मेरठ सीएम योगी ने तोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के विजेताओं का किया सम्मान, कहा- सरकार खेल और खिलाड़ियों को दे रही है बढ़ावा, दिखने लगा असर

सीएम योगी ने तोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के विजेताओं का किया सम्मान, कहा- सरकार खेल और खिलाड़ियों को दे रही है बढ़ावा, दिखने लगा असर

सीएम योगी ने तोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के विजेताओं का किया सम्मान, कहा-   सरकार खेल और खिलाड़ियों को दे रही है बढ़ावा, दिखने लगा असर

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ जनपद में आज तोक्यो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक के पदक विजेताओं को सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने देशभर से पदक विजेता 17 खिलाड़ियों को कुल 31 करोड़ रुपये दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मेरठ के खेल उद्योग की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो सम्मान और प्रोत्साहन इस उद्योग को पहले मिलना चाहिए था वह नहीं मिला. खेल सम्मान के जरिये मुख्यमंत्री ने पश्चिम उत्तर प्रदेश को साधने की कोशिश की. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सहित सभी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश से निकलने वाली खेल प्रतिभा की प्रशंसा की. 

जमीन पर दिखने लगा बदलाव:
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में थोड़ा विलंब हुआ, कृषि विश्वविद्यालय पहुंचकर योगी ने सबसे पहले खेल उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया. कार्यक्रम स्थल पर मौजूद खिलाड़ियों और लोगों से ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगवाने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने 1857 की क्रांति की धरा को नमन करते हुए अपना संबोधन शुरु किया. योगी ने कहा कि सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है,जिसके बाद बदलाव अब जमीन पर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री योगी ने संबोधन शुरु करने से पूर्व कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री ठाकुर की प्रशंसा की जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. 

दूसरे देशों में खिलाड़ियों ने बढ़ाया भारत का मान:
योगी ने कहा कि मेरठ को खेल उत्पाद के लिए भी जाना जाता है. एक जनपद एक उत्पाद की योजना शुरू हुई है. यह अर्थव्यवस्था को गति देगा. मेरठ का चयन बड़े शोध के बाद खेल में किया गया.  मेरठ में जो खेल उत्पाद बनते हैं उनकी गुणवत्ता अलग है. उन्होंने कहा कि भारत के पैरालंपिक दल में आठ खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से थे. योगी ने डीएम सुहास एल वाई की कोरोना प्रबंधन को लेकर सराहना की. राज्य सरकार ने सुहास को पांच वेतन वृद्धि दी. पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वालों को दो करोड़, रजत पदक जीतने वालों को डेढ़ करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ तथा प्रतिभागियों को 25 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की. इस मौके पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने हजारों किलोमीटर दूर जाकर भारत का मान-सम्मान बढ़ाया. ठाकुर ने कहा, ‘‘कोविड-19 के समय भी सरकार ने खिलाड़ियों को सुविधा दी. पिछली बार 19 खिलाड़ी पैरालंपिक में गये थे लेकिन इस बार 19 पदक आ गए. अभी तक पैरालंपिक में सिर्फ 12 पदक आए थे, हमारी रैंक भी 24 रही.

 केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि जो काम पहले हरियाणा में हुआ करता था उसे अब मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में भी सम्मान समारोह शुरू करके किया. हरियाणा व पश्चिम उत्तर प्रदेश खेल में आगे रहे है. जो खेल विश्वविद्यालय का उपहार मिला है उससे लाभ मिलेगा. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पैरालंपिक के खिलाड़ियों का सम्मान करने का ऐतिहासिक कार्य किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया है. उत्तर प्रदेश में नए स्टेडियम का निर्माण हो रहा है, ग्वालियर में दिव्यांगों के लिए स्टेडियम बनाया जा रहा है. वहां दिव्यांगों के लिए अलग-अलग कोर्ट होंगे, विदेशी कोच होंगे. 2014-21 तक 20 लाख दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किये गए. सोर्स-भाषा

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