VIDEO: महिलाओं की काबिलियत के कारण ही देश के शासन में उन्हे मिली भागीदारी: CM अशोक गहलोत

जयपुरः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महिलाओं में वो काबिलियत है कि देश के शासन में भी उन्हे भागीदारी मिली, लेकिन जो दर्जा उन्हें मिलना चाहिए वो अभी तक उन्हे नहीं मिला है, अभी भी देश पुरुष प्रधान ही माना जाता है.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को कस्तूरबा गांधी की जयंती के अवसर पर वीसी के जरिये राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्य महिला नीति का विमोचन किया. इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश भी मौजूद रही.

महिला नीति में बालिका नीति को भी एकीकृतः 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दौरान कहा कि 2013 में हमने बालिका नीति बनाई थीं और आज की महिला नीति में हमने बालिका नीति को भी एकीकृत किया है. उन्होंने कहा कि इस नीति में हमारे जो कार्यक्रम है वो सरकार की सोच बताते हैं. उन्होंने इस नीति को महिलाओं के लिए नई क्रांति जैसी बताया. उन्होंने बताया कि आज जैसे पूरे देश का माहौल है वो ठीक नहीं है और ये सभी जानते हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है.

देश में महिलाओं के वर्तमान सम्मान के हालातों पर जताया दुर्भाग्यः
मुख्यमंत्री गहलोत का अपने संबोधन में महिलाओं को मताधिकार की बात करते हुए कहा कि अमेरिका में संविधान बना उसके 144 साल बाद महिलाओं को वोट का अधिकारी मिला, इंग्लैंड में संविधान बनने के 100 साल बाद महिलाओं को मताधिकार मिला, ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता हमारे देश में महिलाओं के बारे में कितना सम्मान है, लेकिन फिर भी दुर्भाग्य है कि जिस तरह से महिलाओं को आगे आना चाहिए था, वैसे आज तक नहीं हो सका है. हालांकि कई महिलाओं ने देश दुनिया में नाम किया है. इंदिरा गांधी व प्रतिभा पाटिल का नाम उनमे से एक है.

राज्य सरकार ने महिला उत्थान के लिए उठाए बड़े कदमः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिला उत्थान के लिए बड़े कदम उठाए हैं, सबसे ज्यादा महिला कॉलेज राजस्थान में खोले गए, जिस विधायक ने कॉलेज मांगी, उसे कॉलेज दी गई. उन्होंने महिलाओं से  वादा करते हुए कहा कि जिस कस्बे में 500 लड़कियां स्कूल में जाती थी, अब वहां भी कॉलेज बनेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला शिक्षा पर लगातार जोर दे रही है. 

महिलाओं के प्रति समाज की बदलनी होगी सोचः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मातृ व शिशु मृत्यु दर पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर में कमी लानी होगी, सरकार इस दिशा में पूरी ताकत से काम कर रही है. उन्होंने महिलाओं को अपनी सोच बदलने के लिए कहते हुए कहा कि जिस तरह से सेनेटरी नैपकिन के उपयोग को उनकी  सोच बदल रही है वैसे ही अन्य चीजों के लिए समाज से लेकर घर तक में महिलाओं को और उन्हे लेकर लोगों की सोच बदलनी होगी. उन्होंने कहा कि जहां तक महिलाओं के प्रति समाज की सोच है वैसा शहरों में माहौल ठीक है लेकिन गांव में माहौल बदलना होगा, उन्होंने घूंघट प्रथा को समाप्त करने की बात करते हुए कहा कि घूंघट में महिला जीवनभर कैद रहे यह कहां तक न्यायसंगत है.

आज  प्रगतिशील सोच वाले राजस्थान के तौर पर बनी पहचानः
इस दौरान महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि नई महिला नीति राजस्थान की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम है. 20 साल पहले जो नीति बनी थी उसमें आज कई बदलाव की आवश्यकता थी और हमने उन बदलावों के साथ राजस्थान की महिलाओं को एक नया प्लेटफार्म दिया है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब राजस्थान में महिलाओं की स्थिति थी बेहद दयनीय थी और राजस्थान की पहचान रूढ़िवादी प्रदेश के तौर की जाती थी, लेकिन आज राजस्थान की महिलाएं देश-दुनिया के साथ कदमताल मिलाते हुए साथ चल रही है. ममता भूपेश ने कहा कि आज प्रदेश की पहचान एक प्रगतिशील स्टेट और एक प्रगतिशील सोच वाले राजस्थान के तौर पर बनी है. उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताते हुए प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों को जरूरी कदम बताया.

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