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सीएम गहलोत की बड़ी घोषणा, एक सितंबर से लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

सीएम गहलोत की बड़ी घोषणा, एक सितंबर से लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राजस्थान में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का फैसला किया है. यह योजना एक सितंबर से प्रदेश में लागू होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई सीएमओ में उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया. 

आयुष्मान भारत व भामाशाह योजना का एकीकरण:
प्रदेश में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पहले से लागू है. ऐसे में सरकार ने आयुष्मान भारत व भामाशाह योजना का एकीकरण करते हुए अब योजना का नाम ‘आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना‘ करने का फैसला किया है. नई योजना के बाद प्रदेश में लाभार्थी परिवारों की संख्या वर्तमान में संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लगभग 1 करोड़ परिवारों से बढ़कर 1 करोड़ 10 लाख से अधिक हो जाएगी. भामाशाह योजना में कई गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिनको दूर करने के लिए नई योजना में समुचित व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए आईटी के बेहतर उपयोग के साथ-साथ, संबंधित अस्पतालों और बीमा कम्पनी के कर्मियों सहित दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के प्रावधान प्रस्तावित किए जाएंगे. 

बढ़ जाएगी लाभार्थियों की संख्या:
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ जाएगी,  साथ ही उन्हें और अधिक बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को ‘स्वास्थ्य का अधिकार‘ देने के लिए कृतसंकल्प है और आयुष्मान भारत के साथ राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना का एकीकरण इसी दिशा में लिया जा रहा एक कदम है. सीएमओ में हुई इस बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त  निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 
 

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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए अच्छी खबर, स्थायी लाइसेंस की ट्रायल के लिए मिल रहा तय समय

जयपुर: जयपुर समेत पूरे रीजन में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाह रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. जयपुर आरटीओ कार्यालय ने लॉक डाउन की अवधि में हुई लाइसेंसों की पूरी पेंडसी को ख़त्म कर लिया है. अब स्थाई लाइसेंस की ट्रायल के लिए लिए पहले की तरह ही तय समय मिल रहा है. कोरोना के बाद प्रदेश में हुए लंबे लॉक डाउन के कारण सभी विभागों का काम ख़ासा प्रभावित हुआ था. जयपुर आरटीओ में भी क़रीब 20 हजार ड्राइविंग लाइसेंसों का काम पेंडिंग हो गया था. इतनी बड़ी पेंडसी के कारण जहां पुराने आवदेकों को परेशान होना पड़ रहा था तो वहीं नए आवेदक भी लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे. लंबित लाइसेंसों की बड़ी संख्या देखकर ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा था कि पेंडेंसी को ख़त्म करने में आरटीओ को बहुत समय लगेगा. लेकिन आरटीओ राजेंद्र वर्मा की मॉनिटरिंग और सटीक प्लांनिग से जयपुर रीजन में ड्राइविंग लाइसेंसों की पेंडसी ख़त्म हो गई है. 

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान, कहा-भारत ने चीन पर की डिजिटल स्ट्राइक 

शनिवार और रविवार को पूरी क्षमता से हुआ काम:
अब स्थाई लाइसेंस के लिए पहले की तरह ही ARTO कार्यालय में जहां 40 दिन बाद की डेट मिल रही है तो वहीं विद्याधर नगर में 25 दिन बाद कि डेट अब दी जा रही है. आरटीओ राजेंद्र वर्मा ने बताया कि लाइसेंसों की पेंडेंसी को ख़त्म करने के लिए परिवहन आयुक्त रवि जैन के निर्देशों के बाद कार्यालय समय के अलावा 3 घँटे अधिक काम किया गया. शनिवार और रविवार को भी सभी कार्यालयों में पूरी क्षमता के साथ काम किया गया. इतना ही नहीं आवेदकों को आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों से फोन कर के भी बुलाया गया. आरटीओ राजेंद्र वर्मा का कहना है कि अगर अभी भी लॉक डाउन अवधि में आवेदन करने वाले किसी आवेदक का लाइसेंस नहीं बन पाया है तो वह कार्यालय आ कर अपनी सुविधा से अपना स्लॉट रिशेड्यूल करा सकता है.  लंबित लाइसेंसों का निस्तारण करने में जयपुर रीजन के सभी कार्यालयों ने अच्छा काम किया है.अगर आकंडो की बात करें तो...   

