VIDEO: असहमति का मतलब राष्ट्रद्रोह नहीं, साल का सबसे बड़ा मजाक मोदी व शाह ने किया- सीएम गहलोत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/12/27 18:12

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पैरवी करते हुए कहा कि असहमति का मतलब राष्ट्रद्रोह नहीं है. उन्होंने कहा कि देश को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों की आज और अधिक आवश्यकता है. रविन्द्र मंच सभागार में आज से भारतीय महिला फैडरेशन का 21वां राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ. मुख्यमंत्री गहलोत ने इसका उद्घाटन किया. 

इस साल का सबसे बड़ा मजाक मोदी व शाह ने किया:
भारतीय महिला फेडरेशन का चार दिवसीय 21वां राष्ट्रीय सम्मेलन आज से रविंद्र मंच पर शुरू हो गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के मुद्दों के बारे में अवगत करवाना है. इस सम्मेलन में देश के 28 राज्यों से करीब एक हजार एवं विदेशों की महिला प्रतिनिधि हिस्सा ले रही है. फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणा रॉय के बुलावे पर कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री गहलोत ने महिला सशक्तिकरण एवं उनके स्वावलंबन, सुरक्षा, समानता से संबंधित कानूनों के बारे में चर्चा की, तो साथ ही CAA न NRC को लेकर देश मे बने माहौल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है. ऐसा माहौल देश मे कभी नहीं देखा गया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस साल का सबसे बड़ा मजाक मोदी व शाह ने किया. शाह 4 महीने से लगातार बोल रहे थे कि NRC लागू करके रहूंगा और मोदी कह रहे है कि NRC की चर्चा ही नहीं हुई. गृहमंत्री बोल रहे है वह पीएम को सुनाई नहीं दे रहा. अब मोदी शाह के चेहरों पर हवाइयां उड़ी हुई है. 

महिलाओं पर अत्याचार एवं उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: 
इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार एवं उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्य सरकार ने ऎसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और आगे भी इसमें किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी. राज्य सरकार जघन्य अपराधों के त्वरित अनुसंधान के लिए एक विशेष यूनिट बना रही है, जो जल्द से जल्द तफ्तीश कर पीड़ित को शीघ्र न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मॉब लिंचिंग एवं ऑनर किलिंग  के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं. राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है. लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का संकल्प राज्य विधानसभा में पारित किया गया है. 

सांझी संस्कृति और सांझी विरासत हमारे देश का आधार: 
सीपीआई नेता अतुल कुमार अंजान ने कहा कि सांझी संस्कृति और सांझी विरासत हमारे देश का आधार है. उन्होंने कहा कि गांधी हमारे विचारों में कल भी जिंदा थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं को समान भागीदारी मिलनी चाहिए. वही भारतीय महिला फैडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूणा रॉय ने कहा कि राजस्थान वह राज्य है, जहां सूचना के अधिकार को सशक्त करने के साथ ही महिला समानता और उन्हें अधिकार देने की दिशा में अच्छा काम हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जिसे संविधान और गांधी जी के सिद्धान्तों पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए. 

कार्यक्रम में पदाधिकारी, सोशल एक्टिविस्ट मौजूद रहे:
कार्यक्रम को भारतीय महिला फैडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव एनी राजा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रेवती, भंवरी देवी तथा निशा सिद्धू आदि ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आई संगठन की पदाधिकारी, सोशल एक्टिविस्ट आदि भी मौजूद रहे. भंवरी देवी ने तो मुख्यमंत्री के सामने ही 26 साल से न्याय नहीं मिलने का मामला उठाया. 

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