सेंट्रल विस्टा आवश्यक परियोजना है, काम जारी रहेगा: दिल्ली हाई कोर्ट

सेंट्रल विस्टा आवश्यक परियोजना है, काम जारी रहेगा: दिल्ली हाई कोर्ट

सेंट्रल विस्टा आवश्यक परियोजना है, काम जारी रहेगा: दिल्ली हाई कोर्ट

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण कार्य को जारी रखने की सोमवार को अनुमति देते हुए कहा कि यह एक ‘‘अहम एवं आवश्यक’’ राष्ट्रीय परियोजना है.

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कोरोना वारयस वैश्विक महामारी के दौरान परियोजना रोके जाने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका किसी मकसद से ‘‘प्रेरित’’ थी और ‘‘वास्तविक जनहित याचिका’’ नहीं थी. अदालत ने याचिकाकर्ताओं पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया.

 

अदालत ने कहा कि शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को दिए गए ठेके के तहत काम नवंबर 2021 तक पूरा होना है और इसलिए इसे जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए. उसने कहा कि उच्चतम न्यायालय इस परियोजना को पहले ही वैध ठहरा चुका है.

त्रिभुज आकार का संसद भवन बनाया जाएगा:
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नई संसद भवन से लेकर सरकारी मंत्रालय तक बनाए जा रहे हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत मौजूदा संसद भवन की जगह त्रिभुज आकार का संसद भवन बनाया जाएगा. ये स्नैप पोल 23 से 27 मई के बीच किया गया है. सर्वे में 12 हजार 70 लोगों से बात की गई है. सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी तक है.

और पढ़ें