आया सावन झूम के: कुछ इस तरह मनाएं हरियाली तीज का त्योहार, जानिए विधि और त्योहार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

आया सावन झूम के: कुछ इस तरह मनाएं हरियाली तीज का त्योहार, जानिए विधि और त्योहार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

आया सावन झूम के:  कुछ इस तरह मनाएं हरियाली तीज का त्योहार, जानिए विधि और त्योहार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

जयपुर: हरियाली तीज सावन का प्रमुख त्योहार है. जो श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस मौके पर महिलाएं झूला-झूलती हैं,गाती हैं और खुशियां मनाती हैं. तो वहीं कुवारी लड़कियां भगवान शंकर-पार्वती से मनोवांछित वर की कामना करती हैं.मान्यता ऐसी भी हैं कि हरियाली तीज के दिन भगवान शिव ने पार्वती को पत्नी के रुप में स्वीकार किया था. इसलिए इस दिन दोनों की पूजा कर इच्छाएं बताने से अच्छे फल की कामना पूरी होती हैं. 

हरियाली तीज का क्या हैं महत्व:
भगवान शिव और पार्वती के पुर्नमिलाप के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस पर्व के पीछे एक बेहद खास मान्यता हैं कि मां पार्वती ने भगवान शंकर के पाने के लिए 107 जन्म लिए थें. अंत में जब मां पार्वती 108 वें जन्म पर कठोर तप पर बैठ गई तब जाकर भोलेनाथ ने उन्हें अपनी पत्नी के रुप में स्वीकार किया. और तब से ही माना जाता है कि इस व्रत को करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं और उपवास रखने वाली महिलाओं को मनचाहा आशीर्वाद देती हैं. सावन के महीनें में प्रकृति के चारों तरफ हरियाली छा जाती हैं इसलिए इसे हरियाली तीज के नाम से जाना जाती हैं. 

कैसे मनाई जाती हैं हरियाली तीज: 
इस उपवास को अन्य उपवासों की तूलना में कठिन माना जाता हैं .हरियाली तीज के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन सुबह स्नान और पूजा करने के बाद ही उपवास खोलती हैं. इस दिन स्त्रियों को मायके से श्रंगार, मिठाई आदि ससुराल भेजी जाती हैं. महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद सोलह श्रंगार करती हैं और उसके बाद निर्जला व्रत रखती हैं.विधि-विधान से पूजा करने के बाद व्रत की शुरुआत हो जाती है, जिसके बाद महिलाएं हरियाली तीज की कथा सुनी जाती हैं. और महिलाएं झुले-झुलने के लिए आस-पास के घरों में जाती हैं. चारों तरफ सभी के खिलते चेहरे देख हरियाली तीज का त्यौहार और भी खुबसुरत हो जाता हैं. 

हरियाली तीज की मुख्य रस्में:
जिस तरह हर त्यौहार की कुछ परंपराए होती हैं उसी तरह हरियाली तीज की भी मुख्य रस्में हैं जैसे महिलाओं और कुंवारी लड़कियों का हाथ-पैरों में मेंहदी रचाना, झूले-झूलना, और अपने से बड़ो का आशीर्वाद लेना जैसी पंरपराए भारत में निभाई जाती हैं. लेकिन यह त्यौहार केवल महिलाओं तक सीमीत नहीं होता कुछ जगहों पर पुरुष बी इस त्यौहार पर पूजा करते दिखाई देते हैं और पुरुष मां की प्रतिमा को पालकी पर बैठाकर झांकी भी निकालते हैं. 

इन चीजों का रखें विशेष ध्यान:
1. सबसे पहले महिलाएं किसी बगीचे या मंदिर में एकत्रित होकर मां पार्वती की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहनों से सजाएं.

2. अर्द्ध गोले का आकार बनाकर माता की मूर्ति बीच में रखें और माता की पूजा करें.

3. सभी महिलाओं में से एक महिला कथा सुनाए, बाकी सभी कथा को ध्यान से सुनें व मन में पति का ध्यान करें और पति की लंबी उम्र की कामना करें.

4. कुछ जगहों पर महिलाएं माता पार्वती की पूजा करने के पश्चात लाल मिट्टी से नहाती हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से महिलाएं पूरी तरह से शुद्ध हो जाती हैं. 

5. अनेक स्थानों पर तीज के दिन मेले लगते हैं और मां पार्वती की सवारी बड़े धूमधाम से निकाली जाती है. दिन के अंत में वे खुशी से नाचे-गाएं और झूला झूलें. 

6. माता पार्वती से अपने सुहाग को दीर्घायु देने के लिए सच्चे मन से शिव-पार्वती की आराधना करके इस त्योहार को मनाएं. 

7. इस त्योहार को पार्वती सौभाग्य मंत्र का जाप करना फलदायक होता है. यह मंत्र सौभाग्यवती स्त्रियों का सुहाग अखंड रखता है और अविवाहित कन्याओं के शीघ्र विवाह का योग बनाता है

पार्वती सौभाग्य मंत्र:
हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।

2021 में कब है हरियाली तीज: 
हिन्दी पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 10 अगस्त दिन मंगलवार को शाम 06 बजकर 05 मिनट से हो रहा है. यह तिथि 11 अगस्त दिन बुधवार को शाम 04 बजकर 53 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष हरियाली तीज का व्रत 11 अगस्त को रखा जाएगा. 11 अगस्त को शिव योग शाम 06 बजकर 28 मिनट तक है. शिव योग में हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा. इस दिन रवि योग भी सुबह 09:32 बजे से पूरे दिन रहेगा. इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से दोपहर 03 बजकर 32 मिनट तक है. राहुकाल दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 06 मिनट तक है. 

कहां मनाया जाता हैं ये पर्व:
हरियाली तीज का ये त्यौहार राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा के कई भागों में मनाया जाता हैं.   
 

 

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