किसानों के प्रदर्शन को लेकर बोले सीएम रावत, कहा- कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों को किया गया भ्रमित 

किसानों के प्रदर्शन को लेकर बोले सीएम रावत, कहा- कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों को किया गया भ्रमित 

किसानों के प्रदर्शन को लेकर बोले सीएम रावत, कहा- कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों को किया गया भ्रमित 

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को कहा कि कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों को भ्रमित किया गया है और पंजाब की कांग्रेस सरकार द्वारा आंदोलन को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री रावत ने कहा- आंदोलन को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया गया है, वह किसानों के हित में नहींः
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जिस तरह से किसानों को भ्रमित किया गया है और देश के एक विशेष राज्य यानी पंजाब से, जहां कांग्रेस की सरकार है, जिस तरह से आंदोलन को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया गया है, वह किसानों के हित में नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इन कानूनों का सबसे मुखर विरोध कर रही कांग्रेस ने 2019 के अपने घोषणापत्र में इन्हें शामिल किया था लेकिन आज वह और उसके मुख्यमंत्री इसके विरोध में खड़े हैं.

न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त करने को लेकर किसानों में फैलाया जा रहा भ्रमः
मुख्यमंत्री रावत ने जोर देकर कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में हैं और कृषि विज्ञानी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही किए जाने की लंबे समय से की जा रही मांग के आधार पर बनाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने इन कानूनों को किसानों के व्यापक हित में बताते हुए कहा कि इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गए हैं और जहां पहले केवल मण्डी ही खरीददारी करती थी, वहीं आज खुले बाजार की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त करने के संबंध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि यह कहीं भी समाप्त नहीं किया जा रहा है.

किसानों को भ्रमित किए जाने का प्रयास किया जा रहाः
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है लेकिन इसके बावजूद किसानों को भ्रमित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने हमेशा किसानों के वास्तविक हित को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है और धान मूल्य का भुगतान बिल प्राप्त होते ही 24 घंटे के अंदर आरटीजीएस के माध्यम से ऑनलाइन उनके खाते में जमा किया जा रहा है.

किसानों से आग्रह, कहा-वह बंद के विरोधी नहीं हैं, किन्तु इस प्रकार के प्रयासों से शांति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिएः
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि नए पिराई सत्र से पहले गन्ना किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है. रावत ने किसानों से किसी भ्रम में नहीं पड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि वह बंद के विरोधी नहीं हैं, किन्तु इस प्रकार के प्रयासों से शांति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसान आन्दोलन के दृष्टिगत प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं.
सोर्स भाषा

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