VIDEO: एसपी कांफ्रेंस में अपराध पर नियंत्रण को लेकर सीएम गहलोत ने पुलिस अफसरों को दिए निर्देश

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/04 07:12

जयपुर: प्रदेश में 2 दिवसीय एसपी कांफ्रेंस आयोजित की गई है, जिसका उदघाटन सत्र आज पुलिस मुख्यालय में आयोजित किया गया. सीएम अशोक गहलोत ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और अपराध पर नियंत्रण करने के लिए रुपरेखा तैयार की. एसपी कांफ्रेंस में प्रदेश के सभी रेंज आइजी, पुलिस कमिश्नर और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे. 

पहली बार एक नई शुरुआत:
प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था में सुधार और बीते आठ महीनों में महिला और दलितों पर बढते अत्याचारों, बढती साम्प्रदायिक घटनाओं पर काबू पाने के लिए आज पुलिस मुख्यालय में एसपी कांफ्रेंस की शुरुआत हुई. कांफ्रेंस में प्रदेश में बढती सांप्रदायिक हिंसाओं पर सीएम अशोक गहलोत ने चिंता जताई और षडयंत्रकारियों से बचने की बात कही. सीएम अशोक गहलोत को आज प्रदेश के सभी एसपी ने अपने अपने जिले के बारे में अवगत कराया व जिलावार चर्चा की. कल सीएम गहलोत सभी एसपी से वन टू वन फीडबैक लेंगे. प्रदेश में ये पहली बार एक नई शुरुआत है, जब पुलिस मुख्यालय में एसपी कांफ्रेंस आयोजित की गई है. पहले प्रदेश में कलेक्टर-एसपी कांफ्रेस आयोजित की जाती थी, जिसमें अपराध पर समीक्षा को लेकर कम समय मिल पाता था. सीएम गहलोत ने बैठक में कहा कि सरकार आमजन को संवदेनशील और पारदर्शी शासन देना चाहती है और इसमे एसपी की महत्वपुर्ण जिम्मेदारी है. बैठक के दौरान सीएम गहलोत ने पुलिस आलाधिकारियों से कहा कि वे अपने मातहत अधिकारियों के जनता के साथ किये जा रहे व्यवहार पर नजर रखे. षडयंत्र के जरिये सांप्रदायिक सोहार्द बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की जायेगी. पुलिस अधिकारियों को कड़े शब्दों में गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार व लापरवाही का कोई भी मामला सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. 

अधिकारियों को चेतावनी:
सीएम अशोक गहलोत ने बैठक के दौरान अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब तक अच्छे अफसर हो या फिर नाकारा अफसर, दोनों की एसीआर अच्छी ही रखी जाती थी, लेकिन प्रदेश में ये दयाभाव अब नहीं चलेगा. अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा. वहीं नाकारा अधिकारियों को पनिशमेंट दिया जायेगा. सीएम गहलोत ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, भीड़ की ओर से कानून हाथ में लेना, नशीले पदार्धों का अवैध कारोबार, जमीन विवादों के मामलों पर पुलिस अगर प्रो एक्टिव रहे तो इन घटनाओं को प्रभावी रुप से रोका जा सकता है. सड़क दुर्घटनाएं अधिकतर नेशनल हाईवे पर हो रही है जो कि सड़क निर्माण की खामियों की वजह से है. इनका सर्वे कराने के निर्देश भी दिये गये है. सीएम गहलोत ने पुलिस अधिकारियों को राजनीतिक दखल से दूर रहने को भी कहा है जिससे निष्पक्षता बनी रह सके. सभी एसपी को निर्देश दिये गये कि थानों को पब्लिक फ्रेंडली बनाएं. जिन पुलिस कर्मियों का व्यवहार ठीक नहीं है, उन्हें व्यवहार सुधारने की हिदायत दी गई है. 

पुलिस विभाग में नहीं आएगी संसाधनों की कमी:
सीएम अशोक गहलोत ने पुलिस अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जायेगी. पुलिस के नये वाहनों के लिए 70 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. वर्दी भत्ता बढाकर 7 हजार रुपये कर दिया गया है. पुलिस मॉडर्नाइजेशन पर तेजी से काम कर रही है. अलवर में नया पुलिस जिला बनाया गया है. महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित अनुसंधान के लिए जिलों में नया पद बनाया गया है. जघन्य अपराधों के अनुसंधान के लिए मॉनिटरिंग युनिट तैयार की गयी है. मॉब लिंचिंग व ऑनल किलिंग के लिए सख्त कानून तैयार किया गया गया है. जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है. सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश के थानों में अब एफआईर दर्ज करने को लेकर अनिवार्यता कर दी गयी है. जो थानेदार मुकदमा दर्ज नही करेगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी. शराब की दूकाने रात 8 बजे बाद नही खुले इसे लेकर भी सख्ती के निर्देश दिये गये है. जिले में होने वाले अपराधों के लिए एसपी को जिम्मेदार माना जायेगा. एसपी अपने पॉवर का इस्तेमाल अपराध को कम करने के लिए करें. हालाकि इसके लिए डीजीपी से सलाह ली जा सकती है. प्रदेश में नफरी को बढाने के लिए 5 हजार पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. अगले साल 5 हजार नयी भर्तिया निकाली जा सकती है. 10 हजार नये कांस्टेबल आने से विभाग में और मजबूती आयेगी. 

मीडिया से हुए रुबरु:
सीएम अशोक गहलोत बैठक के बाद मीडिया से रुबरु हुए. पूर्व मंत्रियों के बंगले खाली कराने को लेकर आये हाईकोर्ट के फैसले पर सीएम ने कहा कि सभी को कानून की पालना करनी चाहिये. कानून की पालना करने से ही देश चलता है. केद्र और राज्यों में बंगले आवंटन में वरिष्ठता के आधार पर निर्णय लिये जाते है और उसी तरह से प्रदेश में भी बंगले के आवंटन में सीनियरिटी के आधार पर ही फैसला लिया जायेगा. हाईकोर्ट के इस फैसले और वसुंधरा राजे से बंगला खाली करवाने के बीच में कोई संबंध नहीं है. वरिष्ठता के आधार पर ही सरकार फैसला करेगी. डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी पर CM अशोक गहलोत ने कहा कि जांच एजेंसिया केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है, जो कि बदले की भावना से करवाया जा रहा है. 

सचिवालय में बैठक:
एसपी कांफ्रेंस के दूसरे दिन सचिवालय में बैठक आयोजित की जायेगी. जिसमें सीएम अशोक गहलोत वन टू वन प्रदेश के सभी एसपी से चर्चा करेंगे. जिससे की प्रत्येक जिला स्तर पर फीडबैक लिया जाकर अपराध पर नियंत्रण लाया जा सकें. 

... संवाददाता शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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