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CAA प्रदर्शनकारियों की मौत पर बोले सीएम योगी, मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए

CAA प्रदर्शनकारियों की मौत पर बोले सीएम योगी, मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से विवाद खड़ा हो गया है. योगी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों पर कहा कि अगर कोई मरने के लिए आ ही रहा है तो वो जिंदा कहां से हो जाएगा. सीएए के विरोध में दिसंबर में राज्यभर में प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान, कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई.

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मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए:
उत्तर प्रदेश ने कहा था कि सीएए के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में 22 लोगों की मौत हुई थी. सीएम आदित्यनाथ ने राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की गोली से कोई नहीं मारा गया. मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए हैं. यदि कोई लोगों को निशाना बनाने के इरादे से सड़क पर उतरता है तो या तो वे मरता है या फिर पुलिसकर्मी मरता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं है लेकिन हिंसा में लिप्त लोगों पर सख्ती बरती जाएगी.

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उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई:

उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य है... मैंने हमेशा कहा कि हम किसी भी तरह के लोकतांत्रिक प्रदर्शन का समर्थन करेंगे लेकिन यदि कोई लोकतंत्र की आड़ में माहौल खराब करता है. हिंसा करता है... वो जिस भाषा में समझेगा, उसे भाषा में समझाएंगे." गौरतलब है कि नागरिकता कानून को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान कई जगह सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाई गई। योगी सरकार ने उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की पहल की. कई लोगों को नोटिस भेज गए और नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा गया.

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कानपुर: देर रात कानपुर में एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इसमें एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल पुलिसकर्मियों में से एक की हालत बेदह गंभीर बनी हुई है, उनके पेट में गोली लगी है. ये मुठभेड़ कानपुर के शिवराजपुर इलाके में रात 1 बजे हुई. कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी थी.पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी.

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पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया: 
जानकारी के अनुसार कानपुर में एनकाउंटर वाली जगह से कुछ दूर एक और एनकाउंटर हुआ है जहां पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये तीनों वही अपराधी हैं जो विकास दुबे के साथ थे. जबकि विकास अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं:
बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी. इस पर विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं. इसमें आठ पुलिसवाले शहीद हो गए. उनमें सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसओ महेश यादव, चौकी इंचार्ज अनूप कुमार, सब-इंस्पेक्टर नेबुलाल, कांस्टेबल सुल्तान सिंह, राहुल, जितेंद्र और बबलू शामिल हैं. 

संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी:
विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. 25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है. इसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है.

योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की: 
मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर की इस घटना में मारे गए पुलिसकर्मियों के प्रति शोक और उनके परिजनों से संवेदना प्रकट की है. योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. 

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60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे:
25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है. इसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है.

बंगला खाली करने के नोटिस के बाद लखनऊ शिफ्ट होंगी प्रियंका गांधी, हो चुकी व्यवस्था !

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लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दिल्ली में लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब वे दिल्ली के बजाए लखनऊ का रुख करने के मूड में हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनके लिए यहां एक शानदार बंगले की व्यवस्था भी हो चुकी है. प्रियंका लखनऊ में कौल हाउस में शिफ्ट होने की तैयारी में है. कौल हाउस इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है.

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बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा ये कदम: 
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रयंका गांधी वाड्रा अब यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना बेस बनाने की तैयारी में हैं. प्रियंका पार्टी की महासचिव होने के साथ साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. ऐसे में लखनऊ शिफ्ट होना राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका लगातार यूपी में ज्यादा सक्रिय रही हैं. 

प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी:
जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट होना चुनावी तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस तरह आने वाले दिनों में प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी. अपनी शादी के बाद, इंदिरा गांधी भी अपने पति फ़िरोज़ के साथ लखनऊ आ गईं थी. वे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एपी सेन रोड के एक बंगले में रहती थीं.

