उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका केन्द्रीय बजट, दिखाए ऊंचे सपने लेकिन जमीन खाली

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/05 05:06

जयपुर: पांच जुलाई को संसद में पेश हुए केन्द्रीय बजट को देश का आम उद्यमी ऊंचे सपने दिखाने वाला करार देता है. उद्यमियों का कहना है कि सरकार ने उड़ान भरने का तो सपना दिखाया, लेकिन उपयुक्त जमीन ही तैयार नहीं की. सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार तीन लाख करोड़ से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंचाने की बात तो कर रही है, लेकिन इसे बढ़ाने के लिए उद्यमियों को राहत के अपेक्षित बजट प्रावधान नजर ही नहीं आए. 

दिखाए ऊंचे सपने, जमीन खाली:
उद्यमी मानते हैं कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए अगले पांच साल में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की बात कही है, जिसमें मुख्य रूप से रेलवे और विमानन क्षेत्र में निवेश होगा. बजट प्रावधानों को उद्यमी जीवन स्तर में सुधार की अवधारणा पर फोकस मानते हैं. बजट में निवेश पर भी फोकस किया गया है. जिसमें विदेशी संस्थागत निवेश से उम्मीदों के साथ सरकारी उपक्रमों के विनिवेश के माध्यम से एक लाख 5 हजार करोड़ रुपए जुटाने की कोशिश का प्रस्ताव भी है. 

करों में राहत की उम्मीदें भी नहीं हाे सकी पूरी:
उधर इस बजट में आम आदमी को आयकर छूट की सीमा को बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन बजट प्रस्ताव में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई. बजट में आयकर छूट में तो कोई परिवर्तन नहीं किया, लेकिन 45 लाख रुपए तक के आवास के ऋण पर मिलने वाली छूट की सीमा में साढ़े तीन लाख रुपए की सीमा में बढ़ोतरी की है. सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था के सुधार के लिए भी कई घोषणाएं की है, जिसमें बैंकों को 70 हजार करोड़ की पूंजी की उपलब्धता कराने व NPA में कमी की बात भी बताई गई है. 

यह भी माना जा सकता है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले केन्द्रीय बजट को लेकर काफी अधिक उम्मीदें थी, जो पूरी नहीं हुई. जबकि सरकार ने पेट्रोल-डीजल की दर में एक रुपए लीटर की बढ़ोतरी व सोने व बहुमूल्य धातुओं के आयात शुल्क में बढोतरी कर सोने की तस्करी में बढ़ोतरी का रास्ता जरूर खोल दिया है. 

... संवाददाता विमल कोठारी की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in