'कोरोना के बीच फिजिकल एग्जाम (Physical Exam) कराने का CBSE का फैसला रद्द कर दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट असेसमेंट का वैकल्पिक तरीका तय करने का निर्देश दे. देश में कोविड-19 के चलते कई स्टूडेंट्स ने अपने परिवार वालों को खोया है. ऐसे में इस समय फिजिकली परीक्षा कराना न सिर्फ लाखों छात्रों और टीचर्स की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि उनके परिवार वालों के लिए भी यह परेशानी का सबब है.

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