ब्रिटेन के नए स्ट्रेन की भारत में "दस्तक" को लेकर एक्शन मोड में केन्द्र, अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 5 प्रतिशत की होगी "दोहरी" जांच!

ब्रिटेन के नए स्ट्रेन की भारत में "दस्तक" को लेकर एक्शन मोड में केन्द्र, अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 5 प्रतिशत की होगी "दोहरी" जांच!

जयपुरः ब्रिटेन के नए कोरोना स्ट्रेन की भारत में दस्तक ने चिकित्सा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. केन्द्र स्तर पर नए स्ट्रेन की स्टेडी यानी जीनोम सर्विलांस के लिए राज्य सरकारों को अलर्ट जारी किया गया है, जिसके तहत अब प्रत्येक कोरोना टेस्टिंग लैब के पॉजिटिव मरीजों में से पांच फीसदी की "डबल" जांच होगी, इस क्रॉस टेस्टिंग के काम के लिए चिकित्सा मंत्रालय ने पूरे देशभर में दस लैब को अधिकृत किया है. आखिर क्या है इस कवायद के पीछे की वजह और राजस्थान में इसके लिए कैसी है तैयारी...पेश है फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार कोरोना का खौफ अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि ब्रिटेन में इस बीमारी के नए स्ट्रेन ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. भारत सरकार ने एतियातन 22 सितम्बर से यूके की फ्लाइटों पर भले ही रोक लगा दी हो, लेकिन इससे पहले हजारों की संख्या में लोग अलग-अलग राज्यों में पहुंच चुके थे. अकेले राजस्थान की बात की जाए तो 800 से अधिक यात्री ब्रिटेन से आए हुए चिह्नित किए गए हैं. केन्द्र की सूची के आधार पर जब यात्रियों की ट्रेसिंग करवाई गई तो इसमें से 7 यात्री कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए है. हालांकि, इन यात्रियों में कोरोना का नया स्ट्रेन है या नहीं, इसकी अभी पूना लैब से जांच प्रक्रियाधीन है, .लेकिन इससे पहले ही आज देश के तीन राज्यों में ब्रिटेन से लौटे छह यात्रियों में नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई है. ऐसे में अंदेशा ये है कि ब्रिटेन से लौटे और यात्री भी इस स्ट्रेन का संक्रमण लेकर लौटे है. ऐसे में केन्द्र सरकार ने एक तरफ जहां विदेश से लौटे प्रत्येक नागरिक के कोरोना टेस्ट के साथ ही जीन सिक्वेंसी के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर ये भी तय किया गया है कि देश की हर लैब में मिल रहे पॉजिटिव केसों में से पांच फीसदी सैम्पलों की जीन सिक्वेंसी भी की जाए ताकि ये पता लगाया जा सके कि कही भारत में भी कोरोना के नए स्ट्रेन का फैलाव तो नहीं हो गया है.

इन इंस्टीट्यूट में होगी कोरोना सैम्पलों की जीनोम सीक्वेंसिंगः
1. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक, कोलकत्ता.
2. इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंस, भुवनेश्वर.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- वेस्ट बंगाल, बिहार, झारखण्ड, असम, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर, अरूणाचंल प्रदेश, सिक्किम, नागालैण्ड, मिजोरम, छत्तीसगढ़.
3.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पूना.
4. नेशनल सेन्टर फॉर सेल साइंस पूना.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम मध्यप्रदेश.
5. सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी, हैदराबाद.
6. सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग डायग्नोस्टिक हैदराबाद.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक राज्य का उत्तरी भाग.
7. इंस्टीट्यूट फार स्टेम सेल साइंस एण्ड मेडिसिन बैगलूरू.
8. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एण्ड न्यूरो साइंस, बैगलूरू.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- कर्नाटक, तमिलनाडू, पुड्डूचेरी.
9. इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी दिल्ली.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश.
10. डिवीजन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, एपिडेमियोलॉजी सेन्ट्रल सर्विलांस यूनिट, दिल्ली.
इन राज्यों के लिए लैब अधिकृत- केरला, मध्यप्रदेश का पूर्वी भाग, उत्तराखण्ड, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू कश्मीर, पंजाब.

वहीं केन्द्र से मिले निर्देशों की पालना में बतौर नोडल सेन्टर एसएमएस मेडिकल कॉलेज से सभी लैब से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया है. राजस्थान की सभी 34 सरकारी लैब के अलावा निजी लैब को निर्देश दिए गए हैं कि वे पॉजिटिव मरीजों के सैम्पलों में से पांच फीसदी सैम्पल जयपुर भेजे ताकि इन सैम्पलों को जीन सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजा जा सके.

आखिर जीन सिक्वेंसी की कवायद क्योंः
- कोरोना के खात्मे के लिए जल्द शुरू होने वाला है वैक्सीनेशन कार्यक्रम.

- जनवरी में पूरे देशभर में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयारियां कर ली गई है पूरी.

- फिलहाल भारत में मौजूद स्ट्रेन के हिसाब से ही वैक्सीन को तैयार किया जा रहा है.

- चिकित्सकों की माने तो नए स्ट्रेन के संक्रमण की स्थित में वैक्सीन प्रभावी साबित नहीं होगी.

- ऐसे में नए स्ट्रेन पर नजर रखा जरूरी है, ताकि उसी हिसाब से वैक्सीन को भी अपडेट किया जा सके.

ब्रिटेन से लौटने के बाद पॉजिटिव पाए गए सात यात्रियों के भले ही नए स्ट्रेन की पुष्टि के लिए जांच प्रक्रियाधीन हो, लेकिन देश के तीन राज्यों में नए स्ट्रेन की पुष्टि से चिंता होना लाजमी है. इस सूचना के बाद चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी लगातार पूना सम्पर्क साध रहे है. साथ ही इस नए स्ट्रेन से निपटने के लिए ऐतियातन तैयारियां भी शुरू कर दी गई है.
फर्स्ट इंडिया न्यूज से विकास शर्मा की रिपोर्ट

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