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दिव्यांगों के लिए परेशानियों का सबब बना शिविर 

दिव्यांगों के लिए परेशानियों का सबब बना शिविर 

भीनमाल (जालोर)। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा समावेशी शिक्षा अंतर्गत मेडिकल कम फंक्शन कैंप का आयोजन स्थानीय सदर बाजार स्कूल में किया गया। दो दिवसीय दिव्यांग शिविर में भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचौर, चितलवाना, बागोड़ा से सैकड़ों दिव्यांगों ने भाग लिया। लेकिन उसका फायदा ना के बराबर रहा। शिविर में कान, नाक गले के डॉक्टर उपस्थित नहीं हुए, जबकि ऑर्थोपेडिक डॉ. प्रकाश बिश्नोई ने अपने आपको नई पोस्टिंग बताते हुए अनुभव नहीं होने से प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया। इसके चलते शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों में भी तकरार सामने आई।

शिविर में दूर दूर से आए स्कूली बच्चों को समस्त चिकित्सा सुविधा एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने को लेकर बुलाया गया था,लेकिन शिविर में आने के बाद उनको जालोर आने के लिए कहा गया। यहां तक कि डॉक्टर एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अपने बयान देने से चेहरा छुपाते नजर आए। शिविर महज खानापूर्ति के लिए ही लगाया गया, जिसमें मात्र भोजन के पैकेट बांट के इतिश्री कर दी गई। जो लाभ दिव्यांगों को मिलना था वह नहीं मिल पाया और लाखों रुपए शिविर के नाम पर बर्बाद किए गए। कहीं दिव्यांग बच्चे प्रमाण पत्र के लिए एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक भटकते नजर आए। साथ ही उनके साथ आए अभिभावक भी परेशान होते नजर आए। कई गंभीर दिव्यांग बच्चे भी डॉक्टर की लापरवाही के चलते निराश ही वापस घर की तरफ लौट गए।

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सुंधा माता मंदिर आज से 31 मार्च तक दर्शन के लिए बंद

सुंधा माता मंदिर आज से 31 मार्च तक दर्शन के लिए बंद

भीनमाल(जालौर): जिले सहित प्रदेश का ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ स्थल सुंधा माता मंदिर आज से 31 मार्च तक दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए बंद रहेगा. ट्रस्ट की बैठक में ये फैसला लिया गया जिसमें कोरोना वायरस के चलते यह निर्णय लिया गया है. दरअसल श्री चामुंडा माता ट्रस्ट ने देशभर में चल रहे कोरोना वायरस के खौफ को लेकर बैठक ली गई. वहीं बैठक में आज से 31 मार्च तक दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे. हालांकि यह जालौर जिले के साथ-साथ देशभर का बड़ा ऐतिहासिक मंदिर है जहां प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी लोग दर्शन के लिए आते हैं. 

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कोरोना के चलते भक्तों में भी काफी मायूसी:
बताया जाता है कि आज दिन तक किसी भी स्थिति में सुंधामाता मंदिर के पट बंद नहीं हुए हैं लेकिन केंद्र सरकार राज्य सरकार व प्रशासन की ओर से आदेश के बाद सुंधा माता ट्रस्ट की ओर से यह निर्णय लिया गया है. जिसमें 31 मार्च तक यह मंदिर बंद रहेगा जिसमें आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहेगा. हालांकि इस मंदिर में पूजा अर्चना होगी लेकिन कोरोना वायरस के खौफ के चलते दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे. वही आगामी चैत्र नवरात्रि पर यहां पर हजारों की तादाद में लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं पर कोरोना के चलते भक्तों में भी काफी मायूसी देखने को मिल रही है. वहीं व्यापारियों में भी संकट आ गया है. 

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