Live News »

सीएम योगी ने प्रियंका गांधी का प्रस्ताव किया स्वीकार, मजदूरों के लिए एक हजार बसें भेजने का किया था अनुरोध

सीएम योगी ने प्रियंका गांधी का प्रस्ताव किया स्वीकार, मजदूरों के लिए एक हजार बसें भेजने का किया था अनुरोध

नई दिल्ली: यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी के मजदूरों के लिए बसें भेजने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. कांग्रेस द्वारा यूपी सरकार को 1000 बसें देने का प्रस्ताव रखा गया था, इन बसों को यूपी बॉर्डर पर खड़ा किया गया था. लेकिन, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया था और कहा था कि सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में बसों का इंतजाम किया जा रहा था. अब योगी सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के 1000 बसों का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए चालक,परिचालक का नाम सहित सूची मांगी है. 

देश के सबसे चर्चित राज्यपाल धनखड़ का आज हैं जन्मदिन, शेखावटी में जाट राजनीति से सफर शुरू कर वकालात में भी रहे सिरमौर

यूपी सरकार ने चालक,परिचालक समेत बसों की सूची मांगी:
यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को जवाबी पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए अपने स्तर पर 1,000 बसों को चलाने के आपके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है. सरकार की ओर से कांग्रेस पार्टी और प्रियंका गांधी वाड्रा से एक हजार की बसों की सूची, चालक और परिचालक का नाम और अन्य विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिससे इनका उपयोग प्रवासी श्रमिकों की सेवा में किया जा सके. 

प्रियंका गांधी ने लिखा था पत्र:
केंद्र और प्रदेश सरकार पर कोरोना प्रकरण पर लगातर घेरने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पिछले हफ्ते 16 मई को पत्र लिखा था. प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा था कि प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस अपने स्तर पर बसें चलाना चाहती है. उन्होंने मुख्यमंत्री से यह मांग की थी कि सरकार कांग्रेस को 1,000 बसों के परिचालन की अनुमति दें. बस का पूरा खर्च कांग्रेस पार्टी उठाएगी.

बंगाल की खाड़ी में सुपर साइक्लोन में बदला अम्फान, मौसम विभाग ने 5 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट 

और पढ़ें

Most Related Stories

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने कोविड-19 से बचाव, उपचार की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने कोविड-19 से बचाव, उपचार की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के दिए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव और  उपचार की व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जनपद लखनऊ और मेरठ पर विशेष ध्यान देकर इन जिलों की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है इसलिए हर स्तर पर पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है. एक सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शुक्रवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अधिक संक्रमण दर वाले जनपदों में कोविड-19 से बचाव तथा उपचार की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए.

{related}

मुख्यमंत्री ने केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल विश्वविदयालय) की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा नियमित तौर पर मरीजों को देखा जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाए. इस सम्बन्ध में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाए. आमजन को कोविड-19 से बचाव की जानकारी दी जाए। साथ ही शादी समारोह में कोई व्यवधान न उत्पन्न किया जाए.

लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की 2 दिसंबर को होगी लिस्टिंग, सीएम योगी जाएंगे मुंबई 

लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की 2 दिसंबर को होगी लिस्टिंग, सीएम योगी जाएंगे मुंबई 

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के नगर निगम की जल्द सूरत बदलने वाली है. लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) के बॉम्बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) में लॉन्‍च बॉन्ड (Launch bond) की लिस्‍ट‍िंग होने वाली है. यह लिस्टिंग मुंबई में 2 दिसंबर को होगी और इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी मौजूद होंगे. उनके साथ नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद रहेंगे.

नगर निगम (Nagar Nigam) की इस उपलब्धि की देश और दुनिया कई औद्योगिक हस्तियां गवाह बनेंगी. बता दें कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) ने BSE बॉन्ड मंच के माध्यम से नगरपालिका बॉन्ड जारी करके 200 करोड़ रुपए जुटाए हैं. नगर निगम ने BSE बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर 450 करोड़ रुपए के लिए 21 बोलियां प्राप्त कीं, जो कि इश्यू के आकार का 4.5 गुना है. 

