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भरतपुर में डॉक्टर के साथ अभद्रता का प्रकरण: मंत्री विश्वेंद्र सिंह की मध्यस्थता से सुलझा मामला, दोनों पक्षों में कराया राजीनामा 

भरतपुर में डॉक्टर के साथ अभद्रता का प्रकरण: मंत्री विश्वेंद्र सिंह की मध्यस्थता से सुलझा मामला, दोनों पक्षों में कराया राजीनामा 

भरतपुर: लॉकडाउन की पालना कराने के दौरान एसडीएम और एक एएसआई द्वारा डॉक्टर के साथ की गई अभद्रता की घटना के बाद जिला प्रशासन को हाशिए पर आना पड़ा है और पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में आज राजीनामा करा दिया गया. हालांकि इस मामले मैं एसडीएम संजय गोयल को डॉक्टर से माफी मांगनी पड़ी है साथ ही एएसआई का भी भरतपुर से गढ़ी बाजना थाने पर तबादला कर दिया है. शहर के बिजली घर चौराहे पर शनिवार को लॉक डाउन की पालना कराने के दौरान एसडीएम संजय गोयल पुलिस जाब्ते के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे और इस दौरान आरबीएम अस्पताल से ड्यूटी कर वापस लौट रहे डॉक्टर सत्येंद्र डागुर के साथ एसडीएम और  एएसआई द्वारा अभद्रता की गई थी.

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पहचान पत्र दिखाने के बाद भी की गई बदसलूकी:
डॉक्टर का कहना था कि पहचान पत्र दिखाने के बाद भी उसके साथ बदसलूकी की गई. इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर आक्रोशित हो गए और उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी तक दे डाली थी. पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को पहले तो सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और बाद में मेडिकल कॉलेज पहुंचकर रेजिडेंट डॉक्टरों से समझाईश कर मामले का पटाक्षेप कराया.

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आमजन को भी करना चाहिए प्रशासन का सहयोग:
जिला कलेक्टर नथमल डिडेल ने बताया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और इस संबंध में एसडीएम ने डॉक्टर से माफी मांग ली है साथ ही एएसआई का भी तबादला कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसडीएम को एक नोटिस भी जारी किया जाएगा. कलेक्टर ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में सभी की भूमिका सराहनीय है और आमजन को भी प्रशासन का सहयोग करना चाहिए.

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भारतीय किसान संघ ने बताई किसान कानून में कुछ संशोधन की जरूरत, बद्रीनारायण चौधरी बोले, किसान हितों का ध्यान रखते हुए हो सुधार

भारतीय किसान संघ ने बताई किसान कानून में कुछ संशोधन की जरूरत, बद्रीनारायण चौधरी बोले, किसान हितों का ध्यान रखते हुए हो सुधार

जयपुरः भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने कहा कि जब से तीन कृषि व्यापार बिलों का मसौदा के बारे में पता चला तभी से भारतीय किसान संघ इस पहल का स्वागत करते हुए उसमें कुछ संशोधन की मांग करता आ रहा है. चौधरी ने भारतीय किसान संघ कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही है. उन्होने कहा कि 1990 के दशक से भारतीय किसान संघ किसानों की उपज का देश भर में आवागमन के लिए एक देश-एक बाजार की आवश्यकता को उजागर करता आ रहा है.

किसान हितों का ध्यान रखते हुए सुधार की मांगः
उन्होंने कहा कि मंडी प्रक्रिया जब से शुरू हुई है शुरुआत के दौर में वह किसान हितेषी रही लेकिन धीरे-धीरे वह किसानों के शोषण का एक जरिया बन गई. किसान संघ, कुछ अन्य किसान संगठन से लेकर कई सरकारी समितिया मंडी कानून में किसान हितों का ध्यान रखते हुए सुधार की मांग रखते आए हैं. देर से ही सही केंद्र सरकार ने एक देश-एक बाजार को और बगैर टैक्स के कृषि उपज को बेचने का कानूनी प्रावधान किया। जिसका हम स्वागत करते हैं. चौधरी ने कहा कहा कि हाल ही में कुछ किसान संगठन इस कानून को वापस करने की मांग पर आंदोलनरत है.

