सीएम मनोहर लाल खट्टर बोले, कोविड-19 मरीजों के इलाज में संभावित लापरवाही की जांच के लिए बनेगी समिति

सीएम मनोहर लाल खट्टर बोले, कोविड-19 मरीजों के इलाज में संभावित लापरवाही की जांच के लिए बनेगी समिति

सीएम मनोहर लाल खट्टर बोले, कोविड-19 मरीजों के इलाज में संभावित लापरवाही की जांच के लिए बनेगी समिति

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को राज्य विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार कोविड-19 के मरीजों के इलाज में अस्पतालों द्वारा संभावित लापरवाही की जांच के लिए एक समिति का गठन करेगी. मुख्यमंत्री ने सदन को यह आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत दर्ज नहीं की गई है. विपक्षी दल कांग्रेस ने शून्यकाल के दौरान इस साल कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम के दौरान कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में मौतों का मुद्दा उठाया.

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खट्टर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया, सदन के नेता ने विधानसभा को गुमराह किया है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई.हुड्डा ने कहा कि पूर्व में मीडिया की खबरों में बताया गया था कि गुड़गांव, रेवाड़ी और हिसार के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण मौतें हुई. हुड्डा और मुख्यमंत्री के बीच करीब आधे घंटे तक इस मुद्दे पर बहस हुई, जिसके बाद खट्टर ने विस्तृत जवाब की पेशकश की.

हुड्डा ने मुख्यमंत्री से शुक्रवार को विधानसभा में दिए अपने उस बयान को वापस लेने की मांग की जिसमें कहा गया था कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई. उन्होंने ऑक्सीजन की कमी से मौत का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करने की मांग की. कांग्रेस इस मुद्दे पर बार-बार सत्ता पक्ष पर हमला करती रही तो खट्टर ने कहा कि किसी भी लापरवाही की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी.

आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए, खट्टर ने सदन को बताया कि राज्य के अस्पतालों में कोविड ​​-19 के कारण लगभग 13,000 लोगों की मौत हुई. इनमें से लगभग 9,500 लोग हरियाणा के निवासी थे, जबकि लगभग 3,500 लोग अन्य राज्यों के थे. उन्होंने कहा कि हरियाणा में लगभग 3,000 से 4000 अस्पताल हैं और दूसरी लहर के दौरान हर जगह ऑक्सीजन की आपूर्ति की गयी और जरूरत पड़ने पर आसपास के शहरों से भी इसकी व्यवस्था की गई.

और पढ़ें