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सीएम गहलोत आज हेलीकॉफ्टर से लेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा

सीएम गहलोत आज हेलीकॉफ्टर से लेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा

जयपुर: भारी बरसात के चलते प्रदेश में कई जगह हालात काफी खराब हो गए हैं. हाड़ौती संभाग के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है. गांधी सागर बांध में लागातर पानी की आवक के चलते चंबल उफान पर है. कोटा और धौलपुर में बाढ़ के हालात बने हुए है साथ ही सवाई माधोपुर में अलर्ट जारी किया गया है. 

शांति धारीवाल और मास्टर भंवरलाल रहेंगे साथ: 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकॉफ्टर से सर्वे करेंगे. इस दौरान उनके साथ स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और आपदा राहत प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवरलाल शर्मा मौजूद रहेंगे. सीएम गहलोत के हवाई सर्वेक्षण के तय कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले वे बूंदी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे करेंगे. इसके बाद कोटा शहर और जिले के प्रभावित क्षेत्र का और फिर झालावाड़ जिले का दौरा करेंगे. 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी करेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा: 
वहीं दूसरी ओर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी नई दिल्ली से कोटा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे. दौरे के बाद लोकसभा अध्यक्ष जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ टेगोर हॉल में स्थिति को लेकर बैठक करेंगे. शाम को वापस ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. 

गहलोत ने की कमलनाथ से बात: 
मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित राज्य के जिलों में उपजे बाढ़ जैसे हालातों को लेकर सीएम गहलोत ने एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी बात की है. मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि दोनों राज्यों के बीच में समन्वय बना रहेगा एवं प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में कोई कमी नहीं रहेगी. 
 

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गवर्नर कलराज मिश्र ने दिया सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने और विलुप्त होती स्थानीय कलाओं के संरक्षण पर जोर

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जयपुर:  राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कलाओं के संरक्षण, कलाकारों को प्रोत्साहन के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों के क्रियान्वयन में सभी की समुचित सहभागिता रखे जाने का आह्वान किया है.आपको बता दे कि मिश्र बीती शाम राजभवन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की विशेष ऑनलाइन समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने केन्द्र की संचालन और कार्यकारी समिति में किए जाने वाले परिवर्तन में सभी की समुचित भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के साथ ही दोनों समितियों को और अधिक प्रभावी किए जाने के भी निर्देश दिए है. मिश्र ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त किए जाने के प्रयास भी प्रभावी स्तर पर किए जाने पर जोर दिया है.

आगे उन्होंने कहा कि इस संबंध में केन्द्र सदस्य राज्यों के कला संस्कृति विभागों की समुचित सहभागिता रखते हुए सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के कार्य जारी रखे जाएंगे क्योंकि इसी से हम अपनी कला विरासत को भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रख पाएंगे  और संरक्षित कर पाएंगे. 

राज्यपाल ने कहा कि विलुप्त होती स्थानीय कलाओं, लोक और जनजाति कलाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ लाने के लिए भी महत्ती कार्य किए जाने चाहिए. बैठक में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव, दादरा-नागर हवेली आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था. ये कितना कारगर होगा ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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नवरात्रि 2020: नवरात्रि के चौथे दिन करें देवी कूष्मांडा की पूजा, मिलेगा यश, आयु का वरदान

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जयपुर: नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा की पूजा 'कुष्मांडा' के रूप में की जाती है. कूष्मांडा शब्द दो शब्दों यानि कुसुम मतलब फूलों के समान हंसी और आण्ड का अर्थ है ब्रह्मांड. अर्थात वो देवी जिन्होनें अपनी फूलों सी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड को अपने गर्भ में उत्पन्न किया है. देवी कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं. साथ ही हाथ में अमृत कलश भी है. 

