पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों में टिड्डी दलों के प्रकोप पर सीएम गहलोत ने जाहिर की चिंता

Naresh Sharma Published Date 2019/09/19 10:20

जयपुर: पिछले चार माह से पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों में टिड्डी दलों के प्रकोप पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जाहिर की है. सीएम गहलोत ने बुधवार को CMO में कृषि विभाग के रिव्यू मीटिंग लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार की मदद से नियंत्रण करने का प्रयास करे. खुद मुख्यमंत्री ने भी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर केंद्र से मदद मांगी है. 

टिड्डी के नियंत्रण के लिए किए गए उपायों की जानकारी ली: 
मुख्यमंत्री ने जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर तथा हनुमानगढ़ जिलों में टिड्डी दल के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए इन जिलों में टिड्डी के नियंत्रण के लिए किए गए उपायों की जानकारी ली तथा और गति लाने के निर्देश दिए. साथ ही, टिड्डी नियंत्रण विषय मुख्यतः भारत सरकार के अधीन होने के फलस्वरूप उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार के संसाधनों के साथ-साथ भारत सरकार का सहयोग लेकर इस समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएं ताकि किसानों की फसल बर्बाद होने से बचाई जा सके. CMO में हुई इस बैठक में कृषि मंत्री  लालचंद कटारिया, कृषि राज्यमंत्री भजनलाल जाटव तथा कृषि विभाग, वित्त विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने साथ ही केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को पत्र लिखकर मांग की है कि टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में जल्द से जल्द नये दवा छिड़काव यंत्रों, मानव संसाधन और दवा के हवाई छिड़काव के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. 

दवा छिड़काव मशीनें टिड्डी दलों पर प्रभावी नियंत्रण में नाकाफी: 
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि वर्तमान स्थिति के मद्देनजर भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के पास उपलब्ध 45 दवा छिड़काव मशीनें टिड्डी दलों पर प्रभावी नियंत्रण में नाकाफी साबित हो रही हैं. इसलिए जल्द से जल्द 15 से 20 नये दवा छिड़काव यंत्र, वाहन और मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जिलों में अतिशीघ्र हवाई अथवा ड्रोन के माध्यम से दवा छिड़काव की सुविधा उपलब्ध कराना भी नितांत आवश्यक है. राज्य सरकार ने अब तक कुल 5 लाख 7 हजार 885 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी के लिए सर्वेक्षण किया गया है और लगभग 1 लाख 50 हजार 892 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई है. 

लालचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री को पूरी रिपोर्ट सौपी: 
बुधवार को CMO में हुई बैठक में मंत्री लालचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री को पूरी रिपोर्ट सौपी. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें उन्नत कृषि के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध करवाने के साथ ही कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि बजट में की गई कृषि से संबंधित घोषणाओं पर तेजी से काम करें और किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करें. 

बैठक में ये निर्देश भी दिए सीएम ने
- प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाने के निर्देश दिए
- गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए
-किसानों को बाहर से महंगे दामों पर बीज नहीं खरीदना पडे़
-रबी के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें 
- कृषि प्रसंस्करण गतिविधियां बढ़ाने के लिए  इकाई संस्थापन प्रक्रिया सरल करें
- कस्टम हायरिंग सेंटर्स का हो विस्तार
-सहकारी समितियों के माध्यम से इनका और अधिक विस्तार किया जाए
- कुसुम योजना में किसानों को ऋण के लिए परीक्षण कराए

मुख्यमंत्री ने CMO में हुई बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, सौर ऊर्जा पम्प परियोजना, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार, मॉडल एपीएलएम एक्ट-2017 सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की. 

 

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