CJI ने लंबित केसों पर PM मोदी को लिखी चिट्ठी, दिए सुझाव

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/22 10:35

नई दिल्ली: देश की अदालतों में लगातार लंबित मुकदमें बढ़ने के चलते सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन चिट्ठी लिखी हैं. इस चिट्ठी में सीजेआई गोगोई ने पीएम मोदी से सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ दो संवैधानिक संशोधनों का अनुरोध किया है. सीजीआई गोगोई ने लंबित पड़े मुकदमों के निपटारे के लिए जजों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. 

उच्च न्यायलयों में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष हो
रंजन गोगोई ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि एक तो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए जो कि अभी 31 है. दूसरा उच्च न्यायलयों में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष हो. मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने पीएम मोदी को दिए तीसरे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 128 और 224ए के तहत सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्ति न्यायाधीमशों के कार्यकाल की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित किया जा सकता है. 

कोर्ट में नए मामले आने से लगातार संख्या बढ़ रही
सुप्रीम कोर्ट में अभी कुल 31 न्यायाधीश हैं जबकि कोर्ट में 58669 मामले लंबित हैं. कोर्ट में नए मामले आने से लगातार संख्या बढ़ती जा रही है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 31 से बढ़ाकर 37 करने की मांग की है. मुख्य न्यायाधीश ने आगे लिखा कि 24 उच्च न्यायालयों में 43 लाख केस लंबित हैं. 

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