VIDEO: नियमों के पेंच में उलझ सकती है सीएम गहलोत की नि:शुल्क दवा-जांच योजना

Vikas Sharma Published Date 2019/08/22 09:37

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राजस्थान समेत देश-विदेश में सबसे चर्चित निशुल्क दवा-जांच योजना को नियमों के पेंच में अटकाने की तैयारी है. ताजा मामला मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना से जुड़ा है, जिसमें फील्ड की डिमाण्ड के आधार पर जरूरी मेडिकल उपकरणों के लिए पहले तो 40 करोड़ रुपए के ऑर्डर दे दिए गए, लेकिन ऐनवक्त पर पुराने नियमों में गलती बताकर सभी ऑर्डर पर रोक लगा दी गई है. आखिर क्या है पूरा मामला और अब आगे कैसे निकाली जा रही नियमों में गली, एक खास रिपोर्ट:

40 करोड़ रुपए के जांच उपकरण की खरीद पर 'ब्रेक':
राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में इनदिनों राजस्थान ट्रांसपेरेसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट एक्ट बड़ी चर्चाओं में है. इसके पीछे का कारण ये है कि पिछले कई सालों से कॉरपोरेशन में एक्ट के ही नियम के तहत दवा और उपकरणों की खरीद-फरोख्त हो रही थी, लेकिन हाल ही में एक शिकायत के बाद अधिकारी नियमों को लेकर ऐसे उलझे कि फील्ड में अत्यावश्यक आधा दर्जन से अधिक जांच उपकरणों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को ही रोक दिया गया है. पिछले तीन माह से प्रक्रिया पर रोक है, जिसके चलते पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में जरूरी उपकरणों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प हो गई है. 

नियमों के ये कैसा फेर:
पहले क्या चल रहा था:
RTPP एक्ट की धारा 29 (2) के उपनियम (i) के तहत पिछले कई सालों से रेंट कांट्रेक्ट पर काम किया जा रहा था. इस नियम में किसी भी आइटम की अनुमानित मात्रा के लिए रेंट फाइनल की जाती है. यदि आगे आइटमों की आवश्यकता बढ़ती है तो तय समयावधि तक उसी रेंट पर ऑर्डर दिया जाता है. 

अब क्या नया नियम लागू: हाल ही में  RTPP एक्ट की धारा 73 का हवाला देते हुए आधा दर्जन से अधिक उपकरणों की खरीद-प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है. इस नियम के तहत जितनी मात्रा के लिए टेण्डर किया गया है, उससे 50 फीसदी अधिक मात्रा के लिए आदेश दिए जा सकते है. इससे अधिक मात्रा की जरूरत हो तो फिर से नए टेण्डर किए जाए. 

अस्पतालों में इन उपकरणों का इंतजार:
—पेट के रास्ते से बच्चेदानी निकालते के ऑपरेशन में उपयोगी एब्डोमन हिस्टेरेक्टॉमी सेट 
—जननांगों के रास्ते से बच्चेदानी निकालते के ऑपरेशन में उपयोगी वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी सेट
—गर्भाधान रोकने की प्रक्रिया में उपयोगी पीपीआईयूसीडी सेट 
—डिलीवरी के वक्त उपयोग में आने वाले डिलीवरी सेट
—ब्लड की कई महत्वपूर्ण जांचों के लिए सेमी ऑटो एनालाइजर 
—कम्पलीट ब्लड जांच के लिए ब्लड सेल काउंटर (3 पार्ट)

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने फाइनेंस से राय लेने के बाद RTPP एक्ट की धारा 73 का हवाला देते हुए सभी उपकरणों के ऑर्डर पर रोक तो लगा दी, लेकिन अब फील्ड से आपूर्ति को लेकर सवाल उठना शुरू हो गई है. कई तरह की शिकायतें चिकित्सा मंत्री तक भी पहुंच गई है. सूत्रों की माने तो खुद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने इस प्रकरण में फाइल को तलब किया है. 

सवाल मांगे जवाब:
—राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में ये कैसी प्रक्रिया ?
—क्या बरसों से नियम विरूद्ध हो रही थी दवा-जांच उपकरणों की करोड़ों की खरीद ?
—क्योंकि जिन नियमों के हवाले से हो रही थी ये सब खरीद-फरोख्त 
—उन नियमों को गलत मानते हुए फाइनेंस की राय पर बदला गया नियम 
—जबकि करोड़ों रुपए के टेण्डर को लेकर अभी तक नहीं आई कोई वित्तीय ऑडिट आपत्ति 
—फिर अचानक अधिकारियों को कैसे याद आई नियमों में बदलाव की

चिकित्सा मंत्री के दखल के बाद अब पूरे मामले को एकबार फिर फाइनेंस में भेजा जा रहा है. तर्क ये दिया जा रहा है कि यदि नियमों में बदलाव किया गया तो जरूरी दवा-जांच उपकरणों की आपूर्ति प्रभावित होगी. ऐसे में अब देखना ये होगा कि आगे नियमों को लेकर फाइनेंस का क्या रूख रखता है.  

... संवाददाता विकास शर्मा की रिपोर्ट

 

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