मान्‍यता है कि जब दुनिया नहीं थी, तब इन्होंने ही अपने हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी इसीलिए इन्‍हें सृष्टि की आदिशक्ति कहा गया है. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा व जप माला है. देवी का वाहन सिंह है. शांत और संयम भाव से माता कुष्मांडा की पूजा करनी चाहिए. इनकी उपासना से भक्तों को सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं. लोग नीरोग होते हैं और आयु व यश में बढ़ोतरी होती है. मां ती सवारी सिंह है जो कि धर्म का प्रतीक है. 

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क्या चढाएं माता को भोग में:
मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग अतिप्रिय है. लेकिन भक्तों के पास जो होता है मां उस भोग को भी सहर्ष स्वीकरा कर लेती हैं. 

मां कूष्मांडा की पूजन विधि:
सुबह स्नान करने के हाद हरे वस्त्रों को धारण करें. उसके बाज देवी को हरी इलायची, सौंफ और कुम्हणे का भोग लगाएं. फिर "ओम कूष्मांडा दैव्यै: नम:" मंत्र का 108 बार जाप करें। मां कूष्मांडा की आरती उतारें और प्रसाद चढ़ाएं.

प्रार्थना मंत्र:
सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च.
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु में. 

Horoscope Today, 20 October 2020: नौकरी और मुनाफे में ये राशियां रहेंगी भाग्यशाली, करे ये उपाय

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जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

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मेष राशि - आज आप माता रानी को चन्दन का तिलक लगाएं, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे और धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को रसमलाई चढ़ाएं. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ पूर्व की ओर मुंह करके 24 बार रोज करें. 

वृष राशि - आज आप माता रानी को नारंगी सिंदूर का तिलक लगाएं, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए मां को गुड़ का भोग लगाए. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 21 बार रोज करें. 

मिथुन राशि - आज आप माता रानी को दही-हल्दी का तिलक लगाएं, पान के पत्तो की माला बना कर अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को मोतीचूर के लडडू चढ़ाएं. धन प्राप्ति मन्त्र का 21 बार जप ईशान दिशा की ओर मुंह करके रोज करें. 

कर्क राशि - आज आप माता रानी को सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाए, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को सफ़ेद तिल की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को 51 बार रोज पढ़ें. 

सिंह राशि - आज आप माता रानी को केसर का तिलक लगाए, हज़ारे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए मां को पञ्च मेवे  की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 27 बार रोज करें. 

कन्या राशि - आज आप माता रानी को हल्दी का तिलक लगाए, कमल का पुष्प अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को पिस्ते  की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का जप उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 54 बार करें. 

तुला राशि - आज आप माता रानी को सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाए, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को गुड़ से बनी खीर का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 28 बार रोज करें. 

वृश्चिक राशि - आज आप माता रानी को लाल सिंदूर, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को मखाने  का भोग लगाये. रोज धन प्राप्ति मन्त्र 41 बार पढ़ने से लाभ होगा. 

धनु राशि - आज आप माता रानी को पीले चन्दन का तिलक लगाए, हजारे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को ड्राई फ्रूट बर्फी का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 25 बार रोज पढ़ें. 

मकर राशि - आज आप माता रानी को लाल चन्दन का तिलक लगाए, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को माखन मिश्री का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को रोज 33 बार जरुर पढ़ें. 

कुम्भ राशि - आज आप माता रानी को लाल सिंदूर का तिलक लगाए, नील कमल का पुष्प अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को गुलाब जामुन मिठाई का भोग लगाये. उत्तर की ओर मुंह करके 32 बार रोज धन प्राप्ति मन्त्र पढ़ें. 

मीन राशि - आज आप माता रानी को केसर का तिलक लगाए, पीले गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को केसर बर्फी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को 27 बार रोज पढ़ें. 

धन प्राप्ति मन्त्र -
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालेय प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम :

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

20 अक्टूबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

20 अक्टूबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (शुद्ध ) मास शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि दोपहर 11 बजकर 19 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी. चतुर्थी तिथि में अग्नि, विषादिक असद कार्य, शत्रु मर्दन, इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हैं. चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी होते हैं.  

