अब मजदूरों के प्रति देश को अपनी सोच को बदलना होगा, सामाजिक सुरक्षा का समय आ गयाः सीएम अशोक गहलोत

अब मजदूरों के प्रति देश को अपनी सोच को बदलना होगा, सामाजिक सुरक्षा का समय आ गयाः सीएम अशोक गहलोत

अब मजदूरों के प्रति देश को अपनी सोच को बदलना होगा, सामाजिक सुरक्षा का समय आ गयाः सीएम अशोक गहलोत

जयपुरः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मजदूर दिवस का अपना ही महत्व होता है, लेकिन आज विश्व में मजदूरों का सम्मान नहीं होता. उन्होंने कहा कि आज मजदूरों को काम मिलना चाहिए, आराम, आनंद और सम्मान मिलना चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य है कि ऐसा आज तक नहीं हो सका हैं. सीएम गहलोत ने कहा कि आज वो समय आ गया है कि मजदूरों के प्रति हमारे देश की सोच को बदलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब सामाजिक सुरक्षा का जमाना आ गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के 75वें स्थापना दिवस समारोह के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. 

सीएम ने युवा बेरोजगारों को लेकर जताई चिंताः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इंटक ने हमेशा मजदूरों के हितों के लिए काम किया है और उनकी मांगों पर कांग्रेस सरकार ने हमेशा सकारात्मक रुख दिखाया है. मुख्यमंत्री गहलोत ने मजदूरों के हितों की पैरवी करते हुए और और युवा बेरोजगारों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि 'केंद्र सरकार को अब इनसे जुड़ी नीतियों में बदलाव करना चाहिए और रोजगार बढ़ाने पर देना चाहिए. क्योंकि आज सोशल सिक्योरिटी का वक्त आ गया है. 

मजदूरों के लिए रोटी, कपड़े की व्यवस्था करें केन्द्र सरकारः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा है कि हमें कोशिश करनी चाहिए कि देश में सामाजिक सुरक्षा लागू करवाई जाए. उन्होंने केन्द्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मजदूर, सरकार से कोई महीने के लाख-दो लाख थोड़े मांग रहा है, लेकिन कम से कम रोटी, कपड़े की तो व्यवस्था तो सरकार को करनी चाहिए. तब ही गरीब आदमी का जीना आसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमने 35 लाख लोगों को 1-1 हजार की तीन किश्तें दी है. कुछ दिनों पहले ही हमने ऐसे लोगों को एक किस्त और भेजी है. उन्होंने इंटक की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से इंटक ने संगठित मजदूरों के साथ दिया है उसी तरह ही असंगठित मजदूरों के लिए भी उसी मजबूती से काम करना चाहिए. 

सीएम ने जताई-असंगठित मजदूरों के संगठन बनाने की जरूरतः
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  देश में असंगठित मजदूरों के संगठन बनाने चाहिए. चाहे घरों में काम करने वाले महिला या पुरुष ही क्यों ना हो, ऐसे सभी असंगठित मजदूरों को संगठित करना चाहिए और उनका शोषण रुकना चाहिए. यदि इस काम में राजस्थान की इंटक आगे बढ़ती है तो राजस्थान सरकार तन-मन-धन से उनका सहयोग करेगी. गहलोत ने कहा कि हम चाहते हैं कि इस काम में प्रदेश कांग्रेस के स्तर पर भी मदद की जानी चाहिए.

मजदूरों को नहीं मिल रहा उनका सम्मानः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कि मजदूर दिवस का अपना ही महत्व होता है, लेकिन आज विश्व में मजदूरों का सम्मान नहीं होता. उन्होंने कहा कि आज मजदूरों को काम मिलना चाहिए, आराम, आनंद और सम्मान मिलना चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य है कि ऐसा आज तक नहीं हो सका हैं. सीएम गहलोत ने कहा कि आज वो समय आ गया है कि मजदूरों के प्रति हमारे देश की सोच को बदलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब सामाजिक सुरक्षा का जमाना आ गया है. उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने भी कहा था कि प्रत्येक गरीब आदमी को प्रतिमाह 6 हजार रुपए मिलने चाहिए ताकि हर व्यक्ति अपना न्यूनतम गुजारा तो कर सके. दुनिया के कई मुल्कों में सामाजिक सुरक्षा कई वर्षों से लागू है. विकसित राष्ट्रों में रोटी कपड़ा और मकान की व्यवस्था की जाती है. यहां बुजुर्गों, बेरोजगार, युवाओं व निशक्तजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा होती है.

कोरोना की दूसरी लहर घातक, पूरा परिवार एक साथ हो रहा संक्रमितः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश सहित देश में कोरोना से पनपे हालातों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश में अभी कई चुनौतियां हैं जिनका सामना हमें करना है. उन्होंने कहा कि आज कोरोना महामारी सबके सामने खड़ी है, ऑक्सीजन के अभाव में लोग मर रहे हैं. दुनिया के किसी भी मुल्क में ऑक्सीजन के लिए इस तरह हाहाकार नहीं मचा होगा जैसा देश में मचा हुआ हैं. उन्होंने कोरोना को घातक बताते हुए कहा कि इसकी दूसरी वेब इतनी घातक होगी हम इसका अंदाज ही नहीं लगा पाए. आज कोरोना मरीजों के लिए दवाइयां ही नहीं है हर तरफ आहाकार है. उन्होंने कहा कि मैं 13 महीने से कोरोना के खिलाफ ही काम कर रहा हूं. पहली लहर में मुश्किल से 20 फीसदी रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी लेकिन अब हालात यह है कि 80 फ़ीसदी रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, अब तो परिवार के परिवार ही संक्रमित हो रहे हैं. ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी हो गई है कि हम केंद्र सरकार से भीख मांग रहे हैं. राज्यों को ऑक्सीजन और टैंकरों के लिए  केंद्र सरकार से भीख मांगनी पड़ रही. हम किसी तरह के आंकडे नहीं छिपाते. इसके लिए हमें तीन मंत्रियों के दल को दिल्ली भी भेजा और राज्य को मरीजों की संख्या के अनुसार दवाएं और ऑक्सीजन की आपूर्ती की मांग की.
 

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