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भारतीय किसान संघ की बनती है यह जिम्मेदारीः
भारतीय किसान संघ का मानना है कि देश में सिर्फ धान और गेहूं की फसल के किसान ही नहीं बल्कि अनेक प्रकार की खेती करने वाले किसान भी हैं. देश का सबसे बड़ा, सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और गैर राजनीतिक किसान संगठन के नाते भारतीय किसान संघ की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह देश के सभी प्रकार के खेती किसानी के विषय को प्रमुखता से हर स्तर पर अंकित करें. इसलिए भारतीय किसान संघ मांग करता है कि यह कानून सभी किसानों के लिए कुछ अच्छा परिणाम देने वाले हैं, इनको वापस नहीं किया जाए लेकिन इनमें कुछ संशोधन की आवश्यकता है.

मंडी के अंदर और बाहर समर्थन मूल्य के नीचे कोई खरीदारी ना होः
अखिल भारतीय महामंत्री ने कहा कि देशभर के मंडी के अंदर और मंडी के बाहर समर्थन मूल्य के नीचे कोई खरीदारी ना हो, निजी व्यापारियों का पंजीयन एक सरकारी पोर्टल के अंतर्गत हो और यह सभी के लिए उपलब्ध हो, व्यापारियों को बैंक गारंटी के माध्यम से किसान का भुगतान समय पर निश्चित किया जाए व इससे संबंधित विवादों के लिए स्वतंत्र कृषि न्यायालय की व्यवस्था हो और सब विवादों का निपटारा किसान के गृह जिले में ही हो. इस दौरान किसान संघ जयपुर प्रांत मंत्री वीरेंद्र चौधरी भी उपस्थित रहे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

President Biden के Surgeon General होगें भारतीय मूल के Dr. विवेक मूर्तिः मीडिया रिपोर्टस्

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वाशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कोविड-19 पर अपने प्रमुख सलाहकार एवं भारतीय मूल के अमेरिकी डा. विवेक मूर्ति को अगला सर्जन जनरल नियुक्त किया है. बहरहाल, इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है. मीडिया में आई खबर में इसकी जानकारी दी गई है. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मूर्ति को ओबामा प्रशासन में भी यही भूमिका दी गई थी.

ट्रम्प प्रशासन के दौरान उन्हें अचानक पद से हटना पड़ा था. बाइडन के तीन सदस्यीय कोविड-19 सलाहकार बोर्ड में 43 साल के भारतीय मूल के डॉक्टर मूर्ति शामिल हैं. इस निर्णय में शामिल रहने वाले एक व्यक्ति के हवाले से गुरूवार को वाशिंगटन पोस्ट की खबरों में कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल विवेक एच मूर्ति को पुरानी भूमिका अदा करने के लिये कहा गया है. 

इस बारे में औपचारिक घोषणा जल्द ही की जायेगी. अमेरिका में सर्जन जनरल का कार्यकाल चार साल का होता है और वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के मामलों में सरकार का शीर्ष अधिकारी होता है. मौजूदा कार्यकाल में इस पद पर जेरोम एडम्स नियुक्त हैं. सीनेट में 51-43 मतों की मंजूरी के बाद मूर्ति को को 15 दिसंबर 2014 को सर्जन जनरल के पद पर नियुक्त किया गया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 21 अप्रैल 2017 को उन्हें पदमुक्त कर दिया था. (सोर्स-भाषा)

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सदन की कार्यवाही में अवरोध डालने के आरोप में आंध्र प्रदेश विधानसभा से TDP के 10 MLA हुए सस्पैंड

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अमरावती: आज आंध्रप्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही में अवरोध डालने के आरोप में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के 10 विधायकों को निलंबित कर दिया गया है. इस सदन में विधायकों पर लगातार पांचवे दिन ये कार्रवाई की गई है. गौरतलब है कि विधायकों के निलंबन के विरोध में तेदेपा के नेता एन चंद्रबाबू नायडू समेत पार्टी के दूसरे सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन कर लिया था. 

