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मान्यता खत्म, खेल खत्म ! 54 राष्ट्रीय महासंघों की मान्यता खत्म, अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं

जयपुर: खेल मंत्रालय ने देश के 54 खेल संघों की मान्यता खत्म कर दी है और इसका सीधा असर अब खिलाड़ियों के भविष्य और ओलिंपिक तैयारियों पर पड़ेगा. मंत्रालय के इस आदेश के बाद देश में कोई भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं रह गया है. अब भविष्य को लेकर खिलाड़ी अधरझूल में है. 

-केंद्रीय खेल मंत्रालय को बड़ा फैसला
-कोर्ट के आदेश के बाद लिया फैसला
-54 राष्ट्रीय महासंघों की मान्यता वापस ली
-2 जून को अस्थाई मान्यता दी थी मंत्रालय ने
-लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद वापस लेना पड़ा फैसला
-अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं
-हॉकी, फुटबॉल व एथलेटिक्स सहित प्रमुख खेल संघ अधरझूल में
-खिलाड़ी भी अब भविष्य को लेकर हुए परेशान

खेल संघों के भविष्य पर ही सवालिया निशान:
कोरोना संकट के कारण देश में खेल गतिविधियां पहले से ही बंद है और अब खेल मंत्रालय के एक फैसले के बाद तो खेल संघों के भविष्य पर ही सवालिया निशान खड़ा हो गया है. दर असल दो जून को खेल मंत्रालय ने 54 खेल संघों को मान्यता का आदेश जारी किया था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट कोर्ट ने कहा कि मंत्रालय ने 7 फरवरी के उसके आदेश का पालन नहीं किया और अदालत को पूर्व में सूचित किए बगैर फैसला लिया. इसके बाद खेल मंत्रालय के उप सचिव एसपीएस तोमर ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक संदीप प्रधान को लिखे पत्र में कहा कि पिछले 2 जून का 54 राष्ट्रीय महासंघों को अस्थाई वार्षिक मान्यता देने वाला पत्र वापस लिया जाता है. दरअसल 54 राष्ट्रीय खेल महासंघों को इस साल सितंबर तक मान्यता प्रदान की थी, लेकिन मंत्रालय ने भारतीय पैरालिंपिक समिति (PCI), भारतीय नौकायन महासंघ (RFI) और भारतीय स्कूल खेल महासंघ (SGFI) को फिर से मान्यता प्रदान नहीं की गई. जिसके कारण मामला कोर्ट में चला गया.

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अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं:
खेल मंत्रालय के इस आदेश के बाद देश में कोई भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं रह गया है. ऐसे में अब प्रतिबंधिक काल में न सिर्फ मंत्रालय द्वारा खेल संघों को मिलने वाला फंड बंद हो जाएगा, बल्कि इस दौरान विजेताओं को उनकी ओर से मिलने वाले प्रमाण पत्रों का भी कोई महत्व नहीं बचेगा, जिसके आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलती रही है. कोर्ट ने मंत्रालय को अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने को कहा है. अब मंत्रालय को खेल संघों की मान्यता के लिए फिर से नया प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल करना होगा. वैसे तो कोरोना के चलते फिलहाल खेल गतिविधियां ठप पड़ी हुई हो, लेकिन अगर जल्द ही खेल संघों की मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाएंगी. बिना खेल संघों की मान्यता के कोई भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं होगी. किसी भी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन की अनुमति नहीं मिलेगी.

-मान्यता खत्म, खेल खत्म
-संघों को मिलने वाला फंड बंद हो जाएगा
-खिलाड़ियों के प्रमाण पत्रों का महत्व नहीं बचेगा
-प्रमाण पत्र से खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलती रही है
-कोई भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं हो पाएगी देश में
-अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन की अनुमति नहीं मिलेगी

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