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बंगला एक अगस्त तक खाली करना होगा:
मोदी सरकार ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने को कहा है. प्रियंका को ये बंगला एक अगस्त तक खाली करना है. SPG सुरक्षा हटने के चलते बंगला खाली करना होगा. इस बाबत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. प्रियंका गांधी लगभग दो दशक से फैमिली के साथ इसी बंगले में रहती है. 


 

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

लखनऊ: पांच महीने पहले जासूसी करने के आरोप में दबोचा गया राशिद अहमद पाकिस्तानी प्रेमिका से मिलने की चाहत में आईएसआई एजेंट बन गया था. जनवरी में गिरफ्तार राशिद पाकिस्तान में रह रहे अपने मामा की लड़की से प्यार करता था. लेकिन घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. इस बात की जानकारी जब पाक खुपिया एजेंसी को लगी तब आईएसआई व पाकिस्तानी डिफेंस के एक अधिकारी ने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा कर भारत से गोपनीय सूचनाएं मंगाने लगे. 

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मामा की बेटी से करने लगा था प्यार: 
इसी बीच राशित वर्ष 2017 और 2018 में दो बार पाकिस्तान के कराची में रह रही अपनी मौसी के पास गया था. वहीं राशिद के मामा नजीर भी रहते थे, जिनकी बेटी वह प्यार करने लगा. लेकिन राशिद के मामा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. राशिद का मौसेरा भाई आईएसआई और पाकिस्तान डिफेंस के संपर्क में था. 

प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया:
ऐसे में उसने यह पूरी कहानी आईएसआई व पाकिस्तान डिफेंस को बताई और राशिद से उनकी मुलाकात करवाई. ऐसे में उन्होंने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया और भारत के महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों की फोटो, नक्शे और सेना के मूवमेंट की जानकारी मांगी. इसके बदले में राशिद के पैसे भी देने का वादा किया गया. 

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भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था:
उसके बाद राशिद भारत लौट आया और पाकिस्तान के लिए काम करने लगा. इसने दो फोन नंबरो को एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान में व्हॉट्सएप चलाने के लिए ऑटिपी बताया. यानी भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था. राशिद नहीं व्हाट्सएप नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें भेजरा रहता था. इसके बदले राशिद को रुपये भी भेजे गए थे. 
 

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं. डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया है. रिजल्ट जारी करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने कहा कि इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट पिछली बार से बेहतर रहा है. दिनेश शर्मा ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए. तकनीकी का पूरा इस्तेमाल किया गया है.

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10वीं में 83.31 प्रतिशत बच्चे पास हुए: 
लंबे वक्त से रिजल्ट का इंतजार कर रहे विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए दसवीं और 12वीं के नतीजे देख सकते हैं. 10वीं में 83.31 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं, जिसमें रेगुलर 83.44 फीसदी और प्राइवेट- 65.03 फीसदी बच्चे उत्तीर्ण हुए. वहीं यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं में बागपत के छात्र-छात्रा ने टॉप किया है. बागपत की रिया जैन 96.67 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर रहीं तो वहीं 12वीं में अनुराग मलिक ने 97% अंकों के साथ टॉप किया है. 

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लड़कों के मुकाबले लड़कियां का प्रदर्शन बेहतर रहा:
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए. दसवीं कक्षा में 27,44,976 परीक्षार्थी और बारहवीं कक्षा में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे थे. इस साल के रिजल्ट में लड़कों के मुकाबले लड़कियां का प्रदर्शन बेहतर रहा है. दसवीं कक्षा में 23 लाख 982 छात्र पास विद्यार्थी पास हुए हैं. यूपी सरकार ने टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है. इसके अलावा दसवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपर्स विद्यार्थियों को सरकार एक लाख रुपये की सहायता राशि भी देगी. 20 टॉपर्स के घर तक सरकार पक्की सड़क बनाएगी.
 

