टीकाकरण नीति की समीक्षा करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का CM गहलोत ने किया स्वागत, कहा - पूरा देश केन्द्र की टीकाकरण नीति को लेकर चिंतित

टीकाकरण नीति की समीक्षा करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का CM गहलोत ने किया स्वागत, कहा - पूरा देश केन्द्र की टीकाकरण नीति को लेकर चिंतित

टीकाकरण नीति की समीक्षा करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का CM गहलोत ने किया स्वागत, कहा - पूरा देश केन्द्र की टीकाकरण नीति को लेकर चिंतित

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा केन्द्र सरकार (Central Government) को टीकाकरण नीति (Vaccination Policy) की समीक्षा और 31 दिसम्बर तक टीकों की अनुमानित उपलब्धता का खाका पेश करने के निर्देश देने का स्वागत किया है. 

मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिये कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का स्वागत करता हूं जिसमें शीर्ष अदालत ने केन्द्र सरकार से अपनी टीकाकरण नीति की समीक्षा करने और 31 दिसंबर 2021 तक टीकों की अनुमानित उपलब्धता का रोडमैप ऑन रिकॉर्ड रखने के लिये कहा है. 

उन्होंने कहा कि पूरा देश केन्द्र की टीकाकरण नीति को लेकर चिंतित है क्योंकि कीमती जीवन दांव पर लगे हैं और अब अदालत लोगों के बचाव में आई है. सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र की 18-44 साल के लिए भुगतान किए गए टीकाकरण की नीति 'प्रथम दृष्टया मनमाना और तर्कहीन' है. 

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने सरकार से अपनी टीकाकरण नीति की समीक्षा करने के लिए कहा है और टीके की खुराक की कमी और ग्रामीण लोगों को टीकों तक पहुंचने में आने वाली समस्याओं सहित खामियों की ओर इशारा किया है. 

इससे आगे लिखते हुए उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि केंद्र सरकार अब एक विस्तृत नीति तैयार करेगी और न्यायालय के साथ-साथ भारत के लोगों को भी आश्वस्त करेगी कि वे आवश्यक संख्या की खरीद की योजना कैसे बनाते हैं. टीकों की संख्या और इस साल के अंत तक पूरी वयस्क आबादी का टीकाकरण कैसे किया जाएगा. 

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