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जेब काट रहीं कैब कम्पनियां, परिवहन विभाग का इन पर नहीं है कोई नियंत्रण

जेब काट रहीं कैब कम्पनियां, परिवहन विभाग का इन पर नहीं है कोई नियंत्रण

जयपुर: प्रदेश में टैक्सी, मैक्सी और कैब गाड़ियों के संचालन के लिए यूं तो परिवहन विभाग ने एक विशेष पॉलिसी बना रखी है. इसमें नियम कायदे भी तय किए गए हैं, लेकिन किराए की दरें तय करने का इसमें कोई प्रावधान नहीं है. यानी कैब कम्पनियां किराया निर्धारित करने के लिए फ्री हैं, इसी छूट का फायदा कैब कम्पनियां उठा रही हैं और आमजन को ठग रही हैं. आइए बताते हैं कैसे संभव हो रहा है ऐसा ?

नियंत्रित करने के लिए पॉलिसी:
कैब गाड़ियों के संचालन से शहरवासियों को राहत मिली है. आवागमन के लिए मोबाइल एप के जरिए गाड़ी मंगवा लेना और सफर करना आसान है, लेकिन इससे जुड़ी कई परेशानियां भी आमजन को झेलनी पड़ रही हैं. कैब बुलाने के बावजूद नहीं आना, बिना कारण बताए राइड कैंसिल कर देना, या फिर एक ही रूट के लिए अलग-अलग समय पर कम ज्यादा किराया वसूलना जैसे आम बातें हो चुकी हैं. कैब कंपनियों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है, लेकिन विभाग इस मामले में बेपरवाह साबित हो रहा है. प्रदेश में उबर और ओला दो प्रमुख कैब कंपनियों की कार, ऑटो या बाइक टैक्सी संचालित हो रही हैं. परिवहन विभाग ने 3 साल पहले कैब कम्पनियों को नियंत्रित करने के लिए पॉलिसी बनाई थी, लेकिन इसमें कई खामियां छूट गईं. पाॅलिसी में कैब गाड़ी लेने के लिए किराया दरें तय नहीं की गई हैं, इस कारण कैब कम्पनियां नियमों में खामी का फायदा उठाकर मनमर्जी का किराया वसूल रही हैं. कुछ दिन पहले विधानसभा में लगाए प्रश्न के जवाब में खुलासा हुआ है कि कैब कम्पनियां अलग-अलग शहरों में भी किराया अलग-अलग वसूलती हैं. जयपुर में जहां ओला कैब कम्पनी का किराया कम है, वहीं उदयपुर और कोटा में किराया ज्यादा लग रहा है. 

जानिए जयपुर में कितना किराया वसूलती है ओला कैब:
किलोमीटर : माइक्रो कार : मिनी कार : सिडान कार
प्रथम 0 किमी : 30 रुपए : 35 रुपए : 40 रुपए
0-10 किमी तक : 6 रुपए प्रति किमी : 7 रुपए प्रति किमी : 8 रुपए प्रति किमी
10 किमी बाद : 12 रुपए प्रति किमी : 13 रुपए प्रति किमी : 14 रुपए प्रति किमी
राइड टाइम चार्ज : 1.5 रुपए प्रति मिनट : 1.5 रुपए प्रति मिनट : 1.5 रुपए प्रति मिनट 

उदयुपर में किराया ज्यादा:
किलोमीटर : माइक्रो कार : मिनी कार : सिडान कार
प्रथम 0 किमी : तीनाें श्रेणियों में 45 रुपए
0 से 10 किमी : 6 रुपए प्रति किमी : 9 रुपए प्रति किमी : 10 रुपए प्रति किमी
10 किमी बाद : 12 रुपए प्रति किमी तीनों श्रेणियों में
राइड टाइम चार्ज : 1.5 से 2 रुपए प्रति मिनट

काेटा में राइडर का टाइम चार्ज ज्यादा:
किलोमीटर : माइक्रो कार : मिनी कार : सिडान कार
प्रथम 0 किमी : 30 रुपए : 35 रुपए : 40 रुपए
0 से 10 किमी : 6 रुपए प्रति किमी : 8 रुपए प्रति किमी : 10 रुपए प्रति किमी
10 किमी बाद : 12 रुपए प्रति किमी तीनों श्रेणियों में
राइडर टाइम चार्ज : 2 रुपए प्रति मिनट

जाेधपुर में न्यूनतम बुकिंग में किराया ज्यादा:
किलोमीटर : माइक्रो कार : मिनी कार : सिडान कार
प्रथम 0 किमी : तीनाें श्रेणियाें में 40 रुपए
0 से 10 किमी : 6 रुपए प्रति किमी : 10 रुपए प्रति किमी : 12 रुपए प्रति किमी 
10 किमी बाद : 12 रुपए प्रति किमी : 12 रुपए प्रति किमी : 14 रुपए प्रति किमी 
राइड टाइम चार्ज : 2 रुपए प्रति मिनट

आखिर क्यों कार्रवाई नहीं करता परिवहन विभाग:
कैब कम्पनी ओला द्वारा अलग-अलग शहर के लिए अलग-अलग किराया वसूलने को लेकर परिवहन विभाग की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं. आखिर क्यों एक समान किराया नीति विभाग तय नहीं कर रहा है. परिवहन विभाग की इस ढिलाई का खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है. केवल ओला कैब कम्पनी ही नहीं, उबर कम्पनी का भी लगभग यही हाल ही है. कैब कम्पनियां केवल किराया दरों के अनुसार ही नहीं, बल्कि पीक ऑवर्स टाइम, राइडर वेटिंग चार्ज आदि विभिन्न मदों में यात्रियों से किराया वसूलती हैं. स्पष्ट नीति नहीं होने की वजह से कैब कम्पनियों पर कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है.

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 
 

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