पीएम मोदी ने लॉन्च किया यूपी में आज से आत्मनिर्भर अभियान, सवा करोड़ मजदूरों को मिलेगा रोजगार

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नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान की शुरुआत की. प्रदेश सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत करीब सवा करोड़ मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा. 

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कोरोना संकट में यूपी ने जो साहस दिखाया वो अभूतपूर्व: 
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यूपी के प्रयास और उपलब्धियां इसलिए विराट हैं, क्योंकि ये सिर्फ एक राज्य भर नहीं है, बल्कि यूपी दुनिया के कई देशों से बड़ा राज्य है. इस उपलब्धि को यूपी के लोग खुद महसूस कर रहे हैं. लेकिन आप अगर आंकड़े जानेंगे तो और भी हैरान हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में यूपी ने जो साहस दिखाया वो अभूतपूर्व है, प्रशंसनीय है.  जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन जाती तब तक हमें सामाजिक दूरी के साथ मास्क का इस्तेमाल करना आवश्यक है. 

लॉकडाउन के समय यूपी सरकार ने गरीबों के लिए काम किया: 
पीएम मोदी ने कहा कि यूपी सरकारी की मेहनत के चलते 85 हज़ार लोगों का जीवन  बच गया. ऐसे में यह बहुत संतोष की बात है. लॉकडाउन के समय यूपी सरकार ने गरीबों के लिए काम किया है, वो भी अभूतपूर्व है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यूपी ने बहुत तेज़ी से गरीबों और गांव लौटे श्रमिक साथियों तक मुफ्त राशन पहुंचाया.

125 दिनों तक चलेगा यह अभियान:
प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत अकेले मनरेगा योजना के तहत गोंडा, बलरामपुर सहित 31 जिलों के लिए करीब 900 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयारी की है. अभियान के पहले दिन एक साथ करीब 65 लाख लोगों को एक साथ रोजगार देने की तैयारी है. यह अभियान 125 दिनों तक चलेगा.रोजगार पाने वाले लोगों में 50 प्रतिशत लोग वो होंगे, जो मनरेगा के तहत रजिस्टर्ड हैं.

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पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार:
प्रदेश सरकार के पास 36 लाख प्रवासी कामगारों का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार है. योगी सरकार इन कामगारों को एमएसएमई, एक्सप्रेस-वे, हाइवे, यूपीडा, मनरेगा जैसे तमाम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के लिए जोड़ चुकी है. इसी के चलते प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और खुद को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने के लिए 5 मई को 57 हजार से अधिक इकाइयों को ऑनलाइन लोन दिया गया था.


 

पुरुष स्टाफ ने महिला की जान बचाने के लिए पति से मांगी प्रसव की अनुमति, एंबुलेंस में कराई सुरक्षित डिलीवरी

पुरुष स्टाफ ने महिला की जान बचाने के लिए पति से मांगी प्रसव की अनुमति, एंबुलेंस में कराई सुरक्षित डिलीवरी

मुरादाबाद(यूपी): मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से महिला को जिला महिला अस्पताल लाने वाली एंबुलेंस का चालक और ईएमटी महिला के परिवार के लिए मसीहा बन गए. अब उनकी हर कोई तारीफ करता नहीं थक रहा. दरअसल, अस्पताल से करीब 15 कीमी पहले महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. उस दौरान एंबुलेंस में महिला के साथ  परिवार से सिर्फ उसका पति ही साथ था. 

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महिला का प्रसव करवाना काफी मुश्किल काम था: 
ऐसे में कोई महिला और आशा वर्कर नहीं होने से उसका प्रवस करवाना काफी मुश्किल काम था, लेकिन जब बात महिला की जान पर बन आई तो पति की अनुमति से एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने सुरक्षित प्रसव करवा दिया. उसके बाद अब महिला और बच्चा सुरक्षित हैं और दोनों महिला अस्पताल में भर्ती हैं. 

