चंपत राय ने राम मंदिर के बहाने सोनिया गांधी की नागरिकता का मुद्दा छेड़ा, कहा- कोई भी प्राप्त कर सकता है नागरिकता 

चंपत राय ने राम मंदिर के बहाने सोनिया गांधी की नागरिकता का मुद्दा छेड़ा, कहा- कोई भी प्राप्त कर सकता है नागरिकता 

चंपत राय ने राम मंदिर के बहाने सोनिया गांधी की नागरिकता का मुद्दा छेड़ा, कहा- कोई भी प्राप्त कर सकता है नागरिकता 

प्रयागराज: विश्व हिंदू परिषद (विहिप)के केंद्रीय उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में राम मंदिर के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता का मुद्दा छेड़ते हुए कहा कि नागरिकता कोई भी प्राप्त कर सकता है, नागरिकता बदली जा सकती है, छोड़ी जा सकती है, लेकिन यहां जन्मे लोग, भारत मां के पुत्र हैं और कोई भी अपनी मां को कैसे छोड़ सकता है.

फार्म भरकर कोई भी बन सकता है यहां नागरिकः
विहिप उपाध्यक्ष ने शनिवार को अलोपीबाग स्थित जगदगुरु वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में श्रीराम मंदिर निर्माण समर्पण निधि आयोजन को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर भारत मां के पुत्रों के पुरुषार्थ से बनना चाहिए. हमारे यहां नागरिक नहीं होते, बल्कि हमारे यहां तो सभी (भारत मां के) पुत्र हैं. सोनिया गांधी नागरिक हैं. फार्म भरकर सरकार द्वारा निर्धारित पैसा जमा करके व्यक्ति नागरिक बन जाता है. उल्लेखनीय है कि विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में जन भागीदारी के लिए श्रीराम मंदिर निर्माण समर्पण अभियान चला रहा है और इसी कड़ी में प्रयागराज में शनिवार को यह आयोजन किया गया.

मंदिर का निर्माण में लगेगा 36 से 39 महीने का समयः 
विहिप उपाध्यक्ष ने कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद यह ऐतिहासिक मंदिर बनने जा रहा है, आपके योगदान से इस मंदिर का निर्माण होने पर आने वाली पीढ़ियां गर्व से कहेंगी कि उनके पूर्वजों का इस मंदिर में योगदान है, इस मंदिर का निर्माण 36 से 39 महीने में पूरा हो जाएगा, वास्तव में पांच महीने तो इस मंदिर के लिए नींव आदि के वैज्ञानिक परीक्षण, अध्ययन आदि होता रहा. उन्होंने कहा कि लोगों से इस मंदिर निर्माण के लिए स्वैच्छिक योगदान का अभियान 27 फरवरी तक चलेगा.

आने वाली पीढ़ियां करेगी गर्वः
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में बिड़ला घराने ने अनेकों भव्य मंदिर बनवाए जिन्हें बिड़ला मंदिर के नाम से जाना जाता है, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाला मंदिर जन-जन का मंदिर होगा, आने वाली पीढ़ियां इस बात का गर्व कर सकेंगी कि इस मंदिर में उनके पूर्वजों का भी योगदान है.

उप मुख्यमंत्री ने 30 महीने का वेतन का दिया दानः
उप मुख्यमंत्री ने अपने 30 महीने का वेतन (11 लाख रुपए) राम मंदिर निर्माण के लिए अंशदान किया. इसके अलावा, मौर्य ने अपने विभाग- लोक निर्माण विभाग- के अधिकारियों द्वारा किए गए अंशदान (एक करोड़, एक लाख रुपये) का चेक ट्रस्ट के महासचिव को भेंट किया. इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख रहे दिवंगत अशोक सिंघल को स्मरण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंघलजी ने पूरी दुनिया में हिंदुत्व की पताका फहराने का जो काम किया, उसके लिए उनके पास शब्द नहीं हैं. उन्होंने कहा कि साधु संतों के मार्गदर्शन में सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन चलाया, आज वह स्वप्न पूरा होने जा रहा है. कार्यक्रम में जगदगुरु वासुदेवानंद सरस्वती के साथ ही फूलपुर से लोकसभा सदस्य केसरीदेवी पटेल, संघ के कई पदाधिकारी और विहिप के कई पदाधिकारी मौजूद थे.
सोर्स भाषा

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