'अंधविश्वास' के चलते नहीं मिला 4 लोगों को नया 'जीवन'

Vikas Sharma Published Date 2019/04/11 05:35

जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में एकबार फिर अंगदान की मुहिम को बड़ा झटका लगा। जिस ब्रेनडेड पेशेंट के परिजनों ने कल अंगदान करने की सहमति दे दी थी, उन्होंने आज सुबह प्रक्रिया शुरू होने से ऐनवक्त पहले ही अंगदान से इनकार कर दिया। दरअसल, जैसे ही मरीज के ब्रेनडेड होने और फिर अंगदान के फैसले की खबर गांव तक पहुंची, तो वहां से परिजनों के पास लगातार फोन आने लगे। ऐसे में लगातार फैमेली प्रेशर के चलते परिजनों से सुबह अंगदान से इनकार कर दिया। 

इसके पीछे का कारण ये रहा कि कुछ रिश्तेदारों को भ्रम था कि आर्गन डोनेशन करने से डोनर को अगले जन्म में इन अंगों से वंचित रहना पड़ सकता है। हालांकि, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ डी एस मीणा की टीम ने परिजनों का काफी समझाइश की लेकिन वे नहीं माने और फिर करीब नौ बजे परिजन मरीज को लेकर लौट गए। इस पूरे मामले में एसएमएस अस्पताल प्रशासन की लेटलतीफी भी एक बड़ा कारण रही। आमतौर पर परिजनों की स्वीकृति मिलते ही अंगदान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है,लेकिन अस्पताल में लीवर ट्रांसप्लांट के लिए चिकित्सक नहीं होने के चलते लेटलतीफी हुई। एसएमएस अस्पताल प्रशासन ने राज्य के बाहर से चिकित्सकों की व्यवस्था भी की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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