जयपुर VIDEO: 28 दिन में 10 विमान खराब! जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ रहे विमानों में खराबी के मामले, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: 28 दिन में 10 विमान खराब! जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ रहे विमानों में खराबी के मामले, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: एक तरफ जहां देशभर में विमानों में तकनीकी खराबी के मामले बढ़े हैं. जयपुर एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है. जयपुर एयरपोर्ट पर जुलाई माह में विमानों में तकनीकी खराबी के 9 मामले सामने आ चुके हैं. पिछले 3 दिन से तो रोजाना एक न एक फ्लाइट में गड़बड़ी हो रही है. इसे एयरलाइंस की रखरखाव में ढिलाई कहें या फिर मैन पावर कम कर खर्चे बचाने की जुगत. इन दिनों विमानों में तकनीकी खराबी के मामले बढ़ते जा रहे हैं. विमानों में तकनीकी गड़बड़ियां न केवल ग्राउंड पर सामने आ रही हैं. बल्कि कई बार तो उड़ते हुए विमान में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ रही है. 

जयपुर एयरपोर्ट पर भी विमानों में गड़बड़ियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. जुलाई माह में 28 दिनों में ही विमानों में तकनीकी खामी के 10 मामले सामने आ चुके हैं. विमानों में तकनीकी गड़बड़ियां बढ़ने से एक तरफ जहां यात्रियों में हवाई यात्रा को लेकर भरोसा कम हो रहा है. वहीं एयरलाइंस की इस गड़बड़ी को लेकर अब डीजीसीए भी सख्त रुख अपना रहा है. डीजीसीए ने हाल ही स्पाइसजेट की फ्लाइट्स का संचालन 50 फीसदी कम करने के निर्देश दिए हैं.

जयपुर में कब कौन सा विमान हुआ खराब:
- 28 जुलाई को स्पाइसजेट की कोलकाता से जबलपुर फ्लाइट SG-3002 की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग
- 27 जुलाई को गो फर्स्ट की जयपुर-मुम्बई फ्लाइट G8-389 में एसी यूनिट में खराब
- 26 जुलाई को स्पाइसजेट की जयपुर-पुणे फ्लाइट SG-2964 में तकनीकी खराबी
- 20 जुलाई को स्पाइसजेट की जयपुर-दुबई फ्लाइट SG-57 में उड़ान भरने के बाद खराबी, मुम्बई के लिए हुई डायवर्ट
- 20 जुलाई को गो फर्स्ट की दिल्ली-गुवाहाटी फ्लाइट G8-151 का विंड शील्ड टूटा, जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग
- 18 जुलाई को स्पाइसजेट की जयपुर-सूरत फ्लाइट SG-3419 में तकनीकी खराबी से देरी
- 14 जुलाई को इंडिगो की दिल्ली-वडोदरा फ्लाइट 6E-859 में वाइब्रेशन से जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग
- 10 जुलाई को इंडिगो की जयपुर-देहरादून फ्लाइट 6E-7277 में तकनीकी खराबी से देरी
- 9 जुलाई स्पाइसजेट की जयपुर-गुवाहाटी फ्लाइट SG-696 में तकनीकी खराबी से हुई देरी
- 8 जुलाई को स्पाइसजेट की जयपुर-वाराणसी फ्लाइट SG-3261 में तकनीकी खराबी से देरी

एयरलाइंस से जुड़े सूत्रों की मानें तो विमानों में बरसात शुरू होने के तुरंत बाद ही हर वर्ष तकनीकी गड़बड़ियों के मामले बढ़ते हैं. टैम्प्रेचर और ह्यूमिडिटी बढ़ने से विमानों के इंजन में तकनीकी गड़बड़ी होने की आशंका बढ़ जाती है. हालांकि इस वर्ष अपेक्षाकृत रूप से यह संख्या ज्यादा है. इसके पीछे डीजीसीए ने पिछले दिनों विमानन कम्पनियों के मेंटिनेंस में कमी मानी थी. डीजीसीए ने यह भी कहा था कि कोविड के चलते एरयरलाइन पर्याप्त योग्य और अनुभवी स्टाफ का उपयोग नहीं कर रही हैं. इसके लिए 19 जुलाई से डीजीसीए ने विशेष ऑडिट भी शुरू किया है. कुलमिलाकर यह जरूरी है कि एयरलाइंस विमानों के रखरखाव की स्थिति को सुधारें, जिससे विमानों का संचालन सुरक्षित तरीके से हो सके और यात्रियों का भरोसा हवाई यात्रा पर फिर से बढ़ सके.

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