{related}

बॉन्ड को पैसे जुटाने का बेहतर माध्यम माना जाता है. नगर निगम बॉन्ड भी शहरी लोकल बॉडी के लिए होता है. कहने का मतलब यह है कि नगर निगम को पैसे की जरूरत होती है तो बॉन्ड का माध्यम अपनाया जाता है.BSE के अनुसार कुल 11 नगरपालिका बॉन्ड जारी किए गए हैं, जो कुल मिलाकर 3,690 करोड़ रुपए के हैं. इनमें से BSE बॉन्ड मंच का योगदान 3,175 करोड़ रुपए है. इस तरह नगरपालिका बॉन्ड बाजार में BSE की हिस्सेदारी 86 फीसदी पर है.

आखिर योगी को क्यों दी गई हैदराबाद की जिम्मेदारी ! जानिए पूरी खबर...

 आखिर योगी को क्यों दी गई हैदराबाद की जिम्मेदारी ! जानिए पूरी खबर...

लखनऊ:  बिहार के बाद हैदराबाद नगर निगम चुनाव राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है, जिस पर देशभर की निगाहें लगी हुई है. यह रोमांच और तब बढ़ गया जब इस पूरे चुनाव में स्टार प्रचार के तौर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम सामने आया. योगी आज हैदराबाद में प्रचार के लिए पहुंचेगे. हैदराबाद चुनाव प्रचार में विशेष तौर पर बीजेपी रोहिंग्या मुसलमानों का  मुद्दा उठा रही है. वहीं दूसरी योगी को मैदान में उतार कर 2017 विधानसभा चुनाव के मॉडल को हैदराबाद के जमीनीस्तर तक पहुंचाने की तैयारी में हैं, माना जा रहा है कि बीजेपी यहां ओवैसी के बहाने केसीआर पर निशाना साध रही है, जिसके लिए हिंदुत्व फेस के तौर पर योगी को मैदान में उतारा गया है. योगी की हिंदूवादी छवि का बीजेपी भरपूर फायदा लेना चाहती है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में लव जिहाद जैसे कानून को कैबिनट से मंजूरी  के बाद बीजेपी योगी के साहरे  साइलेंट वोटर्स को भी साधाने की कोशिश में है.     

ग्रेटर हैदराबाद निगम देश के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक:
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनाव को 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. ऐसे में बीजेपी के लिए यह चुनाव हैदराबाद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और तेलंगाना के भीतरी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा सियासी आधार बढ़ाने का मौका नजर आ रहा. यही वजह है की बीजेपी ने केसीआर और असदुद्दीन ओवैसी के मजबूत दुर्ग में अपने दिग्गज नेताओं की फौज उतार दी है. बता दें कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम देश के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक है. यह नगर निगम 4 जिलों में है, जिनमें हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेडचल-मलकजगिरी और संगारेड्डी आते हैं. इस पूरे इलाके में 24 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और तेलंगाना के 5 लोकससभा सीटें आती हैं. यही वजह है कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में केसीआर से लेकर बीजेपी, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी तक ने ताकत झोंक दी है. 

उपचुनाव में मिली जीत ने बढ़ाया BJP का उत्साह:
तेलंगाना में इस महीने की शुरुआत में डबका विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत ने बीजेपी के उत्साह को बढ़ा दिया है, क्योंकि इस सीट पर केसीआर की पार्टी का कब्जा था. बीजेपी ने केसीआर के मजबूत गढ़ में जीत दर्ज की है, जिसके चलते पार्टी के हौसले बुलंद हो गए हैं. अब हैदराबाद निकाय चुनाव को बीजेपी ने सभी 150 सीटों पर ताल ठोककर मुकाबले को रोचक बना दिया है. बीजेपी ने फ्री-पानी से लेकर फ्री बिजली और कोरोना वैक्सीन सहित तमाम वादे किए हैं.दरअसल, कर्नाटक के अलावा दक्षिणी राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में बीजेपी की बहुत ज्यादा मौजूदगी नहीं है, यहां क्षेत्रीय दलों की पकड़ मजबूत है. वहीं, बीजेपी की राज्यसभा में क्षेत्रीय दलों के ऊपर से निर्भरता कम हो गई है. तेलंगाना में बीजेपी की सक्रियता के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि अब केसीआर के बिना भी मोदी सरकार उच्च सदन में अपने अहम बिल पास करा सकती है. 

