कोरोना के 'साइड इफेक्ट' का बदलता स्वरूप ! संक्रमण से ठीक होने के बाद भी दिल, दिमाग और किडनी पर दिख रहा असर

कोरोना के 'साइड इफेक्ट' का बदलता स्वरूप ! संक्रमण से ठीक होने के बाद भी दिल, दिमाग और किडनी पर दिख रहा असर

जयपुर: प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच रिकवर्ड मरीजों में कई तरह के नए साइड इफेक्ट ने चिकित्सकों की चिंता बढ़ा दी है. पहले जहां कोरोना के बाद फेफडों में संक्रमण के केस देखे जा रहे थे, वहीं अब कोविड संक्रमण से ठीक होने के बाद लोगों में दिल, दिमाग और किडनी पर भी असर सामने आ रहा है. खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिकित्सा विशेषज्ञों ने यह फीडबैक दिया है. पिछले छह महीनों के अनुभवों के आधार पर कोरोना से जुड़ी बहुत सी नई जानकारियां सामने आई हैं. कोरोना का टेस्ट कराकर नेगेटिव आने वाले और कोविड पॉजिटिव होकर नेगेटिव हुए सभी लोग के लिए फर्स्ट इंडिया की एक्सलुसिव रिपोर्ट....

मरीजों के लिए एतियात बरतना काफी जरूरी: 
कोविड-19 से संक्रमित होकर भले ही आप ठीक हो गए हो, लेकिन फिर भी ऐसे मरीजों के लिए एतियात बरतना काफी जरूरी है. जी हां, ये कोई हमारी सलाह नहीं, बल्कि राजस्थान में कोरोना की जंग में अहम भूमिका निभाने वाले चिकित्सकों की राय है. दरअसल, कोरोना से ठीक होने के बाद भी शरीर पर इसके दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं. कोविड-19 की शुरुआत में इसका असर पहले सिर्फ लंग्स (फेफड़ों) पर ही माना गया था लेकिन अब राज्य सरकार ने अपने एक्पर्ट्स से जो बातचीत की उसके बाद सभी ने बताया है कि यह वायरस मरीज के दिल, दिमाग और किडनी पर गंभीर असर डाल रहा है. इस बीमारी से ठीक होने के बाद भी नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर गंभीर असर पड़ रहा है. ऐसे में सूबे के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने इस बीमारी से संक्रमित होकर ठीक होने वाले लोगों से पूरी सावधानियां बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह वायरस सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है इसलिये सभी को इससे सावधान रहना चाहिये.

जरूरत होने पर सीटी स्कैन भी करायें:
राजस्थान में करवाये जा रहे RT-PCR टेस्ट अभी तक इस बीमारी की जांच के लिये विश्व में सबसे विश्वसनीय टेस्ट है. लेकिन इस टेस्ट में कोरोना होने के बावजूद भी 30 प्रतिशत फॉल्स निगेटिव आने की संभावना रहती है. ऐसे में निगेटिव टेस्ट आने के बाद भी शरीर में कोरोना के लक्षण दिखें तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरत होने पर सीटी स्कैन भी करायें. सीटी स्कैन से फेफड़ों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाती है.

सबको इस बीमारी से बचाव के सभी उपाय अपनाने चाहिये:
चिकित्सा मंत्री ने ये भी कहा है कि अभी तक कोरोना को लेकर कोई वैक्सीन नहीं बनी है. इसलिये हम सबको इस बीमारी से बचाव के सभी उपाय अपनाने चाहिये. मास्क लगाना, हाथ साफ करना, सोशल डिस्टैंसिंग रखना और भीड़भाड़ में ना जाना अपनी आदत में शामिल रखें. तभी कोरोना के खिलाफ लड़ाई मजबूती से लड़ी जा सकेगी.

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