शुभ नक्षत्र ज्येष्ठा नक्षत्र रात्रि 2 बजकर 12 मिनट तक तत्पश्चात मूल नक्षत्र रहेगा. ज्येष्ठा नक्षत्र मे अग्नि, शिल्प, चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्मे जातको कि 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन मूल शांति करवा लेनी चाहिए. ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला,कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, सुन्दर, साहसी, व्यापार निपुण, धनवान, बुद्धिमान होता है.

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन वृश्चिक राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव -  अंगारक चतुर्थी

राहुकाल - दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक

दिशाशूल - मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले.    

आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 9.22 मिनट से दोपहर 01.36  मिनट तक चर, लाभ, अमृत का और दोपहर 3.01 मिनट से सायं 4.26 तक शुभ का चौघड़िया

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री


 

VIDEO: फ्लाइट्स में अब लौटने लगी रौनक ! नवरात्रि की शुरुआत में एयरपोर्ट पर बढ़ा यात्रीभार

जयपुर: जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब यात्रियों की रौनक पहले की तरह लौटने लगी है. पिछले 7 दिनों में जयपुर एयरपोर्ट पर औसत यात्रीभार में बढ़ोतरी देखी गई है. एक तरफ जहां फ्लाइट्स की संख्या बढ़ी है, वहीं साथ में यात्रीभार भी बढ़ रहा है. खास बात यह है कि सबसे ज्यादा रौनक नवरात्रि के बीते दो दिन में रही है. किन शहरों के लिए है ज्यादा यात्रीभार, कितने यात्री रोज कर रहे आवागमन. देखिए फर्स्ट इंडिया की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

जयपुर एयरपोर्ट से रोज 28 फ्लाइट्स का हो रहा डिपार्चर:
कोरोना काल में 25 मई से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुआ था और अब 5 माह में पहली बार ऐसा लगने लगा है जैसे हवाई यात्रा की रौनक वापस लौट रही हो. अब जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना संचालित होने वाली फ्लाइट्स की कुल संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है. दरअसल सितंबर माह तक कोरोना पीक पर था और इस वजह से यात्रियों में फ्लाइट्स में सफर करने को लेकर डर देखा जा रहा था. अब कोरोना के एक्टिव केसेज की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है. साथ ही देशभर में नए केसेज मिलने की दर भी गिरी है. इस तरह अब हवाई यात्रियों के लिए थोड़ी राहत मिली है. इसके साथ ही देश में अब त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है. नवरात्रि के इस पर्व के साथ ही लोगों की व्यस्तता बढ़ रही है. जयपुर सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन सीजन भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रीभार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर माह में जयपुर एयरपोर्ट से रोज औसतन 26 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा था और इस माह अब राेज औसतन 28 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. सितंबर के मुकाबले औसत यात्रियों की संख्या भी 4350 से बढ़कर 4850 तक जा पहुंची है. जयपुर एयरपोर्ट से पिछले सप्ताह में कुल 382 फ्लाइट्स का आवागमन हुआ है, जिनके जरिए कुल 33933 यात्रियों ने यात्रा की है.

पिछला सप्ताह कैसा रहा जयपुर एयरपोर्ट पर ?
दिनांक : आगमन : प्रस्थान : कुल यात्री : कुल फ्लाइट
12 अक्टूबर : 2171 यात्री : 2567 यात्री : 4738 यात्री : 56 फ्लाइट
13 अक्टूबर : 1973 यात्री : 2116 यात्री : 4089 यात्री : 56 फ्लाइट
14 अक्टूबर : 2286 यात्री : 1979 यात्री : 4265 यात्री : 46 फ्लाइट
15 अक्टूबर : 2565 यात्री : 2618 यात्री : 5183 यात्री : 58 फ्लाइट
16 अक्टूबर : 2344 यात्री : 2018 यात्री : 4362 यात्री : 50 फ्लाइट
17 अक्टूबर : 3142 यात्री : 2366 यात्री : 5508 यात्री : 60 फ्लाइट
18 अक्टूबर : 3602 यात्री : 2186 यात्री : 5788 यात्री : 56 फ्लाइट

मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा:
यहां यह जानना भी रोचक है कि जयपुर शहरवासी आखिर किन शहरों के लिए सबसे ज्यादा यात्रा करना पसंद कर रहे हैं. दरअसल मौजूदा समय में मुम्बई और कोलकाता सबसे ज्यादा डिमांड में हैं. दोनों ही शहरों के लिए रोज औसतन 5-5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. इसके अलावा बेंगलूरु, दिल्ली और हैदराबाद के लिए भी 4 से 5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. हालांकि सबसे ज्यादा यात्रीभार की बात करें तो मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा है. बड़े शहरों में सबसे कम फ्लाइट चेन्नई के लिए है, जहां के लिए मात्र 1 फ्लाइट ही चल रही है.

किस शहर के लिए रोज औसतन कितनी फ्लाइट ?
- मुम्बई, कोलकाता : रोज 5-5 फ्लाइट
- बेंगलूरु और दिल्ली : रोज 4 से 5 फ्लाइट
- हैदराबाद रोज 4 फ्लाइट
- पुणे, अहमदाबाद : 2-2 फ्लाइट

- इंडिगो 16 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 13-14 फ्लाइट चल रहीं
- एयर इंडिया 5 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 2 या 3 फ्लाइट चल रहीं
- स्पाइसजेट का 6 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं
- एयर एशिया 5 का शेड्यूल : 2 से 3 चल रहीं
- गो एयर 3 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं

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अब प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और नवंबर माह में यह काफी अच्छा होगा. साथ ही दिवाली के मौके पर भी यात्रीभार में एक साथ बढ़ोतरी होगी. इस बीच 26 अक्टूबर से जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का विंटर शेड्यूल लागू होगा. इसमें 4 से 6 नई फ्लाइट शुरू होने की संभावना है. कुलमिलाकर नवंबर माह के पहले सप्ताह से हवाई यात्रा की रौनक जगमग होने के आसार हैं.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

जयपुर: प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अपने आवास पर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में 26 अक्टूबर से ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान चलाने का एलान कर दिया. अब पूरे प्रदेश में मिलावटखोरो की धरपकड़ होगी. सीएम गहलोत ने कहा है कि राजस्थान मिलावटखोरी से मुक्ति की दिशा में अलग पहचान बनाएगा.

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं:
-सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम
-26 अक्टूबर से चलेगा ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान
-दूध, दूध से बने पदार्थों, मिठाइयों, मसालों, घी, तेल में मिलावट बर्दाश्त नहीं
-खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
-सभी जिलों में कलेक्टर के निर्देशन में अभियान चलेगा
-चिकित्सा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गृह विभाग को जिम्मेदारी
-जिला कलेक्टरों को तुरन्त परिपत्र भेजने के निर्देश दिए
-दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स में मिलावट पर फोकस
 
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला:
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला किया है. गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ 26 अक्टूबर से शुद्ध के लिये युद्ध अभियान चलाया जाए, जो त्यौहारी सीजन के दौरान नवंबर माह के अन्त तक चलेगा. राज्य-स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों का ग्रुप बनाकर अभियान का संचालन किया जाएगा. अभियान का फोकस दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा पैकेजिंग में मिस-ब्रांडिंग पर रहेगा. संदिग्ध पदार्थों के सैंपल की गुणवत्ता की लैब में तुरन्त जांच करवाकर मिलावटी सामान तैयार करने वाले तथा ऐसे पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता होने पर एफआईआर भी दर्ज होगी.