BJP ने KCR के खिलाफ खुला मोर्चा तेलंगाना में खोला:
बीजेपी ने केसीआर के खिलाफ खुला मोर्चा तेलंगाना में खोल दिया है. 4 लोकसभा और 2 विधानसभा सीटें जीतकर, बीजेपी तेलंगाना में अपना दायरा बढ़ने की उम्मीद कर रही है. यही वजह है कि पार्टी ने बिहार चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव को हैदराबाद चुनाव की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है तो पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तक हैदराबाद नगर निगम चुनाव प्रचार में उतर रहे हैं. ऐसे में निगम चुनाव के जरिए बीजेपी यह साबित करना और संदेश देना चाहती है कि तेलंगाना में अब टीआरएस की मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस नहीं, बल्कि बीजेपी है.

{related}

ओवैसी के गढ़ हैदराबाद में प्रचार के लिए उतरेंगे योगी:
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार हैदराबाद के नगर निगम के नड्डा मल्कज्गिरी क्षेत्र में प्रचार करेंगे. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार और योगी आदित्यनाथ शनिवार को असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ हैदराबाद में प्रचार के लिए उतरेंगे. बीजेपी और औवैसी की पार्टी के नेताओं के बीच लगातार वार-पलटवार चल रहे हैं. ऐसे में बीजेपी शाह और योगी को उतारकर आक्रमक चुनाव प्रचार को धार देकर ओवैसी और केसीआर के गढ़ को भेदना चाहती है.  

हैदाराबाद निगम चुनाव BJP बनाम ओवैसी के बीच सिमटा हुआ:
बीजेपी यहां ओवैसी के बहाने केसीआर पर निशाना साध रही थी, लेकिन केसीआर ने सभी 150 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर ध्रुवीकरण की राजनीति से बचने का दांव चला है. इसके बावजूद हैदाराबाद निगम चुनाव बीजेपी बनाम ओवैसी के बीच सिमटा हुआ है. हालांकि, ओवैसी सिर्फ पुराने हैदाराबाद के इलाकी की 51 सीटों पर चुनाव लड़े रहे हैं जबकि केसीआर सभी सीटों पर है. ऐसे में बीजेपी को अपनी जीत की उम्मीद नजर आ रही है.  बता दें कि 2016 के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में टीआरएस ने 150 वार्डों में से 99 वार्ड में जीत दर्ज की थी, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 44 जीता था. वहीं, बीजेपी महज तीन नगर निगम वार्ड में जीत दर्ज कर सकी थी और कांग्रेस को महज दो वार्डों में ही जीत मिली थी. इस तरह से ग्रेटर हैदराबाद और पुराने हैदराबाद के निगम पर केसीआर और ओवैसी की पार्टी ने कब्जा जमाया था. 

BJP ने हैदराबाद में खो दीं थी 6 सीटें 
बीजेपी ने उस समय महज तीन सीटें जीती थी जब पार्टी के सात विधायक थे. 2018 के विधानसभा में बीजेपी ने हैदराबाद में छह सीटें खो दीं महज एक सीट बचा पाई थी. बीजेपी के राजा सिंह ने जीतकर बीजेपी की लाज बचाई थी. हालांकि, एक साल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तेलंगाना की चार सीटें आदिलाबाद, करीमनगर, निज़ामाबाद और सिकंदराबाद में जीत हासिल की. ऐसे में अब उसकी नजर ओवैसी के दुर्ग हैदराबाद इलाके में जीत का परचम फहराने का है. इसीलिए बीजेपी यहां किसी तरह का कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिशिर अवस्थी की रिपोर्ट

सीएम योगी ने कहा- सरकार सौर एवं बायोफ्यूल ऊर्जा की संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध 

सीएम योगी ने कहा- सरकार सौर एवं बायोफ्यूल ऊर्जा की संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि ऊर्जा का उत्पादन एवं खपत विकास का मुख्य आधार है और राज्य सरकार प्रदेश के विकास और औद्योगिकीकरण के लिए अक्षय ऊर्जा विशेषकर सौर एवं बायोफ्यूल ऊर्जा की संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री गोरखपुर से वर्चुअली नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रिन्यूएबल इनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो-2020 को संबोधित कर रहे थे. उन्‍होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मानव शक्ति और भौगोलिक रूप से देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है.

सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा:
योगी ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा नीति-2017 प्रख्यापित की गई है. इसमें ओपेन एक्सेस के द्वारा थर्ड पार्टी विक्रय, कैप्टिव उपयोग के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना एवं सोलर पार्क के विकास का प्रावधान किया गया है. नीति के अंतर्गत वर्ष 2022 तक 10,700 मेगावाट क्षमता की सौर विद्युत परियोजनाओं की अधिष्ठापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें से 6,400 मेगावाट यूटीलिटी स्केल सौर विद्युत परियोजनाओं एवं 4,300 मेगावाट रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

{related}

पण्डित दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विकास खण्डों के मुख्य ग्रामीण बाजारों में सार्वजनिक मार्ग प्रकाश व्यवस्था हेतु पण्डित दीन दयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना चलाई जा रही है. योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 7,000 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के अंतर्गत चयनित राजस्व ग्रामों में वैकल्पिक मार्ग प्रकाश व्यवस्था हेतु सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना की जा रही है. योजना के प्रथम चरण में चयनित राजस्व ग्रामों में अब तक 13,791 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं.

Dev Deepawali पर काशी के घाट होंगे दीपों से जगमग, पीएम मोदी करेंगे शिरकत, CM योगी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

Dev Deepawali पर काशी के घाट होंगे दीपों से जगमग, पीएम मोदी करेंगे शिरकत, CM योगी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देव दीपावली, 30 नवंबर को वाराणसी आगमन की संभावनाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पहां जाकर तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित जनसभा स्थल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लोगों के कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश एवं निकास आदि के बारे में पूरी जानकारी ली. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी लेते हुए पुख्ता एवं चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया.

दीपदान आदि कार्यक्रमों के बारे में ली अधिकारियों से पूरी जानकारी:
वह देव दीपावली के प्रस्तावित मुख्य कार्यक्रम स्थल पहुंचे और वहां आने वाले लोगों के बैठने, सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने वाले दीपदान आदि कार्यक्रमों के बारे में अधिकारियों से पूरी जानकारी ली. उन्होंने  काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर पहुंच कर वहां के निर्माण की प्रगति को देखा. उन्होंने देव दीपावली के दौरान आयोजित होने वाले लेजर शो स्थल का भी निरीक्षण किया.

{related}

काशी की देव दीपावली का भव्य कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण:
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी 30 नवंबर को देव दीपावली पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी आगमन से संबंधित अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री लम्बे अंतराल के बाद काशी आ रहे हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य आगे बढ़ा है. अयोध्या के दीपोत्सव के उपरान्त काशी की देव दीपावली का भव्य कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण है.

यूपी: लव जिहाद के खिलाफ योगी सरकार के कानून को राज्यपाल ने दी मंजूरी, आज से लागू

लखनऊ: योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ पारित अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है. उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल से अनुमोदन के लिए बुधवार को राजभवन भेजा गया था. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल के पास भेजा गया था. ऐसे में अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद यह नया कानून आज से यूपी में लागू हो गया है. 

अध्यादेश को छह महीने के अंदर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा:
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद अब इस अध्यादेश को छह महीने के अंदर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा. बता दें कि योगी सरकार ने झूठ बोलकर, झांसा देकर या छल-प्रपंच कर धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए यह अध्यादेश लाया है. ऐसे में अब अध्यादेश लागू होने के बाद झांसा देकर, झूठ बोलकर या छल-प्रपंच करके धर्म परिवर्तन करने-कराने वालों के साथ सरकार सख्ती से पेश आएगी. 

धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा होगी:
अध्यादेश के मुताबिक, धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा होगी. इसके अलावा सहमति से धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी को दो महीने पहले सूचना देनी होगी. अध्यादेश के अनुसार किसी एक धर्म से अन्य धर्म में लड़की का धर्म परिवर्तन सिर्फ एकमात्र प्रयोजन शादी के लिए किया जाता है तो ऐसा विवाह शून्य (अमान्य) की श्रेणी में लाया जा सकेगा. 

{related}

संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्धोषणा करनी होगी: 
अध्यादेश के मुताबिक एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्धोषणा करनी होगी कि यह धर्म परिवर्तन पूरी तरह से स्वेच्छा से है. संबंधित लोगों को यह बताया होगा कि उन पर कहीं भी, किसी भी तरह का कोई प्रलोभन या दबाव नहीं है. 

जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान:
यूपी सरकार के अध्यादेश के अनुसार जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. अगर SC-ST समुदाय की नाबालिगों और महिलाओं के साथ ऐसा होता है तो 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ 3-10 साल की जेल होगी.


