VIDEO: शिक्षक दिवस पर सीएम गहलोत ने प्रदेश के शिक्षकों को दिए दो बड़े तोहफे

Naresh Sharma Published Date 2019/09/05 06:06

जयपुर: शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के शिक्षकों को दो बड़े तोहफे दिए हैं. शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने वाले प्रदेश के शिक्षकों के लिए अब अलग आवासीय कॉलोनी बसाकर उनको प्लॉट दिए जाएंगे और साथ ही रोडवेज में उनकी यात्रा अब पूरी तरह फ्री होगी. मुख्यमंत्री की इस घोषणा का प्रदेश के शिक्षा जगत में स्वागत हुआ है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अच्छे काम करने वाले शिक्षकों को शाबाशी दी और साथ ही शिक्षा के नाम पर जनता को लूट रहे प्राइवेट स्कूलों पर भी जमकर प्रहार किए. 

जो मांगा, वह तुरंत दिया सीएम ने:
सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर आज प्रदेश में शिक्षक दिवस मनाया गया. राज्य स्तरीय समारोह जयपुर के बिड़ला सभागार में हुआ, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 103 शिक्षकों व छह संस्था प्रधानों का शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान देने पर सम्मान किया. समारोह में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी व तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ सुभाष गर्ग भी मौजूद थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है और  मुझे खुशी है कि उस परंपरा को अभी तक कायम रखा गया है. शिक्षकों का सम्मान छात्र जीवन से शुरू होता है, जो गुरु शिष्य परंपरा थी तब से शुरू होती है और सोचने का मौका मिलता है कि शिक्षक किस रूप में सम्मानित होने चाहिए, लेकिन समारोह में असली रंग तब जमा जब एक शिक्षक के बेटे शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षकों की तरफ से दो प्रमुख मांगे रखी और मुख्यमंत्री ने तुरंत इसे स्वीकार भी कर लिया. पहली मांग थी कि राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों को रियायती भूखंड दिया जाए और दूसरी मांग थी कि ऐसे शिक्षकों को रोडवेज में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाए. 

यानी मंत्री ने जो मांगा, मुख्यमंत्री ने तुरंत दे दिया. मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि और कुछ चाहिए तो अभी बोल दीजिए, आज अच्छा मौका है, इतना कहते ही पूरा सभागार अशोक गहलोत जिंदाबाद से गूंज उठा. समारोह में शामिल हर शिक्षक हो या उनके परिजन या फिर जन प्रतिनिधि या आमजन, हर कोई गहलोत के इस रूप को देखकर उनका कायल हो गया. किसी को विश्वास नहीं था कि मंच पर जो मुख्यमंत्री से मांगा जाएगा, वह तुरंत मिल जाएगा. 

प्राइवेट स्कूलों की लूट पर बरसे गहलोत:
समारोह में मुख्यमंत्री ने उन प्राइवेट स्कूल संचालकों की भी खिंचाई की, जो शिक्षा के नाम पर फीस वसूली से जनता को लूट रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर की सहायता के बिना शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में काम नहीं हो सकते. शिक्षा देने के भाव से प्राइवेट स्कूल खुलता है, तो अच्छी बात है, लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूल वालों से मैं अपील करता हूं कि वे इसे कमाई का जरिया न बनाए, बल्कि नो प्रोफिट नो लॉस के आधार पर संस्था चलाए. सीएम ने कहा कि कई प्राइवेट स्कूल में लूट मची हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. गरीब का बच्चा इनमें पढ़ नहीं सकता. 

सीएम की साफगोइ से जनता हुई कायल:
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की साफगोई भी चर्चा का विषय बनी रही. सीएम ने कहा कि यूपीए सरकार ने RTE और RTI कानून लागू किए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इनको बदल दिए. उन्होंने कहा कि आप लोगों ने मोदी मोदी का माहौल बना दिया. हम लेपटॉप बांटते रह गए और आप लोगों ने हमें चित्त कर दिया और 21 सीटों पर लाकर छोड़ दिया, लेकिन भले ही हमारी जान चली जाए, लोकतंत्र कायम रहना चाहिए. सीएम ने कहा कि पाकिस्तान में सेना का शासन चलता है और भारत में लोकतंत्र का. अगर 70 साल तक कांग्रेस लोकतंत्र को मजबूत नहीं रखती, तो आज मोदी पीएम नहीं बनते. जनता का गुमराह किया जा सकता है, ,शिक्षकों को नहीं. देश में मौजूदा समय में लाखों लोग बेरोजगार हो रहे हैं, ऐसे में बुदि्धजीवियों को इस बारे में सोचना चाहिए. 

शिक्षक समाज का आईना:
करीब डेढ घंटे तक चले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जहां शिक्षकों की तारीफ की, वहीं यह भी अपील की है कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं, ऐसे में समाज को मजबूत व संस्कारित शिक्षा देना भी शिक्षकों की ही जिम्मेदारी बनती है. मंत्री सुभाष गर्ग ने कुछ शिक्षकों द्वारा शिक्षक व शिष्य के रिश्तों को तार-तार करने की बात भी कही और अपील करी कि ऐसे शिक्षकों को दंड भी मिलना चाहिए. 

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