Rajasthan: सीएम गहलोत का सुपर हेल्थ विजन ! गांव-ढाणियों के अस्पतालों में मिलेगी एडवांस जांच की सुविधाएं

Rajasthan: सीएम गहलोत का सुपर हेल्थ विजन ! गांव-ढाणियों के अस्पतालों में मिलेगी एडवांस जांच की सुविधाएं

जयपुर: प्रदेश में गांव-ढाणियों में रहने वाले लोगों को अब स्वास्थ्य से जुड़ी एडवांस जांचों के लिए बड़े अस्पतालों का रूख नहीं करना होगा. इलाके की पीएचसी-सीएचसी से लेकर अन्य छोटे अस्पतालों में ही उन्हें ये सुविधा उपलब्ध होगी. जी हां, सीएम अशोक गहलोत की प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य का अधिकार देने की मंशा की दिशा में चिकित्सा विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है. हब एवं स्पॉक मॉडल के तहत ग्रास रूट की पीएचसी-सीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में निशुल्क जांच योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा. आखिर क्या है चिकित्सा विभाग की प्लानिंग और इस मॉडल से आमजन को कैसे मिलेगी राहत, पेश है फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट....

कोरोना की जंग के बीच सीएम अशोक गहलोत का वर्ष 2021-22 का बजट पूरी तरह से स्वास्थ्य सेवाओं के सुद्रडीकरण पर आधारित रहा है. बजट में खुद सीएम ने माना था कि कोविड में यह महसूस किया गया कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को और विकसित करने की जरूरत है. इसके तहत ही उन्होंने हब एवं स्पॉक मॉडल पर पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में जांचों का दायरा बढ़ाने की घोषणा की थी. इस मॉडल के तहत सरकारी अस्पतालों में मौजूद लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा, जिसके लिए सर्विस प्रवाइडर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. मिशन निदेशक एनएचएम सुधीर शर्मा के निर्देशन में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 625 करोड़ की लागत का टेण्डर आमंत्रित किया गया है. 
आइए आपको बताते है कि किस चिकित्सा केन्द्र पर कितनी बढ़ेगी जांचों की सुविधा:-

पीएचसी : फिलहाल 15 जांचों की सुविधा, जिसे बढ़ाकर किया जाएगा 66
सीएचसी : फिलहाल 37 जांचों की सुविधा, जिसे बढ़ाकर किया जाएगा 101
सब डिस्ट्रिक-सेटेलाइट हॉस्पिटल : फिलहाल 56 जांचों की सुविधा, जिसे बढ़ाकर किया जाएगा 117
डिस्ट्रिक हॉस्पिटल : फिलहाल 56 जांचों की सुविधा, जिसे बढ़ाकर किया जाएगा 143
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जांचें बढ़ाने के लिए यूं विकसित होगा स्वास्थ्य सिस्टम:-
- प्रत्येक जिले में बनाई जाएगी एक-एक मदर लैब, कुल 33 मदर लैब होगी स्थापित
- इसके अलावा उप जिला, सेटेलाइट, सीएचसी लेवल पर बनाई जाएगी 117 हब लैब
- जबकि सभी पीएचसी लेवल पर 3002 स्पोकस लैब संचालित होगी....ये छोटी प्रयोगशालाएं होंगी,जहां रूटिन जांचों के अलावा अन्य जांचे जरूरत के हिसाब से हब या मदर लैब में भिजवाई जाएगी

गांव-ढाणियों में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय अस्पतालों में राज्य सरकार एक तरफ जहां जांच का दायरा बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर इन जांचों की रिपोर्ट के लिए भी हाईटेक सुविधा विकसित कर रही है....चिकित्सा विभाग की प्रक्रिया पर नजर दौडाए तो निजी सर्विस प्रवाइडर तय समय से मरीजों की जांच करके रिपोर्ट सम्बधित अस्पताल के साथ-साथ मरीज के रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नम्बर पर भी देगा....इसका फायदा ये मिलेगा कि मरीज को अपनी स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी. 

दो डिविजनों में विभक्त होगी लैब्स:-
जयपुर डिवीजन : जयपुर, भरतपुर, कोटा व अजमेर संभाग
जोधपुर डिवीजन : जोधपुर, बीकानेर व उदयपुर संभाग
पीएचसी-सीएचसी लेवल पर ये बढ़ेगी जांचें : लीवर, किडनी, इलेक्ट्रोलाइट्स से जुड़ी जांचें
सब डिस्ट्रिक-सेटेलाइट, डिस्ट्रिक हॉस्पिटल में ये बढ़ेगी जांचें : कैंसर मार्कर, हार्मोंस, बायोप्सी, विभिन्न कल्चर समेत अन्य महत्वपूर्ण जांचों की मिलेगी सुविधा

 

सूबे के मुखिया अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा के निर्देशन में चिकित्सा विभाग ने निशुल्क जांच योजना का दायरा बढ़ाने की दिशा में कमोबेश पूरा होमवर्क कर लिया है. निविदा प्रक्रिया आमंत्रित करने के साथ ही इच्छुक लोगों से चर्चा भी हो गई है, ताकि योजना को मूर्तरूप देने में किसी भी तरह की दिक्कतें न आए. यदि योजना के क्रियान्वयन में फील्ड में कोई दिक्कत की आंशका हो तो उसे पहले से ही दूर कर लिया जाए. ऐसे में उम्मीद ये है कि जल्द से जल्द योजना का फील्ड में क्रियान्वयन होगा, ताकि आमजन की चिकित्सा सेवाओं में इजाफा हो.

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