नई दिल्ली सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद बोले CM गहलोत- मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्ति का फैसला आलाकमान पर छोड़ा

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद बोले CM गहलोत- मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्ति का फैसला आलाकमान पर छोड़ा

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को दिल्ली दौरे के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद आज 10, जनपथ पर सोनिया गांधी से शिष्टाचार भेंट की. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सीएम गहलोत ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्ति का फैसला आलाकमान पर छोड़ा है. इसके साथ ही मीडिया पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो तारीख मुझे नहीं पता वो मीडिया वाले छाप देते है. मीडिया वालों के पता नहीं कैसे-कैसे सपने आते हैं. 

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल पर आलाकमान फैसला करेगा. मुझसे जो जानकारी मांगी थी वो मैंने दे दी. अखबार वाले छापते है कि राहुल ने गांधी ने गहलोत को डांट लगा दी. ऐसी खबरों से मीडिया क्रेडिबलिटी कम हो जाती है. मैं बचपन से मीडिया फ्रेंडली रहा हूं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के साथ अच्छे माहौल में बातचीत हुई है. देश के हालात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि आज मीडिया, साहित्यकार और लेखक दबाव में हैं. देश के हालात चिंताजनक बने हुए हैं. 

अगर आप केंद्र की नीतियों से असहमत हो तो आप देशद्रोही हो:
इससे आगे बोलते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार सरकारी एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है. अगर आप केंद्र की नीतियों से असहमत हो तो आप देशद्रोही हो. अब देशद्रोह का मुकदमा लगा देते हैं. इसके साथ ही मंहगाई पर बोलते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में केंद्र सरकार के राज्य सरकारों की मदद करनी चाहिए. पूरे देश में लूट मचा रखी है. राज्य सरकारों की भागीदारी से ही देश का विकास होगा. 

राज्यों पर पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का दबाव बनाया जा रहा:
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्यों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया.  सीएम गहलोत ने कहा कि राज्यों पर पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का दबाव बनाया जा रहा है. गृहमंत्री अमित शाह ने खुद मुझे फोन किया. ये पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को बदनाम करके सत्ता में आए हैं.  

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