उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ चार धाम पुजारियों ने आंदोलन अस्थायी रूप से किया स्थगित

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ चार धाम पुजारियों ने आंदोलन अस्थायी रूप से किया स्थगित

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ चार धाम पुजारियों ने आंदोलन अस्थायी रूप से किया स्थगित

देहरादून: चार धाम मंदिरों के पुजारियों ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए अपने आंदोलन को शनिवार को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया. दरअसल इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि 30 अक्टूबर तक उनकी चिंताओं को दूर कर दिया जाएगा. पुजारियों ने बताया कि चार धाम के आठ पुजारियों को देवस्थानम बोर्ड मुद्दे पर गौर करने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति का हिस्सा बनने के लिए भी आमंत्रित किया गया है.

उत्तराखंड के मंदिरों के पुजारी लंबे समय से बोर्ड को भंग करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इसे वे अपने अधिकारों में अतिक्रमण के तौर पर देखते हैं. उल्लेखनीय है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान गठित किये गये देवस्थानम बोर्ड को चार धाम सहित राज्य में 51 मंदिरों के कामकाज का प्रबंधन करने का अधिकार प्राप्त है. हालांकि राज्य के शासन की बागडोर संभालने के शीघ्र बाद पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुंभ के दौरान घोषणा की थी कि मंदिरों को बोर्ड के नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा, लेकिन इसे क्रियान्वित करने से पहले ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया.

पुष्कर सिंह धामी  चार धाम महापंचायत संयोजक सुरेश सेमवाल को किया आश्वस्त
गंगोत्री मंदिर समिति प्रमुख एवं चार धाम महापंचायत संयोजक सुरेश सेमवाल ने धामी से पुजारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वस्त किया है कि हमारे अधिकार अक्षुण्ण रहेंगे. हमें देवस्थानम बोर्ड मुद्दे पर गौर कर रही उच्च अधिकार प्राप्त समिति में प्रतिनिधित्व मिलेगा और हमारी चिंताओं को दूर कर दिया जाएगा उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर तक समाधान निकालने के उनके (धामी के) आश्वासन के बाद हमने तब तक के लिए अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है. धामी ने कहा कि सरकार मनोहर कांत ध्यानी के नेतृत्व वाली उच्च अधिकार प्राप्त समिति समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद राज्य के हित में कोई फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समिति पुजारियों की चिंताओं को सुनेगी और मुद्दे का समाधान पेश करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्यानी जी ने जीवन भर पुजारियों के बीच काम किया है. समिति गठित करने का एकमात्र उद्देश्य पुजारियों की चिंताओं को सुनना है. धामी ने कहा कि चार धाम के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा शुरू करना भी एक प्राथमिकता है. चार धाम महापंचायत सदस्य उमेश सती ने कहा कि पुजारी सरकार की कोशिशों के नतीजों के आधार पर अपनी भविष्य की रणनीति तय करेंगे. उन्होंने कहा कि युवा मुख्यमंत्री से हमें काफी उम्मीदें हैं. सोर्स- भाषा
 

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