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सीएम गहलोत ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के दिए निर्देश, कहा-लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर हो कड़ी कार्रवाई

 सीएम गहलोत ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के दिए निर्देश, कहा-लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर हो कड़ी कार्रवाई

जयपुर: राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों से चिंतित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने कहा की जिस तरह से पायलट कड़ी ट्रेनिंग और गाइडलाइन को फॉलो करते हैं प्रदेश में भी इसी तरह के नियम कायदों की पालना होनी चाहिए. भीलवाड़ा डेयरी संघ ने अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से 15000 पशुपालकों को हेलमेट वितरित किये है.

वीसी के जरिए हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CMR से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री आवास पर भीलवाड़ा से आए दो पशुपालकों को हेलमेट भी दिए गए. इस मौके पर CM  गहलोत ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि जैसे दो पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के हेलमेट दिए गए हैं बाकी हेलमेट भी उसी क्वालिटी के होने चाहिए. इस पर डेयरी संघ के अध्यक्ष रामलाल जाट ने आश्वस्त किया कि सभी पशुपालकों को अच्छी क्वालिटी के ही हेलमेट वितरित किए जा रहे हैं.

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रोड सेफ्टी पाठ्यक्रम में भी करवाया जाएगा शामिल:
रॉड शेफटी पर बल देते हुए गहलोत ने कहा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जुर्माना राशि में बढ़ोतरी के साथ साहस का काम किया है. हालांकि जुर्माना राशि अधिक होने की वजह से प्रदेश में इसमें संशोधन किया गया है लेकिन इस संशोधन की पालना पुलिस विभाग को सख्ती से करवानी होगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि रॉड सेफ्टी के बारे में पाठ्यक्रम में भी उल्लेख होना चाहिए. सीएम ने कहा पहले राजस्थान की सड़कों की हालत अच्छी नहीं थी लेकिन अब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले राजस्थान की सड़कें बेहतर हो गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा जिस तरह से कोरोना के समय भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ देशभर में हुई है उसी तरह से भीलवाड़ा के इस प्रयोग वह भी अन्य जिलों में नागरिक फॉलो करेंगे. 

जल्द जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का होगा आयोजन:
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहां कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना में जागरूकता के लिए जल्दी जयपुर में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन करवाया जाएगा. गोपाल मंत्री प्रमोद भाया जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व और भीलवाड़ा डेयरी संघ के प्रयासों की सराहना की. वहीं कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा यह कार्यक्रम अनुकरणीय है ऐसे कार्यक्रम और अधिक होने चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों के कई अहम घोषणा कर चुकी है और भविष्य में भी इनके हित को देखते हुए ही फैसले किये जायेंगे. 

प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है. इसलिए सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालन से जुड़े अपराधों के प्रति कड़ा रूख अपनाया जा रहा है. उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा संबंधी सभी नियमों की आवश्यक रूप से पालना करें. यह उनके जीवन की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है. 

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मरीजों का ग्राफ बढता जा रहा हैं. पिछले 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 1173 नए पॉजिटिव केस सामने आये हैं. बाड़मेर-2,डूंगरपुर-3,जोधपुर-2,कोटा-2,पाली-1,राजसमंद-1 मरीज की मौत हो गई. कोटा में सर्वाधिक 170 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले. अजमेर- 34, अलवर- 165, बांसवाड़ा- 42, बारां- 3, बाड़मेर- 40 पॉजिटिव, भरतपुर- 71, भीलवाड़ा- 28, बीकानेर- 115, चित्तौडगढ़- 9, चूरू- 16 पॉजिटिव, दौसा- 4, धौलपुर- 2, डूंगरपुर- 16, श्रीगंगानगर- 11, हनुमानगढ़- 5 पॉजिटिव, जयपुर- 114 , जैसलमेर- 11, जालोर- 10, झुंझुनूं- 19 ,जोधपुर- 90 पॉजिटिव, नागौर-18, प्रतापगढ़- 18, राजसमंद- 13, सवाई माधोपुर- 2 पॉजिटिव, सीकर- 111, सिरोही- 2,  टोंक- 6, उदयपुर- 38 पॉजिटिव मरीज मिले. प्रदेश में मौत का आंकड़ा 800 पहुंच गया. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 53 हजार 670 पहुंच गई. 

