जयपुर Rajasthan By Election: राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस-बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला

Rajasthan By Election: राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस-बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला

Rajasthan By Election: राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस-बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला

जयपुर: कांग्रेस शासित राजस्थान में वल्लभनगर (उदयपुर) और धरियावद (प्रतापगढ़) विधानसभा सीट पर 30 अक्टूबर को होने जा रहे उपचुनाव के लिए बुधवार शाम मतदान से 72 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार थम गया. उपचुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच है. वहीं, क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने से चुनाव और रोचक हो गया है. सत्तारूढ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. धरियावद  में भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा और वल्लभनगर में कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन के कारण उपचनुाव कराया जा रहा है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई मंत्रियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में दो बार रैलियों को संबोधित किया और कांग्रेस के अन्य नेता पिछले कई दिनों से दोनों विधानसभा क्षेत्रों में डेरा जमाए हुए हैं. वहीं, विपक्षी भाजपा की ओर से केन्द्रीय मंत्रियों सहित प्रदेश स्तर के नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है. सत्तारूढ़ कांग्रेस पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के साथ कोरोना प्रबंधन और महंगाई, ईंधन और घरेलू सिलेंडर की कीमतों पर ध्यान केन्द्रित कर इसे भुनाने की कोशिश कर रही है. वहीं, विपक्षी भाजपा प्रदेश की कानून व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है तथा जनता को केन्द्र सरकार की उपलब्धियां बताकर लुभाने का प्रयास कर रही है. वल्लभनगर से कांग्रेस ने शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को चुनाव मैदान में उतारा है. 

वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है
वहीं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने भाजपा के बागी उदयलाल डांगी को मैदान में उतारा है. जनता सेना के प्रमुख और भाजपा के पूर्व नेता रणबीर सिंह भिंडर के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला बहुकोणीय बन गया है. भाजपा ने वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में भिडंर की पत्नी दीपेन्द्र कुंवर को टिकट नहीं दिया था और उन्होंने जनता सेना के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया था. वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है और विधानसभा चुनावों में इस सीट पर अधिकतर जीत दर्ज की है. 2003 में भाजपा के रणबीर सिंह भिंडर ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी और उसके बाद 2013 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. जनता की सहानुभूति भुनाने के लिए कांग्रेस ने गजेन्द्र सिंह शक्तावत की पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने नए चेहरे के रूप में हिम्मत सिंह झाला को टिकट दिया है. 

वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं
भिंडर एक बार फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं, वहीं भाजपा के बागी उदयलाल डांगी आरएलपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं. वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. धरियावद (अनुसूचित जनजाति) सीट पर भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के बागी थावरचंद ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान उतरकर कांग्रेस उम्मीदवार नगराज मीणा और भाजपा के खेत सिंह के बीच मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. मंगलवार को रैलियों के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की मजबूती के लिए वोट देने की अपील करते हुए महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा था. उपचुनाव में दोनों सीटों पर कांग्रेस की जीत का विश्वास जताते हुए गहलोत ने दावा किया कि भाजपा वल्लभनगर में चौथे नंबर पर है. सोर्स- भाषा
 

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