-22 मई से लेकर 30 जून तक जयपुर रीजन में बने हैं कुल 36049 लाइसेंस
-इसमें 7950 हैं लर्निंग लाइसेंस,16127 हैं स्थाई लाइसेंस,11972 लाइसेंसों का हुआ है नवीनीकरण

म्यांमार में भारी बारिश की वजह से खदान धंसी, 100 से ज्यादा लोगों की मौत

22 मई से 30 जून तक के आकंड़े

-आरटीओ जयपुर कार्यालय में 2236 लर्निंग लाइसेंस बने

-डीटीओ विद्याधर नगर कार्यालय में 2603 लर्निंग लाइसेंस बने

-डीटीओ चौमूं कार्यालय में 685 लर्निंग लाइसेंस बने

-डीटीओ दूदू में 931 लर्निंग लाइसेंस बने

-डीटीओ शाहपुरा कार्यालय में 853 लर्निंग लाइसेंस बने

-डीटीओ कोटपूतली कार्यालय में 642 लर्निंग लाईसेंस बने

-ARTO जगतपुरा कार्यालय में 8648 स्थाई लाइसेंस बने है

-डीटीओ विद्याधर नगर कार्यालय में 4386 स्थाई लाइसेंस बने हैं

-डीटीओ चौमू कार्यालय में 727 स्थाई लाइसेंस बने हैं

-डीटीओ दूदू में 827 स्थाई लाइसेंस बने हैं

-डीटीओ शाहपुरा कार्यालय में 955 स्थाई लाइसेंस बने हैं

-डीटीओ कोटपूतली कार्यालय में 584 स्थाई लाइसेंस बने हैं

20 हजार लंबित ड्राइविंग लाइसेंसों का निस्तारण कर जयपुर आरटीओ ने नए आवेदकों को बड़ी राहत दी है. अब जयपुर रीजन में कहीं भी लाइसेंस के लिए लोगों को तय समय से अधिक इंतजार नहीं करना पड़ रहा है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट

VIDEO: जयपुर पुलिस को CM की सौगात, पुलिस बेड़े में शामिल हुए 70 चेतक वाहन और 127 बाइक

जयपुर: राजधानी में जयपुर पुलिस कमिश्ननेट को गुरूवार को नई सौगात मिली है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमआर में जयपुर पुलिस की नए चेतक वाहनों और सिग्मा बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव, जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव सहित आलाधिकारी मौजूद रहे. 

Sriganganagar: आंगन में पड़े मिले महिला और 2 बच्चों के शव, पति फरार 

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़ा और मजबूत हो गया:  
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़ा और मजबूत हो गया है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट बेड़े में 197 नए वाहन शामिल हो गए है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमआर में जयपुर पुलिस की नई पीसीआर वैनों और सिग्मा बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.  मुख्यमंत्री ने 70 नई पीसीआर वैन और 127 नई सिग्मा बाइक की सौगात जयपुर पुलिस को दी. इस मौके पर मुख्य सचेतक महेश जोशी, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव, जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव सहित आलाधिकारी मौजूद रहे. 

सरकार ने 70 करोड़ रुपए का बजट पुलिस विभाग को दिया था:
सालों से खटारा वाहनों को ढोह रही पुलिस के बेड़े में अब नए वाहन शामिल होने लगे हैं. राज्य सरकार ने नए वाहनों के लिए दिसंबर में 70 करोड़ रुपए का बजट पुलिस विभाग को दिया था. इस बजट से प्रदेशभर में पुलिस की नई यूनिट, नए सर्किल और थानों के लिए 1682 वाहन खरीदे जा रहे हैं. इसमें लो, मिडियम, हैवी क्वालिटी के व्हीकल और बाइक भी शामिल है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की नई पीसीआर वैन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. इसमें जीपीएस , पीटी जेड कैमरा , एलसीडी स्क्रीन , पब्लिक एड्रेस सिस्टम ,बार लाइट वायरलैस सिस्टम , मोबाइल डाटा टर्मिनल सरीखी सुविधाएं मौजूद है. नई पीसीआर वैन मिलने के बाद अब जयपुर पुलिस का रेस्पॉस टाइम 6 मिनट 37 सैंकड से घटकर 5 मिनट से भी कम होगा. 

