कोविड-19ः CM अरविंद केजरीवाल ने स्वस्थ हो चुके लोगों से की प्लाज्मा दान करने की अपील

कोविड-19ः CM अरविंद केजरीवाल ने स्वस्थ हो चुके लोगों से की प्लाज्मा दान करने की अपील

कोविड-19ः CM अरविंद केजरीवाल ने स्वस्थ हो चुके लोगों से की प्लाज्मा दान करने की अपील

नई दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए बहुत कम प्लाज्मा उपलब्ध है. उन्होंने संक्रमण से उबर चुके लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील की. दिल्ली में 14 अस्पतालों को कोविड-19 अस्पतालों में तब्दील किए जाने के एक दिन बाद केजरीवाल ने कहा कि घुटना बदलने जैसी पहले से तय सर्जरी को दो-तीन महीने टाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन ऑपरेशनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं.

 

संक्रमण से उबर चुके लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपीलः
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि यह दौर बहुत खतरनाक है. 10-15 दिन के आंकड़ों के अनुसार, 65 प्रतिशत रोगियों की आयु 45 वर्ष से कम है. आपका स्वास्थ्य और जीवन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और कोविड नियमों का पालन करें. उन्होंने कहा कि पिछले दौर में, लोगों ने सक्रिय रूप से प्लाज्मा दान किया. जब स्थिति में सुधार हुआ, तो प्लाज्मा की मांग कम हो गई और लोगों ने भी इसका दान कम कर दिया. अब मामले फिर से बढ़ गए हैं और बहुत कम प्लाज्मा उपलब्ध है. मैं संक्रमण से उबर चुके लोगों से प्लाज्मा दान करने और वायरस के खिलाफ लड़ाई में सहायता करने का अनुरोध करता हूं.

अस्पतालों में केवल गंभीर रोगियों को किया जाएगा भर्तीः
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में बीते 24 घंटे के दौरान संक्रमण के 13,500 से अधिक मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि हम समारोह स्थलों को बड़े अस्पतालों से जोड़ रहे हैं. अस्पतालों में केवल गंभीर रोगियों को भर्ती किया जाएगा. हमने कुछ अस्पतालों को पूरी तरह कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है. हम अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रत्येक रोगी की जांच कर रहे हैं कि क्या उनका घर पर रहकर ही इलाज किया जा सकता है ताकि अस्पताल के बिस्तरों पर गंभीर रूप से बीमार रोगियों का इलाज किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में केवल यही (कोविड अस्पताल) नहीं हैं बल्कि गैर-कोविड आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अन्य अस्पतालों की पर्याप्त संख्या है. घुटने के प्रतिस्थापन जैसी सर्जरियों को फिलहाल दो-तीन महीने टाला जा सकता है.
सोर्स भाषा

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