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल 39 हजार 60 मरीज:
प्रदेश में कुल 39 हजार 60 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं इलाज के बाद अस्पताल से कुल 36 हजार 310 मरीज डिस्चार्ज किए गए. अस्पताल में कुल एक्टिव 13 हजार 810 मरीज उपचाररत हैं. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 8 हजार 675 पहुंच गई हैं.

जयपुर में बढ़ता कोरोना का ख़ौफ़: 
प्रदेश की राजधानी जयपुर में कोरोना का ख़ौफ़ बढ़ता जा रहा हैं. पिछले 24 घंटे में 114 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. विद्याधर नगर में 3, झोटवाड़ा 30, टोंक फाटक 1 पॉजिटिव, आदर्श नगर- 4, वैशाली नगर- 6, जवाहर नगर- 2 पॉजिटिव, विराटनगर- 2, अजमेर रोड- 3, चांदपोल- 4, ब्रह्मपुरी- 2 पॉजिटिव, शास्त्री नगर- 2, सेठी कॉलोनी- 2, बापू नगर- 2, आमेर रोड- 1 पॉजिटिव, महेश नगर- 1, बनीपार्क- 5, पुरानी बस्ती- 1, गांधी नगर- 1 पॉजिटिव, स्टेशन रोड- 1, श्याम नगर- 1, गोपालपुरा- 2, कोटपूतली- 1 पॉजिटिव, मुरलीपुरा- 1, रामगंज- 1, लालकोठी- 1, लूनियावास- 2 पॉजिटिव, मालवीय नगर- 5, मानसरोवर- 7, जगतपुरा- 2, जोबनेर- 1 पॉजिटिव, झालाना- 4, सांगानेर- 6, सीतापुरा 1, भांकरोटा- में 2 पॉजिटिव, सांभर- 2, दुर्गापुरा- में 1 पॉजिटिव मरीज मिला है. जयपुर में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 219 मरीजों की मौत हो गई है. जबकि कुल 6 हजार 594 पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंच गई हैं. 

VIDEO: राहुल-पायलट मीटिंग में PATCHUP होने की खबर! जानिए, सचिन पायलट की ये 5 मांगे

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जयपुर: राजस्थान सियासी संकट के बीच एक बडा अपडेट सामने आया हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल-पायलट मीटिंग में PATCHUP होने की खबर सामने आई हैं, अब हर किसी को इस PATCHUP के खुलासे का इंतजार हैं. इस बीच पायलट कैम्प से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया है. सोनिया-राहुल-प्रियंका को पायलट द्वारा दिए गए मांग पत्र के बिंदुओं का खुलासा किया है, हालांकि इस मांग पत्र के किसी भी बिंदू पर अभी तक कोई आम सहमति नहीं बनी हैं. इस मांग पत्र को केवल पायलट कैम्प का ONE SIDED VIEW माना जा रहा हैं. 

पायलट द्वारा दिए गए मांग पत्र के बड़े बिंदू:
1. पायलट को फिर से डिप्टी सीएम बनाने व एक महत्वपूर्ण विभाग देने की मांग
2. पायलट को AICC का महासचिव भी बनाने की मांग
3. पायलट की इच्छानुसार मंत्रिमंडल में तीन और मंत्री शामिल करने की मांग 
4. किसी बागी विधायक के खिलाफ नहीं होगी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई
5. अविनाश पांडे की जगह प्रियंका गांधी को राजस्थान का प्रभारी बनाने की मांग

खींवसर में फिर 3 बच्चों की तालाब में डूबने पर मौत, एक वर्ष पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा 

अन्य मांगों के स्वीकार होने पर पायलट कैम्प ने दिया आश्वासन:
लेकिन प्रियंका गांधी ने पायलट कैम्प का 5वां सुझाव खारिज किया. अन्य मांगों के स्वीकार होने पर पायलट कैम्प ने आश्वासन दिया. विधानसभा सत्र में गहलोत सरकार के विश्वासमत के पक्ष में मतदान करने का आश्वासन दिया. भविष्य में एक अनुशासित सिपाही के रूप में पार्टी अनुशासन में रहने का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री के रूप में गहलोत की अथॉरिटी को कभी भी चुनौती न दिए जाने का आश्वासन दिया. 