तेदेपा ने एमजीएनआरईजीपी के तहत लंबित भुगतान के मामले में कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए एक नोटिस दिया था और तुरंत चर्चा कराने की मांग की थी. विधानसभा अध्यक्ष टी सीताराम ने प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था. तेदेपा सदस्यों ने एनआरईजीपी के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए जोर दिया क्योंकि लाखों कामगारों को पिछले एक साल से ज्यादा समय से वेतन का भगुतान नहीं किया गया है

जिसके बाद सभी विधायक सदस्य आसन के पास जाकर नारेबाजी करने लगे थे. जिसके बाद अध्यक्ष ने कहा था कि आप हर दिन सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं. मुझे आपको निलंबित करते हुए दुख हो रहा है, लेकिन मेरे पास और कोई विकल्प नहीं है. इसके बाद सूचना मंत्री पेरनी वेंकटरमैया ने विपक्षी सदस्यों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया और इसे ध्वनि मत से मंजूर कर लिया गया है. (सोर्स-भाषा)

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Beant Singh Murder Case 1995: कोर्ट ने आरोपी बलवंत की मौत की सजा माफी के प्रस्ताव पर देरी के लिए केन्द्र से मांगा जवाब

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नई दिल्लीः  उच्चतम न्यायालय ने 1995 के पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में आरोपी बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा माफी के सिलसिले में केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है. खबर है कि राजोआना की मौत की सजा माफ करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजने में विलंब होने के चलते अदालत ने केन्द्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है. आपको बता दे कि इस विस्फोट में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य व्यक्ति मारे गये थे.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने केन्द्र से कहा है कि वे बताए कि संबंधित प्राधिकारी संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को इस संबंध में कब प्रस्ताव भेजेंगे. संविधान के अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को कतिपय मामलों में माफी देने, सजा निलंबित करने या इसके कम करने का अधिकार प्राप्त है.

शीर्ष अदालत ने इस तथ्य का संज्ञान लिया है कि गृह मंत्रालय ने पिछले साल सात सितंबर को पंजाब के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर सूचित किया था कि राजोआना की मौत की सजा माफ करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जायेगा. पीठ ने केन्द्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल के एम नटराज से कहा है कि वे ये बतायें कि यह प्रस्ताव अभी तक क्यों नहीं भेजा गया है.

शीर्ष अदालत राजोआना की मौत की सजा माफ करने के बारे में उसकी याचिका का शीघ्र निस्तारण करने का गृह मंत्रालय को निर्देश देने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पंजाब पुलिस के पूर्व सिपाही राजोआना को 1995 में पंजाब सचिवालय के बाहर हुये बम विस्फोट में संलिप्त होने के जुर्म का दोषी पाया गया था. इस विस्फोट में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य व्यक्ति मारे गये थे. (सोर्स-भाषा)

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मुस्लिम महिला का गायों के प्रति निस्वार्थ अपार प्रेम, ये है भारतीय संस्कृति की एक खूबसूरत तस्वीर, पढ़े पूरी कहानी

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जयपुर: गोमांस को लेकर देश में राजनीति के गलियारों से लेकर गली कूचों तक छिड़ी बहस के बीच भारतीय संस्कृति की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है. जिसमें मुस्लिम महिला का गायों के प्रति अगाध प्रेम आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि राजस्थान में ऐसे उदाहरण गांव-गांव में देखने को मिल जाते हैं. ऐसे ही उदाहरणों की वजह से भारत की दुनिया में पहचान है. 

हर वर्ष खेतों का चारा गौशाला में दान करती है: 
आज हम ये अनुकरणीय उदाहरण प्रदेश भाजपा नेता हुसैन खान की मां का दे रहे हैं. हुसैन खान की मां हर वर्ष खेतों का चारा गौशाला में दान करती है. आज 92 साल की उम्र में भी गायों के लिए उनका अपार प्रेम देखते ही बनता है. 

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बीमार हुई तब गौशाला में डलवाया चारा:
पिछले दिनों हुसैन खान की मां जब बीमार हुई थी तब अपने बेटे से कहा कि 11 हजार का चारा गौशाला में दान कर दो मैं दुआओं से में ठीक हो जाऊंगी. उसके बाद वह बहरहाल ठीक होकर अपने घर लौटीं. गायों के साथ ही वह निरीह पशु पक्षियों को दाना पानी भी खास ख्याल रखती है. ऐसे में चूरू जिले की रहने वाली इस बुजुर्ग महिला से प्रेरणा ली जा सकती है. 