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मिलावटखोरों पर कसा जाएगा पूरा शिकंजा:
इस बार मिलावटखोरों पर पूरा शिकंजा कसा जाएगा और सख्त कार्रवाई के लिए यदि आवश्यक हो तो कानून में समुचित संशोधन भी किया जाएगा. इतना ही नहीं सरकार ने संगठित मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम देने का भी फैसला किया है और इनके नाम गुप्त रखे जाएंगे.  मुख्यमंत्री ने शुद्ध के लिये युद्ध अभियान की योजना बनाने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के निर्देश दिए. यह समिति अभियान का क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी. समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक या अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. समिति के निर्देशन में कलक्टर द्वारा नामित उप खण्ड अधिकारी अथवा विकास अधिकारी, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक कार्रवाई दल गठित होगा, जो मिलावटखोरों के खिलाफ मौके पर जाकर कार्रवाई करेगा. इस दल में खाद्य सुरक्षा निरीक्षक, बाट एवं मापतोल विभाग, पुलिस तथा डेयरी के अधिकारी भी रहेंगे. राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित माॅनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक उप समूह गठित किया जाए. इस समूह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा गृह विभागों के प्रमुख शासन सचिव एवं खाद्य एवं आपूर्ति, पशुपालन तथा डेयरी विभागों के शासन सचिव सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे.

26 अक्टूबर से चलेगा 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान:
-जिला समिति बनाएगी अभियान की योजना
-समिति क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी
-कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलों में बनेगी कमेटी
-समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ,
-जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा
-डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक शामिल होंगे
-सैंपल की लैब में तुरन्त जांच करवाई जाएगी
-पुलिस एफआईआर दर्ज कर आपराधिक दण्डात्मक कार्रवाई होगी
-मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम दिया जाएगा
-राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कमेटी बनेगी

मुख्यमंत्री साफ कहा है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन इस अभियान की सफलता के लिए यह जरूरी है कि आम लोग भी जागरूक हों और शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में सरकार का साथ दें.

जयपुर DCP ईस्ट राहुल जैन को मिली सफलता, 3 शातिर बदमाशों को नाकाबन्दी में दबोचा

 जयपुर DCP ईस्ट राहुल जैन को मिली सफलता, 3 शातिर बदमाशों को नाकाबन्दी में दबोचा

जयपुर: राजधानी जयपुर में बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को सोमवार को नाकाबंदी करके आदर्श नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए. पकड़े गए तीनों बदमाश अंकुर शर्मा, संजय कुमार व अभिषेक जैन अलवर स्थित बानसूर के रहने वाले है. पुलिस ने तीनों के कब्जे से दो पिस्टल, कारतूस व लग्जरी कार बरामद कर ली. अब पुलिस टीमें आरोपियों से हथियार खरीदने और जयपुर में सप्लाई करने के संबंध में पूछताछ कर रही है.

डीसीपी ईस्ट राहुल जैन बताया कि शहर में शनिवार को लूट की हुई दो घटनाएं और त्यौहारी सीजन के कारण जिले के मुख्य जगहों पर दिन के समय नाकाबंदी करवाई जा रही थी. जिसमें आदर्श नगर थाना पुलिस ने पिंक स्कवायर मॉल के पास नाकाबंदी लगाई थी. इस दौरान बाहर से आई लग्जरी कार को रुकवाकर चैक किया तो कार सवार तीनों युवक एक-दूसरे की तरफ देखने लगे. इस पर पुलिस टीम को शक हुआ तो तीनों को नीचे उतारकर चैक किया तो चालक अंकुर व आगे वाली शीट बैठे युवक के पास दो पिस्टल व पीछे बैठे युवक की जेब में कारतूस रखे मिल गए. उसके बाद टीम ने तीनों को पकड़कर थाने ले आई.

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- जहां पर पूछताछ में सामने आया कि तीनों बदमाश किसी अन्य गैंग के जरिए दिल्ली व यूपी से हथियार लेकर जयपुर और आस-पास के इलाके में बदमाशों को सप्लाई करते है. लग्जरी कार में चलते है. ताकि कहीं पर पुलिस को शक नही हो. अब आरोपियों से हथियार खरीदने वाली गैंग और जयपुर सप्लाई लेने वाले बदमाशों की बारे में पूछताछ की जा रही है.

