चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे CM पद की शपथ

चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे CM पद की शपथ

चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे CM पद की शपथ

चंडीगढ़:  पंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें रविवार को पार्टी विधायक दल का नया नेता चुना गया है  चरणजीत सिंह चन्नी ने रविवार शाम को राज्यपाल से मुलाकात की मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि वह कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

आपको बता दें की चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित नेता हैं, जो राज्य का मुख्यमंत्री बनेंगे. कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बताया कि चन्नी को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया. रावत ने ट्वीट किया कि यह घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है कि चरणजीत सिंह चन्नी को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 58 वर्षीय चन्नी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह ने पार्टी विधायक दल का नया नेता चुने जाने पर चन्नी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वह सीमान्त राज्य पंजाब और लोगों की सुरक्षा कर सकेंगे . तो वहीं राहुल गांधी ने भी चन्नी को बधाई देते हुए कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी जी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई. हमें पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना जारी रखना चाहिए. उनका विश्वास सर्वोपरि है. 

इससे पहले, राज्य के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चलने की चर्चा थी, हालांकि ऐन मौके पर कांग्रेस आलाकमान ने चन्नी के नाम पर मुहर लगाई. सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने चन्नी के नाम की जोरदार पैरवी की और फिर राहुल गांधी ने दिल्ली में लंबी मंत्रणा के बाद चन्नी के नाम को मंजूरी दी. चन्नी दलित सिख समुदाय से आते हैं और अमरिंदर सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे. वह रूपनगर जिले के चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन के शासनकाल के दौरान साल 2015-16 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थे. विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले चन्नी को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश में है. प्रदेश में 30 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी है. 

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