बहुचर्चित एंटीलिया केस में 100 करोड़ की वसूली का मामला: CBI ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ FIR दर्ज की, मुंबई समेत अन्य शहरों में 12 जगह छापे मारे 

बहुचर्चित एंटीलिया केस में 100 करोड़ की वसूली का मामला: CBI ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ FIR दर्ज की, मुंबई समेत अन्य शहरों में 12 जगह छापे मारे 

बहुचर्चित एंटीलिया केस में 100 करोड़ की वसूली का मामला: CBI ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ FIR दर्ज की, मुंबई समेत अन्य शहरों में 12 जगह छापे मारे 

मुंबई:  महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ कथित रिश्वतखोरी मामले में CBI (Central Bureau of Investigation) ने FIR (First Information Report) दर्ज कर ली है. मुंबई में 10 से ज्यादा जगहों पर सीबीआई की छापेमारी चल रही है. मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर वसूली के आरोप लगाकर हाई कोर्ट से सीबीआई जांच की मांग की थी. जिसके बाद पांच अप्रैल को हाई कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे.

PPE किट पहनकर छापेमारी कर रही है  CBI की टीम:
केंद्रीय जांच एजेंसी ने देर रात मुंबई, नागपुर (Nagpur) समेत महाराष्ट्र के 12 ठिकानों पर छापेमारी भी की है. संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए CBI की टीम PPE किट पहनकर यह छापे मार रही है. एक टीम अभी भी उनके मुंबई स्थित सरकारी बंगले में छापेमारी कर रही है. जानकारी के मुताबिक, अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) फिलहाल नागपुर में हैं और वहां भी एक टीम उनसे पूछताछ कर रही है. CBI इससे पहले पूर्व गृह मंत्री से 11 घंटे की पूछताछ कर चुकी है.

मामले में देशमुख के दो निजी सचिव से 10 घंटे की पूछताछ कर चुकी है CBI:
केंद्रीय जांच एजेंसी इसी मामले में देशमुख के दो निजी सचिव (Personal Secretary), कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे से 10 घंटे की पूछताछ कर चुकी है. इसके अलावा मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, एंटीलिया केस में गिरफ्तार सचिन वझे से पूछताछ हुई है.

अदालत ने 15 दिनों तक कोई भी केस नहीं करने की बात कही थी:
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की वकील जयश्री पाटिल (Advocate Jay Shree Patil) की याचिका पर CBI को आरोपों की जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. हालांकि, CBI ने कोविड का हवाला देते हुए रिपोर्ट नहीं पेश की, लेकिन अब केस दर्ज कर लिया है. अदालत ने अपने आदेश में 15 दिनों के दौरान कोई भी केस नहीं करने की बात कही थी.

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए बनाई थी हाई लेवल कमेटी:
हाईकोर्ट ने कहा था कि CBI को तुरंत FIR दर्ज करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक हाई लेवल कमेटी बना दी है. चीफ जस्टिस दत्ता (Chief Justice Dutta) ने कहा था कि हाई लेवल कमेटी के लिए राज्य सरकार की तरफ से लाया गया प्रस्ताव भरोसा दिलाता है कि इसमें किसी दखल की जरूरत नहीं है.

देशमुख पर परमबीर ने यह आरोप लगाया था:
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Former Police Commissioner Parambir Singh) ने 25 मार्च को बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अर्जी में देशमुख के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी. परमबीर सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने सस्पेंड पुलिस अधिकारी सचिन वझे समेत दूसरे अधिकारियों को बार और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था. इस अर्जी पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह असाधारण मामला है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है.

सचिन वझे ने भी देशमुख पर लगाया था वसूली का आरोप:
सिर्फ परमबीर सिंह ही नहीं सचिन वझे ने भी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था. सचिन वझे (Sachin Wajhe) ने NIA को दिए बयान में कहा कि मैंने 6 जून 2020 को दोबारा ड्यूटी ज्वाॅइन की थी. मेरी ड्यूटी की ज्वॉइनिंग से शरद पवार खुश नहीं थे. उन्होंने मुझे दोबारा सस्पेंड करने के लिए कहा था. 

यह बात मुझे खुद अनिल देशमुख ने बताई थी. उन्होंने मुझसे पवार साहब को मनाने के लिए 2 करोड़ रुपए भी मांगे थे. इतनी बड़ी रकम देना मेरे लिए मुमकिन नहीं था. इसके बाद गृह मंत्री ने मुझे इसे बाद में चुकाने को कहा. इसके बाद मेरी पोस्टिंग मुंबई के CIU (Crime intelligence unit) में हुई.

अनिल देशमुख ने 1,600 से ज्यादा पब और बार से वसूली करने को कहा: वझे
वझे ने आगे बताया था कि जनवरी 2021 में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुझे अपने सरकारी बंगले पर बुलाया.  तब उनके PA कुंदन भी वहां मौजूद थे. इसी समय मुझसे मुंबई में 1,650 पब (Pub), बार (Bar) मौजूद होने और उनसे हर महीने 3 लाख रुपए के कलेक्शन की बात कही गई. इस पर मैंने गृह मंत्री अनिल देशमुख से कहा कि शहर में 1,650 बार नहीं, सिर्फ 200 बार है. आगे सचिन वझे ने बताया कि मैंने गृह मंत्री को इस तरह बार से पैसा इकट्ठा करने से भी मना कर दिया था, क्योंकि मैंने उन्हें बताया था कि यह मेरी क्षमता से बाहर की बात है. तब गृह मंत्री के PA कुंदन ने मुझे कहा था कि अगर मैं अपनी जॉब और पोस्ट को बचाना चाहता हूं, तो वही करूं, जो गृह मंत्री कह रहे हैं.

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