नई दिल्ली VIDEO: मुख्यमंत्री गहलोत पहुंचे दिल्ली, CWC की बैठक में होंगे शामिल, कहा- नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे भाजपा के लोग

VIDEO: मुख्यमंत्री गहलोत पहुंचे दिल्ली, CWC की बैठक में होंगे शामिल, कहा- नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे भाजपा के लोग

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य​समिति (CWC) की बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुंचे. दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि बीजेपी के लोग नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे है. देश में वर्तमान में हालात चिंताजनक है. नॉन इश्यू को इश्यू बनाकर राजनीति की जा रही है. देशवासी कांग्रेस को लेकर चिंतित है. अभी हम मजबूत विपक्षी पार्टी, जल्द सत्ता में वापसी करेंगे. सोनिया गांधी ने विचार-विमर्श के लिए CWC की बैठक बुलाई गई है. CWC की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर मंथन होगा.

आपको बता दें कि हालिया विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करने के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक रविवार को होगी जिसमें हार के कारणों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. वहीं कांग्रेस पार्टी ने उन खबरों का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि गांधी परिवार के सदस्य सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे देंगे.सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रविवार को शाम चार बजे यहां पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई सीडब्ल्यूसी बैठक की अध्यक्षता करेंगी.

सीडब्ल्यूसी की बैठक ऐसे समय होने जा रही है जब कांग्रेस ने पंजाब में सत्ता गंवा दी और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा है.सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से सक्रिय रूप से प्रचार नहीं कर रही हैं, प्रियंका गांधी वाद्रा के अलावा राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे हैं. साथ ही भाई-बहन की जोड़ी पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में भी प्रमुख भूमिका निभाती है. उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रचार अभियान के बावजूद, राज्य में कांग्रेस 403 विधानसभा सीटों में से केवल दो पर जीत हासिल कर सकी. कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी भी कम होकर 2.33 प्रतिशत हो गई और उसके अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.

पार्टी की 2019 के आम चुनावों में लगातार दूसरी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष के रूप में फिर से पार्टी की बागडोर संभाली थी. उन्होंने ने भी अगस्त 2020 में पार्टी नेताओं के एक वर्ग जी-23 द्वारा खुले विद्रोह के बाद पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन सीडब्ल्यूसी ने उनसे पद पर बने रहने का आग्रह किया था. इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के जी 23 समूह के कई नेताओं ने शुक्रवार को भी बैठक की जिसमें आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गयी. राज्यसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के आवास पर हुई इस बैठक में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और मनीष तिवारी शामिल हुए.

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