- पूछताछ में ये भी बताया कि हथियार व कारतूस के तीनों अलग-अलग हिस्सों में करके के शर्ट के अंदर दबाकर बैठते है. ताकि नाकाबंदी के दौरान अगर कार पुलिस चैक करती है पकड़े नही जाए.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट

VIDEO: अफ्रीकी चीते बनेंगे राजस्थान की शान! दक्षिण अ​फ्रीका और नामीबिया से चीते लाने की तैयारी, केन्द्र सरकार की अनुमति मिलने का इंतजार

जयपुर: प्रदेश के जंगलात में चीते छलांग भरेंगे ऐसी उम्मीद जगी है. सभी के जेहन में एक ही सवाल है.क्या 70 साल बाद अब चीता बन सकता है राजस्थान की शान? वन विभाग के स्तर पर अफ्रीका से चीता लाने की योजना पर काफी काम हो चुका है. जल्द ही केंद्र की अनुमति मिलने के बाद एअरलिफ्ट कर चीता राजस्थान में लाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब भारत में अफ्रीकी चीता बसाने की  तैयारियों नें ज़ोर पकड़ लिया है. 1948 के आसपास चीता खत्म हो गए थे जिसका मुख्य कारण शिकार एवं हैबिटैट लॉस था. अब अफ्रीकी चीता को भारत में बसाने की हरी झंडी मिल चुकी है जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के कुछ हिस्से सम्मलित हो सकते हैं वहीं नामीबिया व साउथ अफ्रीका से चीता को एयर लिफ्ट करके लाने की योजना है.

चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक:
आपको बता दें कि चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक है, यहां चीता के नेचुरल प्रे बेस में केवल काला हिरण और चिंकारा है, इसके साथ ही चीता कुछ छोटे जानवरों का भी शिकार करता है. राजस्थान में शाहगढ़ सहित कई अन्य जगहों पर भी चीता बसाने की चर्चा है. चीता को यदि भारत में बसाना है तो चिंकारा, काला हरिण से भरपूर लंबे ग्रासलैंड चाहिए होते हैं. जानकारी यहाँ तक है कि कुछ भारतीय रिसर्चर अफ्रीकी देशों में जाकर कुछ चीतों को चिन्हित भी कर चुके हैं, एवं कागज़ी कार्रवाई होते ही इन्हें एयर लिफ्ट कर लाना है बस.  भारत में फ़िलहाल बड़ी बिल्लियों में बाघ, एशियाटिक लायन, तेंदुआ मौजूद हैं.

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चीता यहां से 70 साल पहले हो चुका है विलुप्त:
चीता यहां से 70 साल पहले विलुप्त हो चुका है, लेकिन चीता नाम वास्तव में भारतीय नाम ही है, चीता का शाब्दिक अर्थ है चित्ती यानी अंग्रेजी भाषा में स्पॉट, उन काले धब्बों को के कारण ही इस प्रजाति नाम चीता पड़ा और कोलोनियल पीरियड में यह नाम सब जगह फैल गया. हालांकि राजस्थान में तेंदुए को आज भी चीते के नाम से पुकारा जाता है, हालांकि तेंदुए और चीते में काफी फर्क है. भारत में पाया जाने वाला चीता एशियाटिक चीता था,  अफ्रीकी चीते को लाने से पहले ईरान से बात की गई जहां एशियाटिक चीते की प्रजाति अभी तक बची हुई है.

भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए:
लेकिन ईरान के मना करने के बाद अफ्रीकी चीते को भारत में लाने के प्रयास शुरू किए गए मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया, लेकिन अब न्यायालय की हरी झंडी के बाद भारत में चीता लाने की प्रक्रिया लगभग शुरू हो चुकी है. बड़ी बिल्लियों में राजस्थान में फ़िलहाल भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए हैं. यदि यहां चीते को लाया जाता है तो राजस्थान में 70 साल के बाद ये राजस्थान की शान बन सकता है. राजस्थान के अलावा, मध्यप्रदेश के पालपुर कूनो, और नौरादेही सहित गुजरात में भी चीते को बसाने के कुछ स्थान उपयुक्त माने गए हैं. अब देखना ये होगा कि राजस्थान के अधिकारी इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर कैसे उतार पाते हैं.