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

पुलिस महकमा भी हाईटेक होता नजर आ रहा:
बदलते समय के साथ अब पुलिस महकमा भी हाईटेक होता नजर आ रहा है. नई पीसीआर वाहनों की सौगात मिलने के बाद अब अपराधों की रोकथाम और कानून व्यवस्था को लेकर जयपुर पुलिस और चुस्त, दुरूस्त नजर आएगी. माना जा रहा है आने वाले समय में खटारा हो चुके पुलिस महकमे के तमाम वाहन भी बदले हुए नजर आएंगे. 

...सत्यनारायण शर्मा, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

3 साल तक राज्यसेवा की शर्त पर हाईकोर्ट ने पीजी करने की दी इजाजत

3 साल तक राज्यसेवा की शर्त पर हाईकोर्ट ने पीजी करने की दी इजाजत

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त तीन अभ्यर्थियों को पीजी पूर्ण होने के बाद तीन साल तक राज्य सरकार के तहत सेवा देने की शर्त पर पीजी में शामिल की अनुमति देने के आदेश दिये है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिये है वो पीजी कोर्ट के लिए याचिकाकर्ता को उसके आरिजनल दस्तावेज प्रदान करे. साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता से 5 लाख का बॉण्ड लेने और पीजी पूर्ण करने के पश्चात 3 साल तक सरकारी सेवा करने के आदेश दिये है. यह आदेश जस्टिस सतीश कुमार शर्मा ने डॉ अजय कुमार सैनी व दो अन्य चिकित्सा अधिकारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिये है.

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित 

याचिकाकर्ता का चयन चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुआ: 
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का चयन चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुआ जिसके बाद सरकार ने उन्हे अलग अलग जगह नियुक्ति दी. इसी दरम्यान उसका चयन नीट पीजी में प्रवेश के लिए भी हो गया. याचिकाकर्ता ने पीजी में प्रवेश के लिए राज्य सरकार से अपने मूल दस्तावेज प्राप्त करने चाहे लेकिन सरकार ने ये कहते हुए इंकार कर दिया कि चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त होने वाले अभ्यर्थि नियुक्ति के 1 साल तक पीजी नहीं कर सकते. वहीं राज्य सरकार की ओर कहा गया कि नियुक्ति आदेश के साथ ही ये शर्त रखी गयी थी कि चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति के एक वर्ष तक वो पीजी में नहीं जा सकते. इसलिए याचिका को स्वीकार नहीं किया जाये. 

हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, सहायक रेडियोग्राफर भर्ती में बैठ पाएंगे अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स 

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत पर फैसला सुरक्षित

जयपुर: खानमहाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. सिंघवी की ओर से पेश जमानत पर दो घण्टे तक चली मैराथन सुनवाई के बाद जस्टिस सतीशकुमार शर्मा ने फैसला सुरक्षित रखने के आदेश दिये हैं. मामले के दूसरे आरोपी मोहम्मद राशीद शेख की जमानत याचिका पर सभी पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा है. 

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मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया था: 
बहुचर्चित खान महाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी को जयपुर की मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया था. सिंघवी की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग अदालत के इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौति देते हुए जमानत याचिका दायर कि गयी है. जमानत याचिका पेश कर सिंघवी की ओर से एडवोकेट दीपक चौहान ने सिंघवी के खिलाफ केस झुठा और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि सिंघवी के खिलाफ इस मामले में कोई केस नहीं बनता है. इस केस के अन्य आरोपियों को पूर्व में ही जमानत मिल चुकी है समानता के आधार पर जमानत देनी चाहिए. 