महिला की हालत काफी ज्यादा खराब थी:
इससे पहले ठाकुरद्वारा में रहने वाले मजदूर की पत्नी को मंगलवार रात डिलीवरी के लिए ठाकुरद्वारा सीएचसी लाया गया, जहां महिला को हेमोग्लोबीन की कमी के चलते मुरादाबाद महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया. इस दौरान महिला की हालत काफी ज्यादा खराब थी. ऐसे में रात में आशा वर्कर का इंतजार किए बिना ही एंबुलेंस गर्भवती को मुरादाबाद के लिए लेकर रवाना हो गई. इस दौरान एंबुलेंस में महिला का पति था. इसके अलावा परिवार की कोई महिला सदस्य नहीं थी.

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महिला के पति से प्रसव कराने की अनुमति मांगी: 
इसी दौरान बीच रास्ते में महिला दर्द से कराहने लगी. दर्द बढ़ने से उसकी जान खतरे में आ गई. ऐसी स्थिति में एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने महिला के पति से प्रसव कराने की अनुमति मांगी. साथ ही प्रसव नहीं करवाने पर जान पर खतरा बताया. पति की अनुमति मिलते ही चालक और ईएमटी ने एंबुलेंस में रात साढ़े बारह बजे महिला का सुरक्षित प्रसव करा दिया. 
 

बालिका संरक्षण गृह में 7 लड़कियां निकलीं गर्भवती, प्रियंका गांधी ने साधा यूपी सरकार पर निशाना

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कानपुर: राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियों में से सात गर्भवती पाये जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है. इन लड़कियों में से एक लड़की HIV से भी ग्रसित बताई जा रही है. यह खबर उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया. खबरों के मुताबिक इसके बाद कानपुर जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि शेल्टर होम की 7 लड़कियां गर्भवती हैं, जिसमें से 5 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई हैं. हालांकि, उनका कहना है कि यह लड़कियां शेल्टर होम में लाए जाने से पहले ही गर्भवती थीं. 

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3 लड़कियों का उपचार एक निजी अस्पताल में जारी:
जिलाधिकारी ने कहा कि इन लड़कियों को आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर की बाल कल्याण समितियों द्वारा यहां भेजा गया था. यह सभी लड़कियां बालिका संरक्षण गृह में लाए जाने के पहले से गर्भवती थीं. संक्रमित पाई गई 2 लड़कियों का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में किया जा रहा है. वहीं अन्य 3 लड़कियों का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

प्रियंका गांधी ने साथा यूपी सरकार पर निशाना:
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और इसे घोर लापरवाही बताया है. रविवार को ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मसले पर बयान दिया. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला.प्रियंका गांधी ने लिखा कि मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है. यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है. ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं.

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बालिका संरक्षण गृह में 7 लड़कियां निकलीं गर्भवती, प्रियंका गांधी ने साधा यूपी सरकार पर निशाना

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कानपुर: राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियों में से सात गर्भवती पाये जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है. इन लड़कियों में से एक लड़की एचआईवी से भी ग्रसित बताई जा रही है. यह खबर उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया. खबरों के मुताबिक इसके बाद कानपुर जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि शेल्टर होम की 7 लड़कियां गर्भवती हैं, जिसमें से 5 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई हैं. हालांकि, उनका कहना है कि यह लड़कियां शेल्टर होम में लाए जाने से पहले ही गर्भवती थीं. 

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जिलाधिकारी ने कहा कि इन लड़कियों को आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर की बाल कल्याण समितियों द्वारा यहां भेजा गया था. यह सभी लड़कियां बालिका संरक्षण गृह में लाए जाने के पहले से गर्भवती थीं. संक्रमित पाई गई 2 लड़कियों का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में किया जा रहा है. वहीं अन्य 3 लड़कियों का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी के कानपुर में सरकारी संवासिनी गृह का मामला उठाया है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मसले पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और इसे घोर लापरवाही बताया है.आपको बता दें कि प्रियंका ने बीते दिन रविवार को ही इस मसले पर बयान दिया था. उन्होंने लिखा कि कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक की एड्स पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आई. 

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