 

लापता युवक का शव संदिग्ध हालत में बरामद, पहचान छुपाने के लिए हत्यारे ने चेहरे को बेरहमी से कुचला और जलाया

लापता युवक का शव संदिग्ध हालत में बरामद,  पहचान छुपाने के लिए हत्यारे ने चेहरे को बेरहमी से कुचला और जलाया

बिजनौरः उत्तर प्रदेश के बिजनौर से हत्या का एक ह्रदयविदारक मामला सामने आया है, जहां कल शाम से लापता युवक की लाश बेहद ही दयनीय और भयानक अवस्था में मिली है. असल में लाश की पहचान छिपाने के लिए उसके सिर और चेहरे को कुचला गया है. इतना ही नहीं लाश के चेहरे को जलाने की कोशिश भी की गई है. आपको बता दे कि मृतक की पहचान शुभम (24) के रुप में की गई है. 

पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया है कि आज सुबह झालू बस स्टैंड के निकट मोहल्ला बढ़वान निवासी 24 वर्षीय शुभम की लाश मिली है. लाश का सिर और चेहरा पत्थर से कुचला गया है. हत्या में प्रयुक्त पत्थर घटनास्थल पर ही पड़ा था. फिलहाल किसी पर भी शक नहीं जताया जा रहा है, मगर मामले की बारिकी से जांच की जा रही है. 

सिंह ने आगे बताया कि मृतक की पहचान छिपाने के लिए चेहरा जलाने की भी कोशिश की गई थी. जानकारी के अनुसार शुभम बृहस्पतिवार शाम से घर से गायब था जिसके बाद से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे औऱ अब उसका शव इस हालत में मिलने से सभी सदमें में है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस ने आश्वासन दिलाया है कि जल्दी ही आऱोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. (सोर्स-भाषा) 

{related}

South Korean एजेंसी का दावाः कोरोना से डरे तानाशाह किम जोंग ने प्योंगयांग और उत्तरी जांगांग को किया बंद

South Korean एजेंसी का दावाः कोरोना से डरे तानाशाह किम जोंग ने प्योंगयांग और उत्तरी जांगांग को किया बंद

सियोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कोरोना वायरस और आर्थिक क्षति से बचाव के उपाय अपनाते हुए कुछ घोषणाएं की है. इसके तहत समुद्र में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाने और राजधानी प्योंगयांग को बंद करने का आदेश शामिल है. आपको बता दे कि हाल ही में किम ने दो लोगों को फांसी पर लटका दिया है. ये जानकारी दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने आज अपने सांसदों को दी है.

सांसदों ने नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) की निजी बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं को बताया है कि किम सरकार ने विदेशों में अपने राजनयिकों को आदेश दिया है कि ऐसे किसी भी काम से बचें जो अमेरिका को उकसाता है क्योंकि वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के उत्तर कोरिया के प्रति संभावित नये रूख को लेकर चिंतित है.

सांसद हा टाई-क्यूंग ने एनआईएस के हवाले से बताया कि किम महामारी और इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर काफी गुस्से में हैं और विवेकहीन कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि एनआईएस ने सांसदों को बताया कि उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग में पिछले महीने एक हाई प्रोफाइल मनी चेंजर को फांसी पर चढ़ा दिया था. उस व्यक्ति को विनिमय की गिरती दर का दोषी पाते हुए फांसी पर चढ़ाया गया था.

उन्होंने एनआईएस के हवाले से बताया है कि उत्तर कोरिया ने अगस्त में एक बड़े अधिकारी को विदेशों से आयातित माल के प्रतिबंध के सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में फांसी पर चढ़ाया गया है. दोनों व्यक्तियों की पहचान नहीं हो सकी है. एनआईएस ने सांसदों को बताया कि उत्तर कोरिया ने समुद्री जल को वायरस से संक्रमित होने से बचाने के लिए मछली मारने और नमक उत्पादन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

उत्तर कोरिया ने हाल ही में कोरोना  वायरस की चिंता के मद्देनजर प्योंगयांग और उत्तरी जांगांग प्रांत में लॉकडाउन लगा दिया है. फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है कि अभी कितने औऱ लोगों को सनकी तानाशाह के कारण अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ेगा. (सोर्स-भाषा)

{related}