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सिंघवी के फोन रिकॉर्डिंग के अहम सबूत मौजूद:
वहीं ईडी की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि ये संपूर्ण घोटाला सिंघवी की देखरेख और मॉनिटरिंग में किया गया है. इस केस में सिंघवी की शह पर ही भ्रष्टाचार किया गया है. सिंघवी खान विभाग के मुखिया थे और वे पहले माईंस को बंद करते थे और फिर फिर शुरू करने के लिए पैसे की डिमांड करते थे. एएसजी ने कहा कि हमारे पास सिंघवी के फोन रिकॉर्डिंग के अहम सबूत मौजूद है. इसलिए सिर्फ समानता के आधार पर मुख्य आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. इसके साथ मामले के दूसरे आरोपी मोहम्मद राशीद शेख की जमानत याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रखा है. 
 

VIDEO: जयपुर के विधायकों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, रखी ये मांगें

जयपुर: मुख्यमंत्री आवस से बड़ी खबर निकल कर आई है. जयपुर के विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की है. इस दौरान विधायकों ने बिजली के बिल माफ करने की मांग की. मंत्री प्रताप सिंह, मुख्य सचेतक महेश जोशी, रफीक खान, गंगादेवी, वेद सोलंकी व लक्ष्मण मीणा ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि सरकार गरीबों व मध्यम वर्ग को राहत दें. 

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स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा नहीं कराने की भी बात रखीं:  
विधायकों ने अब तक के बकाया बिल को दो-तीन किश्त में एडजस्ट कराने की मांग की. इसके साथ ही विधायकों ने स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा नहीं कराने की भी बात रखीं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार कोरोना फैल रहा है. ऐसे में बिना परीक्षा अगली क्लास में प्रमोट किया जाएग. इसके साथ ही स्कूल फीस में भी रियायत देने के प्रयास करने की मांग की. 

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हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, सहायक रेडियोग्राफर भर्ती में बैठ पाएंगे अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स

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जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा 12 जून 2020 को जारी कि गयी सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों कि भर्ती में डिप्लोमा इन रेडिएशन टेक्नोलॉजी के फाइनल ईयर के स्टूडेंट भी शामिल हों सकेंगे. राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतिम वर्ष के स्टूडेंट को बड़ी राहत देते हुए इन स्टूडेंट को परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिये हैं. जस्टिस अभय चतुर्वेदी की एकलपीठ ने राज्य सरकार को इन स्टूडेंट के आफलाईन आवेदन स्वीकार करने के साथ बिना कोर्ट की अनुमति के परीक्षा परिणाम जारी नहीं करने के भी आदेश दिये है. एकलपीठ ने राजेन्द्र प्रसाद कुड़ी सहित 13 अन्य स्टूडेंट की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिये हैं. इसके साथ ही राज्य के प्रमुख सचिव चिकित्सा, निदेशक चिकित्सा, चैयरमेन कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 

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सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर भर्ती निकाली: 
राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने हाल ही में सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर भर्ती निकाली है. लेकिन मौजूदा स्थिति में वर्ष 2016 की भर्ती के बाद राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में मात्र 642 ही डिप्लोमाधारी पंजीकृत हैं. इसमें आरयूएचएस के 417, टेक्नीकल बोर्ड एज्यूकेशन जोधपुर के 65 व वर्ष 2000 से पहले 9 माह के डिप्लोमा वाले 160 अभ्यर्थी शामिल हैं. सत्र 2016-17 में पैरामेडिकल कोर्सेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा टाइम टेबल अब जारी कर दिया गया है. परीक्षा 9 जुलाई से आयोजित होगी. ऐसे में 14 स्टूडेंट ने याचिका दायर कर परीक्षा में शामिल करने की गुहार लगायी थी. 

स्टूडेंट को नुकसान नहीं होने देने की गुहार लगायी थी:
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट रघुनंदन शर्मा ने पैरवी करते हुए राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल की लेटलतिफी के लिए स्टूडेंट को नुकसान नहीं होने देने की गुहार लगायी थी. जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए याचिकाकर्ता स्टूडेंट को परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी है. 