...फर्स्ट इंडिया न्यूज के लिए एश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

Odisa: नौकरी घोटाले में सस्पैंड बीजद विधायक गिरफ्तार, अदालत ने सख्त कार्यवाही का आदेश देते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Odisa: नौकरी घोटाले में सस्पैंड बीजद विधायक गिरफ्तार,  अदालत ने सख्त कार्यवाही का आदेश देते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

भुवनेश्वरः हाल ही में बीजद विधायक को नौकरी घोटाले के मामले में उनके आवास से पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया था. हिरासत में लिए जाने के बमुश्किल चार दिन बाद गोपालपुर के विधायक प्रदीप पाणिग्रही को नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में कल जेल भेज दिया गया है औऱ मामले में सख्त कार्यवाही के आदेश दिए गए है. 

इतना ही नहीं इस घटना के बाद से ही जनविरोधी गतिविधियों के आरोप में सत्तारूढ़ बीजद से निष्कासित भी कर दिया गया है. आपको बता दे कि मामले की खबर होते ही अपराध शाखा ने बिना किसी पूर्व सूचना के पाणिग्रही को उनके आवास से उठाया और किसी अज्ञात स्थान पर ले गए थे. जहां उनसे पूछताछ की जा रही थी.

पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा है कि उन्हें गंजाम जिले में बेरोजगार युवकों से पैसे की अवैध वसूली से संबंधित धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है. बाद में उन्हें सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) की अदालत में पेश किया गया था, जिसने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. (सोर्स-भाषा)

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PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा करेंगे नहरी क्षेत्रों का दौरा, केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों से करेंगे संवाद

जयपुर: किसान आंदोलन को लेकर राजस्थान में भी सियासत जारी है. राजस्थान से भी किसान दिल्ली बॉर्डर की ओर कूच कर चुके हैं तो वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा आगामी दिनों में नहरी क्षेत्र का दौरा करेंगे. पीसीसी चीफ डोटासरा पांच और 6 दिसंबर को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के दौरे पर रहेंगे और किसानों के साथ संवाद करेंगे. किसानों का आंदोलन को लेकर डोटासरा की किसानों से बातचीत होगी. केंद्र के नये कृषि कानून के विरोध में किसानों से चर्चा के दौरान खामियों को उजागर करेंगे. केंद्रीय कानून से किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे.

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हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर के दौरे के दौरान डोटासरा रास्ते में हरसावा फतेहपुर, रतनगढ़, सरदारशहर, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, रावतसर एवं पल्लू में अलग-अलग जगह किसानों से मुलाकात भी करेंगे. किसानों के मुद्दे पर पूरे देश की सियासत इस वक्त तूफान पर है कांग्रेस के नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर काफी मुखरता के साथ केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं राजस्थान की कांग्रेस सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में बिल भी ला चुकी है. अटूट आसरा सीकर के लक्ष्मणगढ़ के द्वारे पर रहे और किसानों से संवाद भी किया.
 

UP: कोरोना काल के बीच मध्यम और लघु उद्यमियों को राहत, योगी आदित्यनाथ ने की 3 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा

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लखनऊः हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत मध्यम और लघु उद्यमियों को ऋण सेवा प्रदान की जाएगी. योगी ने प्रदेश के मध्यम एवं लघु उद्यमियों (एमएसएमई) को बढ़ावा औऱ आर्थिक संबलता प्रदान करने के उद्देश्य से तीन लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है. इससे हर क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और प्रगति के मार्ग खुलेगें.

इस बात की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि आप सभी इस लोन का लाभ उठाएं औऱ समय से इसका भुगतान करके, दूसरे लोन का लाभ उठाइए. आप अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिलवाइये. एमएसएमई कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दिला रहा है. इससे रोजगार के अवसर प्रदान करिए. उन्होनें आगे कहा है कि प्रदेश में हर तरह के उद्यम के लिए उचित व्यवस्था को सुगम किया गया है. 

बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी के चलते रोजगार के साधन ठप पड़ गए है. जिसके चलते योगी सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है ताकि सभी मध्यम औऱ लघु उद्योगपतियों को एक बार फिर से खड़ा किया जा सके. इससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. इतना ही नहीं लोगों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इससे उद्योगों को सीखने की ललक रखने वालों को भी बढ़ावा मिलेगा. (सोर्स-भाषा)

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