CBSE 12वीं की बोर्ड परीक्षा, JEE, NIT प्रवेश परीक्षाओं पर फैसला जल्द, Union Education Minister कर रहे हैं बैठक

CBSE 12वीं की बोर्ड परीक्षा, JEE, NIT प्रवेश परीक्षाओं पर फैसला जल्द, Union Education Minister कर रहे हैं बैठक

  CBSE 12वीं की बोर्ड परीक्षा, JEE, NIT प्रवेश परीक्षाओं पर फैसला जल्द, Union Education  Minister कर रहे हैं बैठक

नई दिल्ली: कोरोना महामारी (Covid Epidemic) की दूसरी लहर के बीच CBSE  (Central Board of Secondary Education) 12वीं क्लास में मुख्य विषयों यानी मेजर सब्जेक्ट्स (Major Subjects) का एग्जाम लेने पर विचार कर रहा है. 12वीं में साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स (Science, Commerce and Arts) के केवल 3 मुख्य विषयों की ही परीक्षा लेने पर विचार किया जा रहा है. बाकी सब्जेक्ट्स में मुख्य विषयों पर मिले नंबर्स के आधार पर मार्किंग का फॉर्मूला (Marking Formula) भी बन सकता है.

कोरोना की वजह से एग्जाम नहीं देने वालों को मिलेगा एक और मौका:
यह भी कहा गया है कि जो स्टूडेंट (Students) कोरोना की वजह से एग्जाम नहीं दे पाते हैं, उन्हें एक और मौका मिलना चाहिए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) की अध्यक्षता में रविवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) के साथ मंत्रियों और अधिकारियों की एक हाईलेवल मीटिंग (Highleval Meeting) में 12वीं के एग्जाम और प्रोफेशनल एजुकेशन (Professional Education) के एंट्रेंस टेस्ट पर फैसला हो सकता है. मीटिंग में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर (Union ministers Smriti Irani and Prakash Javadekar) भी शामिल होंगे. सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के चलते 12वीं बोर्ड का एग्जाम टाल दिया था.

एग्जाम को लेकर CBSE के पास 2 विकल्प:
पहला
: सिर्फ मेजर सब्जेक्ट की परीक्षा निर्धारित सेंटर्स पर कराई जा सकती है. इन परीक्षाओं के नंबर्स को आधार बनाकर माइनर सब्जेक्ट (Minor Subjects) में भी नंबर दिए जा सकते हैं. इस विकल्प के तहत परीक्षा करवाने के लिए प्री-एग्जाम (Pre Exam) के लिए 1 महीना, एग्जाम और रिजल्ट डिक्लेयर (Result Declare) करने के लिए 2 महीने और कंपार्टमेंट एग्जाम (Compartment Exam) के लिए 45 दिनों का समय चाहिए होगा. यानी इस विकल्प को तब ही अपनाया जा सकता है, जब CBSE बोर्ड के पास 3 महीने की विंडो हो.

दूसरा: दूसरे विकल्प में सभी सब्जेक्ट्स के एग्जाम के लिए डेढ़ घंटे (90 मिनट) का समय निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है. इसके साथ ही पेपर में सिर्फ ऑब्जेक्टिव या शॉर्ट क्वेश्चन (Objective or Short Question) ही पूछने की सलाह दी है. इस तरह 45 दिन में ही एग्जाम कराए जा सकते हैं. इसमें कहा गया है कि 12वीं के बच्चों के मेजर सब्जेक्ट की परीक्षा उनके ही स्कूल में ले ली जाए. साथ ही, एग्जामिनेशन सेंटर्स (Examination Center) की संख्या बढ़ाकर दोगुनी कर दी जाए.

इलेक्टिव सब्जेक्ट के 3 और लैंग्वेज का एक पेपर:
सुझावों में कहा गया है कि 12वीं क्लास के एक्जाम में एक पेपर भाषा से संबंधित और 3 पेपर इलेक्टिव सब्जेक्ट (Elective Subject) का रखा जाए. 5वें और 6वें सब्जेक्ट के नंबर इलेक्टिव सब्जेक्ट में मिले नंबर के आधार पर दिए जाएं. यदि बोर्ड दूसरे विकल्प को चुनता है तो 2 फेज में परीक्षा करवाई जा सकती है.

कोरोना होने पर परीक्षा न दे पाने पर एक मौका:
जिन जगहों पर कोरोना महामारी से हालात ज्यादा खराब नहीं हैं, वहां पहले फेज में परीक्षा करवाई जानी चाहिए. बाकी बचे इलाकों में दूसरे फेज (Second Fase) में परीक्षा करवाएं. दोनों फेज के बीच 14 दिन का गैप होना चाहिए. यदि कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के कारण कोई छात्र परीक्षा नहीं दे पाता है तो उसे एक मौका और मिलना चाहिए.

मध्य प्रदेश ने जून में एग्जाम का सुझाव दिया:
मध्यप्रदेश (Madhya Pardesh) में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम जून में कराने का प्रस्ताव भेज दिया गया है. इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shiv Raj Singh Chouhan) की मुहर लगनी बाकी है. 10वीं की परीक्षा 30 अप्रैल और 12वीं के एग्जाम एक मई से शुरू होने थे. वहीं, राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) राज्य में लॉकडाउन के बाद 10वीं और 12वीं के एग्जाम पर कोई फैसला लेगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने भी जून में ही 12वीं का एग्जाम कराने का फैसला किया है.

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