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लेटतलीफी के चलते आवेदन करने से वंचित होना पड़ रहा: 
गौरतलब है कि डिप्लोमा इन रेडिएशन टेक्नोलॉजी के 400 से ज्यादा विद्यार्थियों को राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल की लेटतलीफी के चलते सहायक रेडियोग्राफर भर्ती में आवेदन करने से वंचित होना पड़ रहा है. सत्र 2015-16 में इन विद्यार्थियों ने दो साल के इस डिप्लोमा में प्रवेश लिया था. लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी तक डिप्लोमा कोर्स पूरा नहीं होने से सहायक रेडियोग्राफर के 1257 पदों पर निकली भर्ती के लिए वे आवेदन तक नहीं कर सकते. अभी तक इनकी प्रथम वर्ष की परीक्षा ही हुई है. सैकंड ईयर की परीक्षा बाकी है. 

Rajasthan Corona Updates: 115 नए पॉजिटिव मामले आए सामने, प्रदेश में अब तक की सबसे अधिक पहुंची रिकवरी रेट

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 115 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं तो वहीं 5 लोगों की मौत भी हुई है. इसमें बाड़मेर में एक, बीकानेर में दो और जोधपुर में दो लोगों ने दम तोड़ा है. ऐसे में प्रदेश में मौत का आंकड़ा बढ़कर 426 पहुंच गयी है. वहीं नए मामले सामने आने के बाद पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ भी बढ़कर 18427 पहुंच गया है. 

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सर्वाधिक 21 कोरोना पॉजिटिव मरीज उदयपुर में मिले: 
आज सामने आए मरीजों में सर्वाधिक 21 कोरोना पॉजिटिव मरीज उदयपुर में मिले हैं. इसके अलावा अजमेर 4, अलवर 1, बाड़मेर 1, भरतपुर 6, बीकानेर 12, बूंदी 1, दौसा 2, धौलपुर 10, डूंगरपुर 1, जयपुर 9, जालोर 9, झुंझुनूं 2, करौली 5, कोटा 4, नागौर 8, राजसमंद 10, सवाई माधोपुर 1, सिरोही 5 और दूसरे राज्य का एक मरीज कोरोना पॉजिटिव मिला है. 

VIDEO: रोडवेज में मितव्ययता बरतने के लिए सीएमडी नवीन जैन ने जारी किया सर्कुलर  

प्रदेश में अब तक की सबसे अधिक पहुंची रिकवरी रेट: 
वहीं राहत वाली खबर यह है कि अब तक 14643 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए हैं. इसमें से 14340 मरीजों को अस्पताल में डिस्चार्च किया जा चुका है. अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3358 है. ऐसे में प्रदेश के लिए खुशी की बात यह है कि अब तक की सबसे अधिक रिकवरी रेट पहुंची है. रिकवरी रेट पहली बार 80 प्रतिशत के आसपास पहुंची है. 


 

VIDEO: रोडवेज में मितव्ययता बरतने के लिए सीएमडी नवीन जैन ने जारी किया सर्कुलर

जयपुर: कोरोना और लॉक डाउन के कारण राजस्थान रोडवेज की हालत इन दिनों बहुत खराब है. बसों का संचालन शुरू होने के बाद भी रोडवेज की वित्तीय स्तिथि नहीं सुधर पा रही है. मुश्किल समय को देखते हुए अब रोडवेज सीएमडी नवीन जैन ने रोडवेज में मितव्ययता बरतने के लिए एक सर्कुलर जारी किया है. 

VIDEO: हाउसिंग बोर्ड ने धमाकेदार परफॉर्मेंस से अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, 12 दिन में ही 1213 आवासों की नीलामी   

रोडवेज में आर्थिक संकट गहरा गया: 
कोरोना और लॉक डाउन के कारण राजस्थान रोडवेज का संचालन 3 महीने से अधिक समय तक बंद रहने से रोडवेज में आर्थिक संकट गहरा गया है. हालात ऐसे है कर्मचारियों को वेतन भत्ते देने में भी रोडवेज को जोर आ रहा है. रिटायर्ड हो चुके कार्मिकों का भुगतान भी समय पर करना संभव नहीं हो पा रहा है. इसे देखते हुए रोडवेज सीएमडी ने तमाम ख़र्चों पर पाबंदी लगाने का सर्कुलर जारी किया है. रोडवेज सीएमडी ने सर्कुलर में निर्देश दिए हैं कि रोडवेज में अनावश्यक खर्चों पर हर हाल में पाबंदी लगाई जाए. 

