Rajasthan By-Election: सीएम गहलोत और सचिन पायलट ने वल्लभनगर और धरियावद में किया एकजुटता का प्रदर्शन

Rajasthan By-Election: सीएम गहलोत और सचिन पायलट ने वल्लभनगर और धरियावद में किया एकजुटता का प्रदर्शन

Rajasthan By-Election: सीएम गहलोत और सचिन पायलट ने वल्लभनगर और धरियावद में किया एकजुटता का प्रदर्शन

उदयपुर: राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को एकजुटता का प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और अन्य नेता हेलीकॉप्टर में एक साथ यात्रा की और वल्लभनगर (उदयपुर) और धरियावद (प्रतापगढ़) में कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैलियों को संबोंधित किया. वल्लभनगर (उदयपुर) और धरियावद (प्रतापगढ़) सीटों पर 30 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे. दोनो सीटों पर शुक्रवार को कांग्रेस उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी अजय माकन, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियों को संबोंधित करने के लिये एक साथ हेलीकॉप्टर में बैठकर गये.

सभी नेता वल्लभनगर (उदयपुर) पहुंचे और पार्टी उम्मीदवार प्रीति शक्तावत के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया. प्रीति शक्तावत कांग्रेस के विधायक रहे गजेन्द्र सिंह की पत्नी है जिनका कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया था. दोनों नेता, गहलोत और पायलट पिछले साल नेतृत्व के मुद्दे पर आमने सामने हो गये थे. दोनों ने अपने संबोंधन में कहा कि पार्टी के सभी नेताओं ने वल्लभनगर से प्रीति शक्तावत को उम्मीदवार बनाये जाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है. जनसभा के संबोंधन में दोनों नेताओं से यह संदेंश दिया कि पार्टी एकजुट है. गहलोत ने अपने संबोंधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी अगले विधानसभा चुनाव में फिर से सत्ता में आयेगी. उन्होंने कहा कि राजस्थान में पार्टी एकजुट है. कभी-कभी अखबारो में कुछ खबरें छप जाती हैं लेकिन आपको उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. अभी तो पूरे देश में गोदी मीडिया है और मीडिया दबाव में काम रहा है.

जो धैर्य रखता है उसको कभी न कभी मौका मिलता है
गहलोत ने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं ने एकमत से वल्लभनगर सीट के लिये प्रीति शक्तावत को पार्टी का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि टिकट केवल एक ही व्यक्ति को दिया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी का सच्चा सिपाही वही है जो पार्टी के निर्णय का आदर करे और उसके लिये काम करे (चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी के साथ खडा रहे). जो धैर्य रखता है उसको कभी न कभी मौका मिलता है. पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी कहा कि सभी पार्टी नेताओं ने प्रीति शक्तावत का नाम एकजुट होकर सर्वसम्मति से तय किया है और सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उन्हें टिकट दिया है. उन्होंने कहा कि हम सब नेता एक साथ वल्लभनगर आये हैं. वल्लभनगर में अजय माकन और डोटासरा ने भी रैली को संबोंधित किया.

आगामी विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में फिर से लौटेगी कांग्रेस पार्टी
वल्लभनगर के बाद कांग्रेस नेताओं ने धरियावद (प्रतापगढ़) में कांग्रेस प्रत्याशी नगराज मीणा के समर्थन में आयोजित रैली को संबोंधित किया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में एक कार्यक्रम में (दो अक्टूबर) को कहा था कि उनकी सरकार न केवल पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में फिर से लौटेगी. गहलोत का हाल ही में अगस्त में एंज्योप्लास्टी हुआ था और उन्होंने कहा था कि वो आगामी 15-20 सालो तक कहीं जाने वाले नहीं है.. भले ही इससे कोई दुखी हो. पायलट ने गुरुवार को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मैं अगले 50 साल कहीं नहीं जा रहा. राजस्थान में ही रहूंगा और इन 50 वर्षों में वो सारे काम करेंगे जो करने चाहिए. जयपुर में वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई की पुस्तक के गुरुवार को विमोचन के दौरान आयोजक प्रमोद शर्मा ने पायलट से एक किताब लिखने का आग्रह किया और कहा कि यदि वे (शर्मा) लंबे समय तक रहे तो पायलट की पुस्तक के विमोचन के लिये इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित करेंगे.

चिंता मत करो मैं अगले 50 साल कहीं नहीं जा रहा
इस पर पायलट ने कहा कि चिंता मत करो मैं अगले 50 साल कहीं नहीं जा रहा. पायलट के इस बयान को मुख्यमंत्री द्वारा दो अक्टूबर को दिये उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें गहलोत ने अपने स्वास्थ्य को लेकर कहा था कि पंद्रह बीस साल उन्हें कुछ नहीं हो रहा. पिछले वर्ष जुलाई में पायलट ने गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोला था जिसके परिणामस्वरूप राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था. पार्टी नेता राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद महीने भर चला संकट खत्म हो गया था. बगावत के कारण पायलट को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से और उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था. उनके साथ दो अन्य मंत्रियों को भी उनके पद से हटाया गया था. इस वर्ष पायलट खेमे के नेताओं ने पार्टी आलाकमान द्वारा पायलट से किये गये वादो को एक वर्ष होने के बावजूद पूरा नहीं करने की आवाज उठाई थी जिसके बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल का मुद्दा फिर से गति पकड़ने लगा था. राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल अभी लंबित है. चारों नेता इससे पूर्व इस वर्ष फरवरी माह में चार सीटों पर उपचुनाव के दौरान बीकानेर और चित्तौड़गढ में महापंचायत के लिये एक साथ हेलीकाप्टर में गये थे. सोर्स- भाषा

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