नई दिल्ली केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दी Z कैटेगरी की सुरक्षा

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दी Z कैटेगरी की सुरक्षा

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को दी Z कैटेगरी की सुरक्षा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को प्रमुख मुस्लिम नेता एवं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो द्वारा ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. एक दिन पहले ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओवैसी की कार पर गोलियां चलाए जाने की घटना हुई थी. सूत्रों ने बताया कि ओवैसी की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सीआरपीएफ कमांडो तैनात रहेंगे. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय हापुड़ में उनकी कार पर कथित रूप से गोली चलाए जाने की घटना के एक दिन बाद आया है. 

ओवैसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद गुरुवार शाम को दिल्ली लौट रहे थे. एक सप्ताह बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव शुरू होने वाले हैं. ओवैसी ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ. अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद ओवैसी पर खतरे के स्तर का नए सिरे से आकलन किया गया. ‘जेड’’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत सीआरपीएफ के दूसरे सबसे बड़े कमांडो ओवैसी की 24 घंटे सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे. करीब 16-20 सशस्त्र कमांडो पालियों में तैनात किए जाएंगे. सड़क मार्ग से यात्रा के उन्हें एक ‘एस्कॉर्ट’ और एक ‘पायलट’ वाहन भी प्रदान किया जाएगा. ‘जेड-प्लस’ भारत में उच्च खतरे की आशंका वाले व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली उच्चतम श्रेणी की सुरक्षा है. ओवैसी ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से घटना की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

 

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि इस घटना में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से एक पिस्तौल बरामद की गई है. पुलिस ने यह भी कहा कि कई टीम मामले की जांच कर रही है. जांच की निगरानी के लिए मेरठ क्षेत्र के एक महानिरीक्षक को भेजा गया. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों के 58 विधानसभा क्षेत्रों में 10 फरवरी को चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं. सोर्स- भाषा

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