अस्पताल में सेंट्रलाइज कूलिंग सिस्टम एक साल से खराब, नवजातों को झेलनी पड़ रही यातनाएं

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/03 01:08

डूंगरपुर: कहते है माँ-बाप अपनी संतान को दुनिया का हर सुख देना चाहते है लेकिन डूंगरपुर में एक ऐसा अस्पताल है जहां बच्चे के दुनिया मे आते ही उसके माता-पिता की चिंताएं बढ़ जाती है. जन्म लेते ही नवजात को यातनाएं झेलनी पड़ती है और उसको जन्म देने वाली मां अपने जिगर के टुकड़े को राहत देने की कोशिश करती नजर आती है.  

अस्पताल में रोजाना होती है 25 डिलीवरी: 
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े महिला एवं शिशु चिकित्सालय में रोजाना औसतन 25 डिलीवरी होती है और करीब 200 नवजात और प्रसूताएं 100 भर्ती रहते है. लेकिन अस्पताल की लापरवाही इस अस्पताल में भर्ती प्रसुताओं, जच्चा व बच्चा सभी पर भारी पड़ रही है. दरअसल करीब 5 साल पहले 16 करोड़ की लागत से बने मातृ एवं शिशु अस्पताल में तापमान नियंत्रित करने के लिए सेंट्रलाइज कूलिंग सिस्टम लगाया गया था लेकिन ये सिस्टम पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से बंद है. ऐसे में यहां भर्ती होने वाले मरीजों को गर्मी और उमस के मौसम में परेशानी झेलनी पड़ती है. इसी परेशानी का आलम है की यहां कुछ घंटों पहले जन्मे बच्चे को उसकी मां गत्ते से हवा करती नजर आ रही है. ये नजारा अस्पताल के हर बेड़ पर नजर आ ही जाता है. 

कूलिंग सिस्टम बंद होने के पीछे हैरान करने वाला जवाब? 
इस मामले में जब अस्पताल के एचओडी डॉ. नीलेश गोठी से बात की गई तो उन्होंने कूलिंग सिस्टम बंद होने के पीछे ऐसा कारण बताया जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. डॉ. गोठी ने बताया कि कूलिंग सिस्टम पानी से चलता है और सिस्टम में पानी भरने के लिए स्टाफ नही है.  

सरकार लाखों रुपये कर रही खर्च: 
सैकड़ों कर्मचारियों वाले मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को चलाने में हर महीने सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है लेकिन सिर्फ कूलिंग सिस्टम में पानी भरने वाला नहीं होने के चलते सैकड़ों प्रसूताएं, नवजात और मेडिकल स्टाफ दिनभर पसीना पोंछते नजर आता है. अगर स्थानीय स्तर पर थोड़ी सी व्यवस्थाएं बदल दी जाए तो इस मामूली समस्या का समाधान हो सकता है लेकिन लकीर के फ़क़ीर की तरह चलने वाले सरकारी महकमे की लापरवाही साफ़-साफ़ नजर आती है.  

...पुनीत चतुर्वेदी फर्स्ट इंडिया न्यूज़, डूंगरपुर 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in