CM गहलोत ने PM केयर फंड से मिले वेंटिलेटर पर उठाए सवाल- कहा- आखिर कैसे हुए डिफेक्टिव वेंटिलेटर की खरीद, जांच कराए स्वास्थ्य मंत्रालय 

CM गहलोत ने PM केयर फंड से मिले वेंटिलेटर पर उठाए सवाल- कहा- आखिर कैसे हुए डिफेक्टिव वेंटिलेटर की खरीद, जांच कराए स्वास्थ्य मंत्रालय 

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम केयर फंड से राज्यों को मिले वेंटिलेटर पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केन्द्र ने राज्यों को जो वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए करवाए थे, उनमें से कई में तकनीकी खामियां थी. जिसके कारण मरीजों के लिए उनका उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता था. इन्हे लेकर कई बार केन्द्र को भी अवगत कराया गया था. उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि डिफेक्टिव वेंटिलेटर्स की खरीद को लेकर जांच करवाई जानी चाहिए.

1900 वेंटिलेटर मिले, जिनमें कई में तकनीकी खामियांः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बयान में कहा कि पीएम केयर फंड से प्रदेश को 1900 वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए थे लेकिन इनमें से कुछ वेंटिलेटर में तकनीकी खामियां थी. उन्होंने कहा कि इसी तरह मध्यप्रदेश, पंजाब, गुजरात में भी वेंटिलेटर को लेकर अलग-अलग समस्या सामने आई थी और इनको लेकर मीडिया में कई तरह की रिपोर्ट सामने आई है. 

भारत सरकार को इस समस्या के लिए लिखा पत्रः
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने भारत सरकार को इस समस्या से अवगत कराते हुए पत्र भी लिखे थे और इनको जल्द से जल्द ठीक करवाने की मांग की थी. वहीं दो पत्र सचिव स्तर पर एवं एक पत्र मंत्री स्तर पर भारत सरकार को लिखे गए. जिसके बाद वेंटिलेटर्स की मेंटिनेंस के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त कंपनी ने 11 सदस्य भेजने की बात कही थी. उन्होंने बताया कि लेकिन यहां सिर्फ 6 लोग ही कार्य कर रहे हैं. ये शिकायत पर वेंटिलेटर्स को ठीक करने गए थे, लेकिन अनुभव की कमी के कारण ठीक नहीं कर कर पा रहे हैं जिसके कारण चिकित्सकों को परेशानी आ रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि ऐसे डिफेक्टिव वेंटिलेटर्स की खरीद कैसे हुई? जिनके कारण रोगियों की जान को खतरा हो सकता है. अतः केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात की जांच कराई जानी चाहिए. 

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