सोनिया गांधी ने की गहलोत से बात:
सूत्रों के मुताबिक इसी घटनाक्रम के संदर्भ में सोनिया गांधी ने फोन पर गहलोत से बात की और गहलोत को पायलट से हुई बातचीत के बारे में अवगत कराया. अब आज शाम समझौता फाइनल करने के लिए गहलोत दिल्ली जा सकते हैं.अथवा पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ जयपुर आ सकते है और आधी रात तक गहलोत-पायलट समझौते की अधिकृत घोषणा हो सकती है और जयपुर में गहलोत और पायलट दोनों संयुक्त प्रेस वार्ता कर सकते है. अलबत्ता प्रेस वार्ता में "V" का साइन दिखा सकते है. इससे पहले ही अहमद पटेल-वेणुगोपाल-पायलट के बीच नई दिल्ली में बातचीत होगी. इस मीटिंग में पायलट के मांग पत्र पर विचार होगा.

VIDEO: सीएम गहलोत से मुलाकात के बाद बोले पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा, मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं 

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा मीडिया से रूबरू हुए. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बातचीत हुई. हमारी जो नाराजगी थी वो दूर हो गई है. कांग्रेस में कोई कैंप ही नहीं था. मैं अपनी इच्छा से गया था और इच्छा से ही आया हूं. मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं है. विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है. पूरे 5 साल कांग्रेस की सरकार चलेगी. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि वायरल हुआ ऑडियो झूठा था. मैं कांग्रेस के साथ हूं,घर का मामला था जो निपट गया है. इससे पहले भंवरलाल शर्मा सीएमआर पहुंचे, जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत से बातचीत की हैं.

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी.इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

खींवसर में फिर 3 बच्चों की तालाब में डूबने पर मौत, एक वर्ष पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा 

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गहलोत-पायलट दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का पटाक्षेप हुआ हैं. अब गहलोत-पायलट टकराव एक बीते युग की बात होगी. आज देर रात तक पायलट की बाकायदा घर वापसी हो जाएगी. पायलट के साथ ही बर्खास्त मंत्री एवं 16 समर्थक विधायक लौटेंगे और अब फिर से राज्य में कांग्रेस की एकता कायम हो जाएगी, लेकिन राजनैतिक प्रेक्षकों के सामने अब एक ही सवाल ? क्या दोनों पक्षों के बीच ये समझौता होगा स्थाई युद्ध विराम ? या फिर कभी पायलट कैम्प "लाइन ऑफ कंट्रोल" पार कर जाएगा ? आखिर कैसे इतनी कटुता भुलाकर दोनों नेताओं का पुनर्मिलन होगा ? और इस पुनर्मिलन की रुपरेखा और व्यवहारिकता पर अभी कुछ प्रश्नचिन्ह लगे हैं. अलबत्ता मध्यस्थ भंवर जितेन्द्र अपनी पूरी कोशिशें कर रहे हैं. आज रात अहमद पटेल-पायलट की मुलाकात के बाद थोड़ा और खुलासा होगा. 

राहुल-पायलट मीटिंग से भाजपा खेमे में निराशा ! ऐनवक्त पर पायलट के यू टर्न लेने से निराशा

तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी.इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने की सीएम गहलोत से मुलाकात, वापसी की रिकवेस्ट लेकर पहुंचे सीएमआर

पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने की सीएम गहलोत से मुलाकात, वापसी की रिकवेस्ट लेकर पहुंचे सीएमआर

जयपुर: सचिन पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सोमवार शाम सीएमआर में मुलाकात की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विधायक भंवरलाल शर्मा फिर से वापसी की रिकवेस्ट लेकर सीएमआर पहुंचे. उन्होंने सीएम गहलोत से सीएमआर में मुलाकात की. 

सचिन पायलट की राहुल-प्रियंका और वेणुगोपाल से मुलाकात:
इससे पहले सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई है. इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात जारी है. 

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तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

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इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

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जयपुर: राजस्थान सियासी संकट के बीच राहुल गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात के बाद बीजेपी खेमे में निराशा हैं. ये निराशा ऐनवक्त पर पायलट के यूटर्न लेने से हुई है. अपनी NATURAL ALLY भाजपा से बिना किसी विचार-विमर्श या पूर्व सूचना के गांधी परिवार के साथ मीटिंग करने से निराशा है. हालांकि FACE VALUE पर भाजपा ने इसे हमेशा कांग्रेस में दो गुटों का आपसी झगड़ा माना.

तीन माह पुरानी दोस्ती एक तरह से टूटने के कगार पर:
लेकिन फिर भी कहीं न कहीं पिछले कुछ महीनों से भाजपा व पायलट एक दूसरे के काफी करीब आ गए थे. अब ये तीन माह पुरानी दोस्ती एक तरह से टूटने के कगार पर है, हालांकि इस बारे में इस स्टेज पर कुछ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी. फिर भी भाजपा और पायलट के रिश्तों में एक दरार आ चुकी है. अब भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कैसे लेगा इस सारे घटनाक्रम को? इस बारे में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग अनुमान है.

