Video: CM अशोक गहलोत का हा​थी पालकों को Gift, Government देगी Financial मदद; मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी जाएगी राशि

Video: CM अशोक गहलोत का हा​थी पालकों को Gift, Government देगी Financial मदद; मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी जाएगी राशि

जयपुर: राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने हाथी पालने वाले (Elephant Keepers) परिवारों को आर्थिक मदद (Financial Help) देने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार का मानना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन (Lockdown) और पर्यटन गतिविधियों (Tourism Activities) पर प्रतिबंधों के कारण हाथी पालकों की आजीविका प्रभावित हुई है. लिहाजा सीएम अशोक गहलोत ने कोरोना संकट (Covid Crisis) के मद्देनजर हाथी पालने वाले परिवारों को आर्थिक मदद देने का फैसला लिया है.

मुख्यमंत्री सहायता कोष के अंतर्गत दी जाएगी राशि:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाथियों की देखभाल पर खर्च के लिए हाथी पालक महावतों (Mahouts) को आर्थिक सहायता देने का संवेदनशील निर्णय (Sensitive Decision) लिया है. गहलोत के निर्णय के अनुसार, हाथी सवारी में लगे 85 हाथियों के लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष (Chief Ministers Relief Fund) के अंतर्गत ‘कोविड-19 राहत कोष‘ से कुल 57.37 लाख रूपये की आर्थिक मदद हाथी कल्याण संस्थान (Elephant Welfare Institute), जयपुर के माध्यम से दी जाएगी. यह सहायता राशि 17 अप्रेल, 2021 से 31 मई, 2021 की अवधि के लिये 1500 रूपये प्रति हाथी प्रति दिन की दर से देय होगी.

Lockdown होने के कारण महावत परिवार विषम आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे:
गौरतलब है कि 17 अप्रेल से आमेर महल एवं हाथी गांव में हाथी सवारी बंद होने के कारण महावत परिवार विषम आर्थिक परिस्थितियों (Unfavorable Economic Conditions) से जूझ रहे हैं, जिसके चलते यह सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया और इसके लिए स्वीकृति भी जारी कर दी गई है.

पिछले वर्ष भी सरकार द्वारा की गई थी सहायता:
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष भी कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Nationwide Lockdown) और अन्य आवागमन प्रतिबंधों के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होने से हाथी पालक परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट रहा. 

अशोक गहलोत ने तब भी हाथियों के भरण-पोषण एवं उन पर निर्भर परिवारों के सहयोग के लिए मार्च 2020 से दिसम्बर 2020 की अवधि के लिए हाथी कल्याण संस्थान, जयपुर को 4.21 करोड़ रूपये से अधिक की सहायता राशि आवंटित की थी.

 

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