मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी विधायकों को दिया डिनर, गेट पर खड़े रहकर किया स्वागत

Naresh Sharma Published Date 2019/08/01 09:15

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी पुरानी परंपरा फिर से शुरू करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश के सभी विधायकों को डिनर दिया. विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आयोजित इस पॉलिटिकल डिनर में कांग्रेस के अलावा भाजपा, माकपा, बसपा सहित सभी दलों के विधायक मौजूद रहे.  

मुख्यमंत्री ने किया गेट पर खड़े रहकर स्वागत:  
मुख्यमंत्री आवास का नजारा बुधवार को कुछ अलग ही था, पुलिस व सेना के बैंड को स्वर लहरिया गूंज रही थी और खुद मुख्यमंत्री प्रदेश के विधायकों, मंत्रियों व उनके परिजनों का गेट पर खड़े रहकर स्वागत कर रहे थे. दरअसल मौका था मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित पोलिटिकल डिनर का. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, विधानसभा मुख्य सचेतक महेश जोशी उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, शिक्षा मंन्त्री गोविंद डोटासरा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी सहित सरकार के मंन्त्री व कांग्रेस के अधिकांश विधायक इसमें शामिल हुए. बसपा के सभी छह विधायको सहित सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक भी आये. मुख्यमंत्री का निमंत्रण पाकर  प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, वासुदेव देवनानी, मदन दिलावर, किरण माहेश्वरी सहित कई भाजपा विधायक पहुंचे. मुख्यमंत्री ने सभी की अगवानी की. कई विधायक अपनी पत्नी व  बच्चों के साथ आये. 

पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भी नजर आए: 
नेताओं के अलावा सी एस डी बी गुप्ता, डीजीपी भूपेंद्र यादव सहित पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भी नजर आए. डिनर के दौरान पक्ष विपक्ष के सदस्यों ने सदन की कटुता भुलाते हुए पारिवारिक माहौल का लुत्फ उठाया. मुख्यमंत्री ने विधायको के लिए कई तरह के पकवान बनवाए. इस दौरान राजनीति की भी बात हुई, तो बजट सत्र के दौरान के कई वाकयो को भी याद किया गया. हंसी मजाक का दौर भी देर तक चलता रहा. 

सीएम गहलोत एक बार फिर से इस परंपरा को शुरू किया:
दरअसल पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री आवास पर सपत्नीक डिनर में पहुंचने की परंपरा बंद हो गई थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर से इस परंपरा को शुरू किया है. उम्मीद की जा रही है कि अब विधायक दलगत मामलों से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास में भागीदारी बनेंगे. वहीं इस डिनर के माध्यम से गहलोत ने एक बार फिर राजनीतिक जादूगरी दिखाते हुए दर्शा दिया कि बसपा व निर्दलीय विधायको का पूरा विश्वास उन्होंने जीत रखा है. 

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