देखिए क्या रहेंगी रोडवेज में पाबंदियां: 

1. भोजन सत्कार, अल्पहारों, मनोरंजन और सेमीनार के आयोजन पर पूर्णरूप से बंद रहेगा, साधारण रूप से ही कार्य होंगे. 

2. रोडवेज के अधिकारी—स्टाफ कार पर नकेल कसते हुए रोडवेज बसों में सफर करने के निर्देश जारी किए. कार्य क्षेत्र के बाहर यात्रा करने पर जहां तक संभव हो बस से ही यात्रा करे. 

3. रोडवेज कार्यालय व आवास पर निर्धारित मापदंडों से अधिक टेलिफोन—एसटीडी का उपयोग नहीं करने के निर्देश. 

4. रोडवेज के कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी बिजली खर्च पर भी अंकुश करे. कार्यालय, इकाई पर निर्धारित समय से पूर्व, लंच के समय और कार्यालय समय पश्चात अनावश्यक बिजली का उपयोग नहीं हो. कार्यालय खाली रहने पर बिजली उपकरणों के स्वीच बंद रखे. 

5. निगम का वाहन डीजल औसत में बस एवं मार्ग की दैनिक रूप से मोनेटरिंग कि जाए. रोडवेज चालकों को प्रोत्साहन और अनुशासनात्मक कार्रवाई निश्चत करे. 

6. सडक दुर्घटनाओं में दोषी पाए जाने पर चालकों के विरूद्ध तुरंत कार्रवाई कर एक महीने इनका निस्तारण किया जाए. 

7. रोडवेज वाहनों के रख रखाव की जांच के बाद ही वाहन की ग्रुप प्रभारी लॉगशीट पर हस्ताक्षर के बाद ही वाहन मार्ग पर भेजी जाए. इसके बाद भी वाहन संचालन पर ब्रेक डाउन होते है तो ग्रुप प्रभारी की जिम्मेदारी होगी. 

8. कार्यशाला से वाहन समय अवधि पर निकलना ताकि रूटों पर पडने वाले स्टैंडों पर यात्रियों को समय पर बसें मिल सके ताकि यात्रीभार 100 प्रतिशत किया जाए. 

9. कम आय देने वाले मार्गो की समीक्षा कर कैसे आय बढाई जा सके. 

10. अधिक किलोमीटर संचालन के अंतर्गत समान्तर संचालन को रोका जाए. 

11. सरप्लस स्टाफ की सूचना मुख्यालय पर दी जाए ताकि अन्य जगहों पर तैनाती की जाए. 

12. कर्मचारी के बकाया भुगतान के रिकॉर्ड की जांच कर ही जारी किया जाए. 

13. एमएसीटी केसो पर विधि विभाग अलग से दिशा निर्देश जारी कर लोक अदालतों का आयोजन कर खर्चो को कम किया जाए. 

14. कोरोना काल में वाहनों का संचालन कम होने से रोडवेज के विभिन्न डिपो कार्यशालाओं के बाहरी कार्यो को बंद करे. विभागाध्यक्ष की अनुमति पर कार्य करे. 

बंगला खाली करने के नोटिस के बाद लखनऊ शिफ्ट होंगी प्रियंका गांधी, हो चुकी व्यवस्था !  

पहले से घाटे में चल रही रोडवेज की परेशानियों को कोरोना ने और बढ़ा दिया है. कोरोना की गाइडलाइंसन के कारण सीमित सवारियां ही लेने के निर्देश भी रोडवेज पर भारी पड़ रहे हैं. बसों के संचालन के बाद भी रोडवेज की आर्थिक स्तिथि ठीक होती नहीं दिख रही है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट

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