सचिन पायलट की राहुल-प्रियंका और वेणुगोपाल से मुलाकात:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई है. इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात जारी है. 

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मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा-लोकल को वोकल और ग्लोबल बनाना होगा
 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा-लोकल को वोकल और ग्लोबल बनाना होगा

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा-लोकल को वोकल और ग्लोबल बनाना होगा

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने युवाओं को जाॅब प्रोवाइडर बनाए जाने की आवश्यकता जताई है. राज्यपाल ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं के नवाचारों को सराहा जाना चाहिए और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करने चाहिए. इसी से लोकल वोकल होगा और ग्लोबल भी बन सकेगा. राज्यपाल ने आज राजभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महामना मालवीय मिशन की ग्रामीण इकाई द्वारा आयोजित वाराणसी और देहरादून की आपातिक अनुक्रिया समूह इकाइयों के प्रवर्तन समारोह को सम्बोधित किया. राज्यपाल ने कहा कि आपतिक समूहों का उपयोग बाढ़, अकाल, भूकंप, भू-स्खलन, प्रदूषण जैसी अन्य समस्याओं के दुष्प्रभावों के निराकरण के लिए भी किया जा सकता है.

छात्रों के परिजनों को भी सम्मिलित करने की योजना सराहनीय:
इन समूहों में कार्य करने से छात्रों और स्वयंसेवकों में मानवीय मूल्यों की भावना को विकसित करने में मदद मिलेगी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों-छात्राओं और महामना के मानस पुत्रों द्वारा स्थापित महामना मालवीय मिशन एक विश्वव्यापी संगठन है, जिसकी शाखाएं पूरे देश में हैं. इस समूह में छात्रों के परिजनों को भी सम्मिलित करने की योजना सराहनीय है.

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समूह का गठन एक तरह का सामाजिक अभियांत्रिकी प्रयास:
आपातकालिक अनुक्रिया समूह का गठन एक तरह का सामाजिक अभियांत्रिकी प्रयास है, जिसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मक क्षमता के उपयोग से आपातिक स्थितियों से निपटना है. साथ ही प्रदेश एवं केंद्र स्तर के सम्बंधित विभागों को सहयोग भी करना है. इन समूहों के सदस्यों का उपयोग कोविड-19 की महामारी से उत्पन्न समस्याओं के निराकरण के लिये किया जाना अच्छी पहल है. इससे युवा आपातिक स्थिति में दूसरों की मदद करने के योग्य हो सकेंगे साथ ही अन्य लोगों को प्रेरित तथा प्रशिक्षित भी कर सकेगे. स्वागत उद्बोधन डाॅ. प्रदीप कुमार मिश्रा ने किया.

बसपा विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं देने को लेकर जनहित याचिका, एडवोकेट हेमंत नाहटा ने दायर की जनहित याचिका

बसपा विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं देने को लेकर जनहित याचिका, एडवोकेट हेमंत नाहटा ने दायर की जनहित याचिका

बसपा विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं देने को लेकर जनहित याचिका, एडवोकेट हेमंत नाहटा ने दायर की जनहित याचिका

जयपुर: बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर अब एक ओर याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में दायर की गई है. एडवोकेट हेमंत नाहटा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए बसपा के सभी 6 विधायकों को राजस्थान विधानसभा परिसर में प्रवेश देने पर ही रोक लगाने की मांग की है.

सभी दस्तावेजों को अमान्य घोषित करने की मांग:
याचिका में बसपा के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को रद्द करने, विधानसभा अध्यक्ष के 18 सितंबर 2019 के आदेश को अपास्त करने, बसपा के सभी 6 विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने और बसपा से कांग्रेस में विलय से जुड़े सभी दस्तावेजों को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है.

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दायर ट्रांसफर पिटीशन पर कल होगी सुनवाई:
याचिका में कहा गया कि विधानसभा चुनावों के बाद 12 दिसंबर 2018 को जारी किये गये गजट नोटिफिकेशन के अनुसार बनी दलो की स्थिती को पुन: बहाल किया जाए. गौरतलब है कि इस मामले में जुड़ी बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी.वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी मदन दिलावर की एसएलपी और बसपा विधायकों की ओर से दायर ट्रांसफर पीटीशन पर भी कल ही सुनवाई है.

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