सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने केन्द्र पर साधा निशाना, कहा- कोरोना महामारी को लेकर अपनी गलतियां स्वीकारें प्रधानमंत्री

सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने केन्द्र पर साधा निशाना, कहा- कोरोना महामारी को लेकर अपनी गलतियां स्वीकारें प्रधानमंत्री

सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने केन्द्र पर साधा निशाना, कहा- कोरोना महामारी को लेकर अपनी गलतियां स्वीकारें प्रधानमंत्री

नई दिल्लीः कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने देश में कोरोना की गंभीर स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी ‘गलतियां’ स्वीकार करना चाहिए और इस महामारी से लड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित होना चाहिए.

सीडब्ल्यूसी का आरोप- मोदी सरकार ने वैज्ञानिकों की सलाह पर काम करने से लगातार किया इंकारः
सीडब्ल्यूसी की डिजिटल बैठक में पारित प्रस्ताव में यह आरोप भी लगाया गया है कि केंद्र सरकार ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया तथा टीकाकरण एवं दूसरे कदमों का पूरा उत्तरदायित्व राज्यों पर छोड़ दिया. प्रस्ताव में कहा गया है कि यह स्थिति मोदी सरकार की नाकामी का सबूत है. ये इस बात का भी सबूत है कि मोदी सरकार ने लगातार वैज्ञानिक सोच और वैज्ञानिकों की सलाह पर काम करने से इंकार किया. कांग्रेस कार्यसमिति ने मोदी सरकार की टीकाकरण नीति को त्रुटिपूर्ण करार देते हुए कहा कि राज्यों को टीके की आपूर्ति नहीं हो रही है और तीन-तीन कीमतों के चलते उसकी नीति में भेदभाव दिखाई देता है.

भारत की युवा आबादी को कोरोना टीका लगाने से मोदी सरकार ने पल्ला झाड़ाः
प्रस्ताव में दावा किया गया है कि 18 से 44 साल आयुवर्ग की भारत की युवा आबादी को कोरोना निरोधक टीका लगाने की जिम्मेदारी से भारत सरकार ने अपना पल्ला झाड़ लिया है और इसका सारा आर्थिक बोझ प्रांतों के ऊपर जबरन लाद दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि सिंह के रचनात्मक सुझावों पर विचार करना तो दूर, इस ‘अहंकारी’ सरकार ने जो रवैया अपनाया वो निंदनीय है.

भारत के लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाने को बताया मोदी सरकार की बड़ी विफलताः
सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में इस बात पर चिंता जताई गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना महामारी का प्रसार हो गया है. उसने कहा कि ऑक्सीजन के सबसे बड़े उत्पादक देशों में शामिल भारत के लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा पाना मोदी सरकार की बड़ी विफलता है. सीडब्ल्यूसी ने आरोप लगाया कि कोरोना से होने वाली मौतों के आंकडे को सामने रखने की बजाय सरकार उस पूरे आंकड़े को छुपाने का एक कुत्सित प्रयास कर रही है...आज इस चुनौतीपूर्ण माहौल में आंकड़ों को दबाना, छुपाना या फिर श्मशान घाट के चारों तरफ दीवार बनाना, हल नहीं है. सेंट्रल विस्टा परियोजना का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में दावा किया गया है कि यह जनता के पैसे की आपराधिक बर्बादी है.

राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय संकल्प से ही कोरोना महामारी से लड़ा जा सकता हैः
सीडब्ल्यूसी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय संकल्प से ही कोरोना महामारी से लड़ा जा सकता है, बिल्कुल एकजुट होकर. इसके लिए प्रधानमंत्री को अपनी गलतियां स्वीकार कर नए सिरे से कोरोना से लड़ने के लिए स्वयं को और अपनी सरकार को समर्पित करना होगा. कार्य समिति के प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी कोरोना 19 महामारी में हर प्रकार के रचनात्मक कदम, जो सरकार उठाएगी, में उसके साथ सदैव खड़ी रहेगी. उसने कोरोना संकट में भारत की मदद करने वाले देशों और संगठनों का भी आभार प्रकट किया.
सोर्स भाषा

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