सीएम गहलोत ने जताई चिंता, कहा-कोरोना संक्रमितों की संख्या कम नहीं होगी तो संसाधन बढ़ाकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे हम

सीएम गहलोत ने जताई चिंता, कहा-कोरोना संक्रमितों की संख्या कम नहीं होगी तो संसाधन बढ़ाकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे हम

जयपुरः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि देश सहित प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों और अस्पतालों में ऑक्सीजन व दवाइयों की कमी को लेकर हाहाकर मचा हुआ है, लेकिन इसके बाद भी पिछले 13 महीने में डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ दिन रात कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन आखिर कब तक उनकी भी कोई सीमा होती है. उन्होंने कहा कि हम संसाधन बढ़ाकर कितनी भी कोशिश कर लें लेकिन यदि संक्रमितों की संख्या कम नहीं होगी तो ये संसाधन हमेशा ही कम पड़ते रहेंगे. उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि इस समय देश को लॉकडाउन की ज्यादा जरूरत है इसलिए केन्द्र पहले की तरहा इस बार भी लॉकडाउन का निर्णय ले. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को चित्तौड़गढ़ एवं श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन, केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भी जुड़े.

राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर 90 व 10 के अनुपात में मिले स्कीमेः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन से कहा कि अटलजी व मनमोहनजी के समय मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा और उसके बाद अब आपने इस काम को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब बस तीन जिले ऐसे हैं जहां मेडिकल कॉलेज से नहीं है यहां आने वाले समय में डिकल कॉलेज खोलने का राज्य सरकरा पूरा प्रयास करेगी. उन्होंने राजस्थान की भौगोलिक स्थिति से डॉ.हर्षवर्धन को अवगत कराते हुए कहा कि यहां कि भौगोलिक परिस्थितियों से बिल्कुल अलग है ऐसे में केंद्र की तरफ से प्रदेश को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने मांग की है कि राजस्थान को 90 व 10 के अनुपात में केन्द्र से स्कीम मिलनी चाहिए.

संकट के इस समय में किसी तरह की राजनीति नहीं करने की अपीलः
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान ने फ्री-दवाई व फ्री-जांच लागू की जैसी योजनाए लागू की है, क्योंकि सरकार की परिकल्पना निरोगी राजस्थान की है. हमने दिसंबर में निरोगी राजस्थान अभियान की लॉन्चिंग की लेकिन अब फिर से कोरोना की दूसरी लहर के आ जाने के कारण हमारी प्राथमिकता बदल गई है और अभी तो हम मानवता को बचाने के लिए जंग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी ने सोचा भी नहीं होगा कि ये दिन देखने को मिलेगा. सीएम गहलोत ने इस महामारी में राजनीति नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि संकट के इस समय में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने केन्द्र से कहा कि यदि राज्य कोई बात कहें, तो उसे शिकायत के रूप में न लेकर एक सुझाव के रूप में लें, ताकि व्यवस्था सही हो सके. उन्होंने कहा कि अभी उत्तराखंड व गुजरात को छोड़कर सभी जगह तरह-तरह के लॉकडाउन लगे हैं ऐसे में केंद्र को पहले की कमियों को दूर करते हुए लॉकडाउन करना चाहिए.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ऑक्सीजन व दवाइयों का वितरण केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है इसलिए सरकार चाहती है कि इनका वितरण संक्रमितों की संख्या के अनुपात में किया जाए. 

चिंताओं को एक-दूसरे से शेयर कर ही जीत सकते हैं ये जंगः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार की कामयाबी के बारे में बताते हुए कहा कि कोविड-19 वैक्सीनेशन में राजस्थान टॉप पर था औऱ हम प्रतिदिन 5 लाख 81 हजार वैक्सीन लगाने लगे थे लेकिन इसके बाद वैक्सीन की सप्लाई कम हुई, जिसके कारण वैक्सीनेशन में कमी आई. उन्होंने कहा कि हमने जब इसकी जानकारी केन्द्र को दी तो कुछ लोगों ने अन्यथा लिया, उन्होने स्पष्ट करते हुए कहा कि हमने किसी तरह की शिकायत नहीं की थी, ये सिर्फ जानकारी थी. उन्होंने डॉ.हर्षवर्धन को अवगत कराते हुए कहा कि आपने जो वेंटीलेटर राज्य को भिजवाए थे वह पिछले साल काम नहीं आए, लेकिन इस बार तो सभी संसाधन कम पड़ गए. उन्होंने कहा कि चिंता को एक दूसरे से शेयर करना चाहिए तब ही हम मुकाबला करके ये जंग जीत पाएंगे.

ग्रामीणों से भी अपील समझ जाओ, नहीं तो हालात हो सकते हैं बेकाबूः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से आग्रह करते हुए कहा कि जब तक कोरोना की चेन नहीं टूटेगी संक्रमण बढ़ता जाएगा और ऐसे में अब मीडिया को लोगों को जागरूक करना चाहिए, क्योंकि जागरूक करने पर ही संक्रमण की चेन टूट पाएगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि गांवों में संक्रमण नहीं रुका, तो फिर बस हम मीटिंग करते ही रह जाएंगे. उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील करते हुए कहा कि गांव वालों को समझ जाना चाहिए, वरना हालात आर बेकाबू हो सकते हैं. हमने इसी कारण शादियों पर पाबंदी लगाई है क्योंकि राजस्थान में 2 लाख कोरोना संक्रमित है.

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